Indresh Upadhyay Biography: 'राधा गोरी' भजन फेम कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की जीवनी, जानिए कथा, फीस, फैमली और अनसुनी बातें!
Indresh upadhyay Bio: वृंदावन के युवा कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी छाए हुए हैं. कथा के साथ उनके भजन लोगों का मन मोह लेते हैं. इंद्रेश महाराज का जीवन परिचय जानिए.

Indresh upadhyay biography in Hindi: इंद्रेश उपाध्याय भारत के युवा कथावाचकों में शामिल हैं, जिनके प्रवचन का दीवाना हर कोई है. स्वभाव से मधुर और दयालु इंद्रेश जी कथा सुनाते समय इतने रम जाते हैं, कि मानों कोई व्यक्ति नहीं बल्कि भगवान का कोई बेहद खास कथा सुना रहा हो.
आज 'राधा गोरी-गोरी' गाने से सभी के दिलों में जगह बनाने वाले इंद्रेश उपाध्याय की जीवनी के बारे जानेंगे.
Gen Z के बीच काफी पॉपुलर
इंद्रेश उपाध्याय का जन्म 7 अगस्त 1997 को उत्तर प्रदेश के श्री धाम वृंदावन में हुआ है. इस हिसाब से महाराज जी 28 साल के हो चुके हैं. उनका सोशल मीडिया पर Gen Z के बीच पॉपुलर होने का दो मुख्य कारण हैं. जिसमें पहला उनका मधुर और शांत स्वभाव सभी को रास आता है.
जबकि दूसरा कारण उनका गाना 'राधा गोरी-गोरी' राधा रमणम् और भी बहुत से भजन हैं.
सोशल मीडिया पर रहते हैं एक्टिव
इंद्रेश जी के पिता जी का नाम श्री कृष्ण चंद्र ठाकुर और माता जी का नाम श्रीमती नरवादा शर्मा हैं. महाराज जी 3 बहनों के अकेले भाई हैं. महाराज जी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर उनके 1.9 मिलियन फॉलोअर्स हैं, यूट्यूब पर भक्ति पथ नाम का चैनल है, जिसपर 1.33 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं.
महाराज जी की कथा फीस
इंद्रेश उपाध्याय के प्रवचन काफी सरल, सौम्य और शांत होते हैं. अपनी कथा में वो भगवद गीता और अन्य कई तरह के धार्मिक ग्रंथों की जानकारी देते हैं. बहुत से लोगों को यह जानने की उत्सुकता रहती है कि, महाराज जी एक कथा का कितना चार्ज करते हैं. आपको बता दें कि, भगवद गीता फीस कई बातों पर निर्भर करती है.
- कार्यक्रम की अवधि
- कार्यक्रम किस शहर या राज्य में है?
- आयोजक समिति की क्षमता और बजट भी निर्भर करता है.
- रहने और यात्रा में आने जाने के लिए व्यवस्था कैसी रहने वाली है?
- इंद्रेश उपाध्याय अधिकतम लंबी कथा कराते हैं, जिसमें कम से कम एक हफ्ते का समय लगता है.
इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भागवत कथा सेवा की कीमत स्थानीय वक्ताओं के लिए 11 हजार से लेकर प्रमुख और प्रसिद्ध कथावाचकों के लिए 51 हजार से लेकर 1 लाख 51 हजार प्रति आयोजन तक जा सकती है. हालांकि इस बात में कितनी सत्यता है, यह बता पाना थोड़ा मुश्किल है.
भक्ति के साथ संगीत के भी शौकिन
भक्ति के साथ संगीत में भी इंद्रेश महाराज ने महारत हासिल कर रखी है. उनके भजन लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुंचते हैं और सोशल मीडिया पर वायरल हो जाते हैं.
हाल ही में उनका एक गाना 'राधा गोरी गोरी' पंजाबी सिंगर बी प्राक के साथ आया है. यह गाना हर आयु वर्ग के लोगों को काफी लुभा रहा है. इस गाने को इंद्रेश उपाध्याय और बी प्राक दोनों ने ही अपने अंदाज में गाया है.
इसके अलावा इंद्रेश जी के कुछ अन्य भजन भी हैं, जो सोशल मीडिया पर हमेशा छाए रहते हैं. इनमें राधा रमण, बैरागन, प्यारो वृंदावन, जादू करके और गोवर्धन वासी आज भी लाखों लोग सुनते हैं.
| इंद्रेश महाराज जी का पेशा | कथावाचक और आध्यात्मिक गुरु |
| लंबाई | 5.6 (168 cm) |
| आंखों का कलर | गहरा भूरा |
| बालों का कलर | काला |
| जन्म तिथि | 7 अगस्त 1997 (गुरुवार) |
| आयु | 28 साल |
| जन्म स्थान | वृंदावन, उत्तर प्रदेश |
| राशि | सिंह |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| पैतृक गांव | वृंदावन |
| स्कूल | कान्हा माखन पब्लिक स्कूल, वृंदावन |
| धर्म | हिंदू |
| सोशल मीडिया | |
| वैवाहिक स्थिति | अविवाहित |
इंद्रेश महाराज से जी जुड़े रोचक तथ्य
- इंद्रेश उपाध्याय एक हिंदू परिवार में जन्मे, जहां का वातावरण काफी धार्मिक था.
- मात्र 13 साल की छोटी उम्र में ही इंद्रेश महाराज जी ने अपने पिता श्री कृष्ण चंद्र ठाकुर जी से संपूर्ण भगवद्गीता सीख ली थी.
- वह बचपन से ही एक मेधावी छात्र होने के साथ अद्भुत कहानीकार भी थे.
- इंद्रेश जी के गुरु उनके पिता और आध्यात्मिक नेता श्री कृष्ण चंद्र ठाकुर ही हैं.
- महाराज जी दुनियाभर में श्रीमद्भागवत कथा और भक्ति गीतों और भजनों के कारण दुनियाभर में काफी प्रसिद्ध हैं.
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