एक्सप्लोरर

Guru Purnima 2024: गुरु पूर्णिमा का पर्व मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धि के लिए प्रेरित करता है

Guru Purnima 2024: आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कह जाता है, जोकि 21 जुलाई 2024 को है. यह भक्तों और साधकों का दिन होता है. मान्यता है कि गुरु पूर्णिमा मनाने की परंपरा नारायण के काल से चली आ रही है

Guru Purnima 2024: लोक-परंपरा के अनुसार गुरु पूर्णिमा का दिन गुरु और शिष्य के लिए खास होता है. आज के दिन शिष्य अपने गुरु के चरण छूकर उनका आशीर्वाद लेते हैं. व्रत चंद्रिका अध्याय क्रमांक 12 के अनुसार, आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि को भगवान वेद व्यास की स्मृति में गुरु पूर्णिमा के रूप मनाई जाती है.

महाभारत आदि पर्व 104.15 के अनुसार वेद व्यास ने 4 वेदों (Vedas), ऋग्वेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद और सामवेद की व्याख्या की थी इसलिए उन्हें 'व्यास' की उपाधि दी गई है और चूंकि उनका रंग काला था इसलिए उन्हें कृष्ण कहा जाता है. 
 
वेद व्यास को द्वैपायन क्यों कहा जाता है?

महाभारत आदि पर्व 63.86 के अनुसार, वेद व्यास (Ved Vyas) को इस दौरान यमुना द्वीप पर छोड़ दिया गया था, इसलिए उनका नाम द्वैपायन रखा गया. उनको प्रथम गुरुओं में से एक माना गया है इसलिए यह परंपरा है कि इस दिन हमें अपने जीवन में आए सभी गुरुजनों की पूजा करनी चाहिए और उनका आशीर्वाद लेना चाहिए.

गुरु-शिष्य परंपरा में विश्वास रखने वालों के लिए गुरु पूर्णिमा का दिन बहुत महत्वपूर्ण है. कल्पभेद के अनुसार देखा जाए तो नारायण को आदिगुरु माना जाता है, इसलिए गुरु पूर्णिमा मनाने की परंपरा भगवान नारायण (Lord Vishnu) के काल से चली आ रही है.

आदिकाल से ही भारतवर्ष में सद्गुरुओं और ब्रह्मज्ञानियों ने हमारी संस्कृति में स्थापित भौतिक तथा आध्यात्मिक कई विषयों पर उपलब्ध उच्चतम ज्ञान को संरक्षित रख कर मानवता के कल्याण के लिए उसे आगे बढ़ाने का कार्य किया है. उन्हें स्मरण करने और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करने की यह परंपरा भी प्राचीन काल से ही चली आ रही है जिस हम गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाते है. 

इसी गुरु-शिष्य परंपरा के कारण ही हमारे देश की प्रत्येक संस्कृति में यह सुनिश्चित हो पाया कि उन्हें तथा आने वाली पीढ़ियों को ऐसा ज्ञान मिलता रहा जिससे मानव कल्याण के लिए उच्च कोटि का ज्ञान अर्जित करने तथा मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धि के सूत्र उपलब्ध होते रहे. गुरु परंपरा के प्रत्येक गुरुओं ने इस शाश्वत ज्ञान को अपने समय की पीढ़ियों की आवश्यकता अनुसार सरल तथा सार्थक रूप में प्रस्तुत किया है.

श्री श्री रविशंकर के अनुसार, आचार्य और गुरु में भेद है. एक अध्यापक कुछ विषयों के बारे में सूचना मात्र ही देते हैं जबकि गुरु तो अपने शिष्य के जीवन का कायाकल्प ही कर देते हैं. गुरु सच्चे साधकों के साथ आध्यात्मिक ज्ञान को बांटते हैं और भक्त को पूर्णता और मुक्ति के उनके अंतिम लक्ष्य तक ले कर जाते हैं.

हमारे ग्रंथ उसी परंपरा से निकले हैं. पारंपरिक रूप से हर युग में आए हमारे गुरुओं का व्यक्तित्व प्रभावशाली और विलक्षण गुणों से ओतप्रोत रहा है. इस दिन उनका स्मरण करने मात्र से हम उनके गुणों को अपने भीतर अनुभव कर पाते हैं, भले ही यह अल्पावधि के लिए ही हो.

