Garuda Purana: मृत्यु के समय इनमें से कोई एक चीज भी हो पास, तो मिलती है यमराज के दंड से मुक्ति
Garuda Purana 2021: गरुड़ पुराण में जीवन-मृत्यु और लोक-परलोक के अलावा धर्म के मार्ग पर चलने की बात भी बताता है. गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के समय इन चार चीजों में से कोई भी एक चीज पास हो तो यमराज के दंड से मुक्ति मिल जाती है. आइये जानें इन चीजों को:

Garuda Purana 2021: हिंदू धर्म शास्त्रों में कहा गया है कि जो व्यक्ति जैसा कर्म करता है उसे उसी के अनुरूप फल मिलता है. अच्छे कर्म करने वाले को स्वर्ग और बुरे कर्म करने वाले को नरक भोगना पड़ता है. गरुड़ पुराण के अनुसार यदि मरते समय व्यक्ति के पास इन चार चीजों में से कोई भी एक चीज हो, तो जीवात्मा को यमराज के दंड का सामना नहीं करना पड़ता. आइये जानें उन चार चीजों के बारे में.
तुलसी
समाज में यह देखने को मिलता है कि जब किसी की मृत्यु का अंदेशा हो जाता है, तो लोग उसके मुंह में तुलसी का पत्ता रख देते हैं. इसके पीछे यह मान्यता है कि तुलसी का पौधा काफी पवित्र और पूज्यनीय होता है. गरुड पुराण के अनुसार, यदि मरने वाले यक्ति के सिर के पास तुलसी का पौधा रख देने से मृत्यु के पश्चात उसे यमराज के दंड से मुक्ति मिल जाती है. मृत्यु करीब आने पर यदि तुलसी की पत्तियां उसके माथे पर रख दी जाएं तो प्राण त्यागने में उसे काफी आसानी होती है.
हिंदू धर्म शास्त्रों में गंगा जल की महत्ता बताते हुए कहा गया है कि गंगाजल मोक्ष दिलाता है. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति के प्राण निकल रहें हों. तो उसके मुंह में गंगाजल और तुलसी दल डाल दिया जाए तो उसकी आत्मा को यमलोक में कोई दंड नहीं भोगना पड़ता है.
श्रीमद्भगवद्गीता का करें पाठ
यदि किसी व्यक्ति कि मृत्यु श्रीमदभगवत गीता का पाठ करते हुए हो तो उसे यमराज के दंड से तो मुक्ति मिलती ही है, साथ ही मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है. यदि मृत्यु के समय श्रीमद्भगवद्गीता या कोई अन्य ग्रंथ के कुछ श्लोक सम्बन्धित व्यक्ति से कहलवाए जाएं तो उसे भी यमराज के दंड से मुक्ति मिलती हैं. एवं मोक्ष की प्राप्ति होती है.
ईश्वर का नाम
व्यक्ति के प्राण निकलते समय मन में सिर्फ प्रभु के नाम का ही स्मरण रहे, तो ऐसे व्यक्ति को यमराज के दंड का सामना नहीं करना पड़ता और उसे प्रभु जी के चरणों में स्थान प्राप्त होता है.
Source: IOCL





















