किसी भी जीवित प्राणी के साथ क्रूरता करना मना है। उन्हें भूखा या प्यासा नहीं छोड़ना चाहिए, और उनके पिंजरे का आकार इतना बड़ा होना चाहिए कि वे उड़ और फुदक सकें।
Islam: क्या पक्षियों को पिंजरे में रखना हराम है? कुरान और हदीस में छिपा है इससे जुड़ा रहस्य!
Islam: आज के मॉडर्न जमाने में हर कोई अपने घरों में पक्षियों को शौक और सकून के लिए पालते हैं. लेकिन मुस्लिम समाज में ये सवाल उठता है कि पक्षियों को पिंजरे में बंद करके रखना जायज है या नहीं, यहां जानें.

- परोपकार या मनोरंजन हेतु पक्षियों की आज़ादी छीनना गुनाह माना जाता है।
Islam: आज के समय में ज्यादातर लोग अपने घरों में शौक या सुकून के लिए पक्षियों को पालते हैं, लेकिन मुस्लिम समाज में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या इस्लाम में पक्षियों को बंद पिंजरे में रखना उचित है.
लेकिन इस्लाम धर्म में पक्षियों को पिंजरे में रखना हराम नहीं माना जाता है, बशर्ते उनकी पूरी देखभाल की जाए, उन्हें खाना-पीना दिया जाए, और उनकी सभी जरूरतों को पूरा किया जाए.
कुरान के अनुसार पक्षियों को पिंजरे में रखना हराम
कुरान के अनुसार पक्षियों को पिंजरे में रखना हराम नहीं है, अगर आप उनके साथ क्रूरता व्यवहार न करें और उनकी देखभाल करें. उन्हें पर्याप्त भोजन, पानी और एक बड़ा, हवादार पिंजरा देना आवश्यक है. इस्लाम में जानवरों के प्रति दया और उनके कल्याण को प्राथमिकता दी जाती है, और किसी भी जीवित प्राणी के साथ क्रूरता करना मना है.
पक्षियों को पिंजरे में रखना तभी स्वीकार्य है जब उनकी बुनियादी जरूरतों का पूरा ख्याल रखा जाए, जैसे कि उन्हें समय पर खाना और पानी देना और उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना.
किसी भी जानवर के साथ क्रूरता करना इस्लाम में हराम है. इसका मतलब है कि उन्हें भूखा या प्यासा नहीं छोड़ना चाहिए, और उनके पिंजरे का आकार इतना बड़ा होना चाहिए कि वे उड़ और फुदक सकें.
जबकि पिंजरे में पक्षियों को रखना पूरी तरह से प्रतिबंधित नहीं है, इस्लाम में यह शिक्षा दी गई है कि उन्हें स्वतंत्रता का अधिकार है. कुछ इस्लामिक विद्वानों का मानना है कि पक्षियों की आजादी छीनना गलत है, भले ही उनकी देखभाल की जा रही हो.
हदीस के अनुसार पक्षियों को पिंजरे में रखना हराम
हदीस के अनुसार पक्षियों को पिंजरे में रखना हराम नहीं है, पिंजरे में पक्षी पालना, अगर अच्छे से देखभाल की जाए, तो हराम नहीं है. इसे जायज माना जाता है अगर इसके पीछे कोई फायदा हो, जैसे कि उनका संगीत या रूप-रंग देखकर आनंद लेना.
पक्षियों को पिंजरे में बंद करके उन्हें जानबूझकर कष्ट देना गुनाह है और हराम माना जाता है.
पक्षी पालने वाले पर उन्हें खाना-पानी देना और उनका ख्याल रखना बहुत जरूरी है.
एक हदीस में बताया गया है कि, अगर कोई व्यक्ति पक्षी को भूखा और प्यासा रखकर मार देता है, तो उसे जहन्नुम की सजा भी मिल सकती है.
पैगंबर मुहम्मद ने जोर देकर कहा कि पक्षियों या किसी भी जानवर को केवल मनोरंजन के लिए अगर कैद किया जाता है. या उसकी आजादी छीन ली जाती है, तो इसके लिए उस व्यक्ति को कयामत के दिन जवाबदेह ठहराया जाएगा.
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