ये भी पढ़ें: Lakshmi Puja: लक्ष्मी पूजन की सही विधि के बिना धन की देवी को प्रसन्न करना मुश्किल

नोट- उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. यह ज़रूरी नहीं है कि एबीपी न्यूज़ ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

मुंबई के रहने वाले अंशुल पांडेय धार्मिक और अध्यात्मिक विषयों के जानकार हैं. 'द ऑथेंटिक कॉंसेप्ट ऑफ शिवा' के लेखक अंशुल के सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म और समाचार पत्रों में लिखते रहते हैं. सनातन धर्म पर इनका विशेष अध्ययन है. पौराणिक ग्रंथ, वेद, शास्त्रों में इनकी विशेष रूचि है, अपने लेखन के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहें.
Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

महाकाल दर्शन 14 मार्च 2026: शनिवार की सुबह करें महाकाल आरती के दिव्य दर्शन! जानें उज्जैन ज्योतिर्लिंग का महत्व?
महाकाल दर्शन 14 मार्च 2026: शनिवार की सुबह करें महाकाल आरती के दिव्य दर्शन! जानें उज्जैन ज्योतिर्लिंग का महत्व?
शनि देव की पूजा में कड़वा तेल और लोहा ही क्यों चढ़ाया जाता है? इसके पीछे छिपा है गहरा रहस्य
शनि देव की पूजा में कड़वा तेल और लोहा ही क्यों चढ़ाया जाता है? इसके पीछे छिपा है गहरा रहस्य
Panchang 14 March 2026: आज शनि देव की पूजा में भद्रा की बाधा, इन अशुभ योग में पूजा न करें, जानें मुहूर्त, पंचांग
आज शनि देव की पूजा में भद्रा की बाधा, इन अशुभ योग में पूजा न करें, जानें मुहूर्त, पंचांग
Eid Kab Hai 2026: 20 या 21 मार्च भारत में कब होगी ईद उल फितर, इस दिन दिख सकता है शव्वाल का नया चांद
Eid Kab Hai: 20 या 21 मार्च भारत में कब होगी ईद उल फितर, इस दिन दिख सकता है शव्वाल का नया चांद

वीडियोज

Sansani: एक हीरोइन और 'एक विलेन' की लव स्टोरी ! | Monalisa | Furman | Wedding
Breaking News: Iran से Bharat को बड़ी राहत, होर्मुज स्ट्रेट से दो जहाजों को इजाजत | ABP News
Sandeep Chaudhary: LPG पर देश में सियासी संग्राम, चुनाव से पहले गरमाया मुद्दा | Iran Israel War
Bharat Ki Baat: US -ईरान युद्ध तेज, ट्रंप बोले—ईरान कर सकता है सरेंडर | Iran Israel War | abp News
ABP Report: जंग के बीच ईरान के लगातार हमले, मध्य-पूर्व में बढ़ा तनाव | Iran Israel War | Abp News

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ईरान-इजरायल जंग के बीच खाड़ी मुल्कों के नागरिकों के लिए भारत ने फैलाईं बाहें, 30 दिनों तक बड़ी छूट, जुर्माना नहीं'
ईरान-इजरायल जंग के बीच खाड़ी मुल्कों के नागरिकों के लिए भारत ने फैलाईं बाहें, 30 दिनों तक बड़ी छूट, जुर्माना नहीं'
UP Weather: यूपी में पड़ेंगे ओले! आंधी-बारिश के आसार, अगले 24 घंटों में बदल जाएगा मौसम, IMD का अलर्ट
यूपी में पड़ेंगे ओले! आंधी-बारिश के आसार, अगले 24 घंटों में बदल जाएगा मौसम, IMD का अलर्ट
US Marines: जंग हो रही भयानक, अब ट्रंप ने किया एक और बड़ा फैसला, 2500 मरीन सैनिक और बड़ा वॉरशिप रवाना
जंग हो रही भयानक, अब ट्रंप ने किया एक और बड़ा फैसला, 2500 मरीन सैनिक और बड़ा वॉरशिप रवाना
Most Ducks in IPL: IPL में सबसे ज्यादा बार ‘डक’ पर आउट होने वाले 5 खिलाड़ी, बड़े-बड़े नाम इस शर्मनाक लिस्ट में शामिल
IPL में सबसे ज्यादा बार ‘डक’ पर आउट होने वाले 5 खिलाड़ी, बड़े-बड़े नाम इस शर्मनाक लिस्ट में शामिल
Chinese Boats: दुनिया से नजर बचाकर कुछ बड़ा करने वाला है चीन! समंदर में उतारीं हजारों बोट, क्या है मामला
दुनिया से नजर बचाकर कुछ बड़ा करने वाला है चीन! समंदर में उतारीं हजारों बोट, क्या है मामला
Assi Lifetime Box Office: तापसी पन्नू की 'अस्सी' रही फ्लॉप, जानें- कितना होगा लाइफटाइम कलेक्शन?
तापसी पन्नू की 'अस्सी' रही फ्लॉप, जानें- कितना होगा लाइफटाइम कलेक्शन?
सरकारी टीचर बनने का मौका, हिमाचल में JBT के 600 पदों पर भर्ती, 16 मार्च से शुरू होंगे आवेदन
सरकारी टीचर बनने का मौका, हिमाचल में JBT के 600 पदों पर भर्ती, 16 मार्च से शुरू होंगे आवेदन
भेड़-बकरी पालन से बदलेगी गांवों की तस्वीर, सरकार दे रही 50 लाख तक की सब्सिडी
भेड़-बकरी पालन से बदलेगी गांवों की तस्वीर, सरकार दे रही 50 लाख तक की सब्सिडी
Embed widget