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Kashi Vishwanath Temple: काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन भर VIP दर्शन पर रोक; अखाड़ा परिषद ने किया फैसले का स्वागत

Kashi Vishwanath Temple: सावन में भीड़ को देखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर में VIP दर्शन बंद रहेंगे. राजा हो या रंक, सब एक कतार में दिखेंगे. अखाड़ा परिषद ने फैसले को सही बताया है.

Kashi Vishwanath Temple: सावन के पावन महीने में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए वाराणसी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी खबर है. वाराणसी प्रशासन ने इस बार सावन के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर में वीआईपी (VIP) दर्शन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. अब बाबा के दरबार में 'राजा हो या रंक', सभी एक ही कतार में खड़े होकर जलाभिषेक और दर्शन कर सकेंगे.

प्रशासन के इस ऐतिहासिक फैसले का साधु-संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने खुला समर्थन किया है.

आम श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लिया गया फैसला

सावन के महीने में काशी विश्वनाथ मंदिर में देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं. अत्यधिक भीड़ के कारण आम भक्तों को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है.

प्रशासन का मानना है कि वीआईपी दर्शन बंद होने से:

  • कतारें तेजी से आगे बढ़ेंगी.
  • आम श्रद्धालुओं का प्रतीक्षा समय कम होगा.
  • मंदिर परिसर में कानून-व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) सुचारू रूप से हो सकेगा.

'भगवान के दरबार में सब एक समान' – अखाड़ा परिषद

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने प्रशासन के इस कदम का पुरजोर स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि संत समाज हमेशा से यही चाहता है कि भगवान के दरबार में सभी भक्त एक समान हों.

"विशेष वीआईपी दर्शन की व्यवस्था केवल उन्हीं असाधारण परिस्थितियों में होनी चाहिए, जब कोई भक्त शारीरिक रूप से अक्षम या बीमार हो. सामान्य दिनों में वीआईपी के नाम पर भेदभाव करना बिल्कुल गलत है."

मंदिरों के 'व्यवसायीकरण' पर उठाए सवाल

श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने दक्षिण भारत के मंदिरों का उदाहरण देते हुए कहा कि वीआईपी दर्शन और इसके लिए शुल्क लेने की परंपरा वहीं से शुरू हुई, जो धीरे-धीरे देश के कई बड़े मंदिरों में फैल गई. उन्होंने उत्तराखंड के हरिद्वार का जिक्र करते हुए कहा कि हरिद्वार में कई प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर हैं, लेकिन वहां वीआईपी दर्शन के लिए न तो कोई पैसा लिया जाता है और न ही कोई टिकट व्यवस्था है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मंदिरों को व्यावसायिक केंद्र बनाना अनुचित है.

सावन 2026: एक ही कतार में दिखेंगे वीआईपी और आम भक्त

प्रशासन और मंदिर प्रबंधन के इस साझा फैसले के बाद अब सावन के पूरे महीने काशी विश्वनाथ धाम में समानता का नजारा देखने को मिलेगा. इस बार किसी भी वीआईपी को विशेष विशेषाधिकार नहीं मिलेगा, जिससे आम शिवभक्तों को बेहद सुलभ और शांतिपूर्ण तरीके से बाबा विश्वनाथ के दिव्य दर्शन प्राप्त हो सकेंगे.

यह भी पढ़े- कुंडली के पितृ दोष और कालसर्प दोष को दूर करने के लिए भगवान शिव के विशेष मंत्र और उनकी जप विधि क्या है?

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Input By : रोहित सिखोला
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