एक्सप्लोरर

Devuthani Ekadashi 2025: जानें शुभ मुहूर्त, योग और तुलसी विवाह का महत्व

Devuthani Ekadashi 2025: इस साल 1 नवंबर को देवउठनी एकादशी व्रत रखा जाएगा. ज्योतिषाचार्या नीतिका शर्मा से जानिए इसका महत्व, शुभ मुहूर्त, उपाय, प्रभाव, मंत्र और तुलसी विवाह से जुड़ी संपूर्ण जानकारी.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • एकादशी पर चावल, मांस-मदिरा वर्जित, दान और ब्रह्मचर्य आवश्यक।

Devuthani Ekadashi 2025: इस साल 1 नवंबर 2025 को देवउठनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा. इस रवि योग का संयोग बन रहा है. इस योग में विष्णु जी की पूजा करने से साधक को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती हैं. इस दौरान मां लक्ष्मी की पूजा करना और भी लाभकारी माना जाता है. दोनों की साथ में पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है.

देवउठनी एकादशी से मंगलकार्य शुरू हो जाते हैं और इसके अगले दिन तुलसी विवाह किया जाता है. श्री लक्ष्मीनारायण एस्ट्रो सॉल्यूशन अजमेर की निदेशिका ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि, हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की तिथि 01 नवंबर को सुबह 09:11 मिनट पर शुरू होगी.

वहीं, इसका समापन 02 नवंबर को सुबह 07:31 मिनट पर होगा.

देवउठनी एकादशी के बारे में ज्योतिषाचार्या से जानिए

पंचांग को देखते हुए इस साल देवउठनी एकादशी 01 नवंबर को मनाई जाएगी. इसी दिन चातुर्मास खत्म होगा और शुभ कार्यों की शुरुआत होगी. इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं. शुभ कार्यों के द्वार खुलते हैं. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से समस्त पापों का नाश होता है. घर में सुख-समृद्धि आती है.

देवउठनी एकादशी 1 नवंबर को मनाई जाएगी. इसके अगले दिन तुलसी विवाह होगा. इसके साथ विवाह मुहूर्त का सिलसिला शुरू हो जाएगा. माना जाता है कि देवउठनी एकादशी को भगवान श्रीहरि चार माह की गहरी निद्रा से उठते हैं.

भगवान के सोकर उठने की खुशी में देवोत्थान एकादशी मनाया जाता है. इसी दिन से सृष्टि को भगवान विष्णु संभालते हैं. इसी दिन तुलसी से उनका विवाह हुआ था. इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं. परम्परानुसार देव देवउठनी एकादशी में तुलसी जी विवाह किया जाता है, इस दिन उनका श्रंगार कर उन्हें चुनरी ओढ़ाई जाती है.

उनकी परिक्रमा की जाती है. शाम के समय रौली से आंगन में चौक पूर कर भगवान विष्णु के चरणों को कलात्मक रूप से अंकित करेंगी.  रात्रि को विधिवत पूजन के बाद प्रात:काल भगवान को शंख, घंटा आदि बजाकर जगाया जाएगा और पूजा करके कथा सुनी जाएगी.

इस साल तुलसी विवाह 2 नवंबर को 

ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को तुलसी विवाह का आयोजन किया जाता है. इस एकादशी को 'देवउठनी एकादशी' या 'प्रबोधिनी एकादशी' भी कहा जाता है.

इस बार तुलसी विवाह 2 नवंबर को पड़ रहा है. सनातन धर्म में तुलसी विवाह का विशेष महत्व माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी विवाह के दिन माता तुलसी और भगवान शालिग्राम की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उनके वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है.

साथ ही पति-पत्नी के बीच उत्पन्न होने वाली समस्याएं भी दूर हो जाती हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विधि-विधान के साथ तुलसी विवाह कराने वालों पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा रहती है. मान्यता है कि तुलसी विवाह करने से कन्यादान के समान पुण्य की प्राप्ति होती है.

भगवान शालीग्राम और माता तुलसी का विवाह कराने से वैवाहिक जीवन सुखी रहता है. महिलाएं सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए इस दिन व्रत-पूजन करती हैं.

शुभ मुहूर्त

ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की तिथि 01 नवंबर को सुबह 09:11 मिनट पर शुरू होगी. वहीं, इसका समापन 02 नवंबर को सुबह 07:31 मिनट पर होगा. पंचांग को देखते हुए इस साल देवउठनी एकादशी 01 नवंबर को मनाई जाएगी. इसी दिन चातुर्मास खत्म होगा और शुभ कार्यों की शुरुआत होगी.

शुभ योग

ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि इस बार देवउठनी एकादशी पर रवि योग बन रहा है. रवि योग सुबह में 6:33 मिनट से बनेगा, जो शाम 6:20 मिनट तक रहेगा. वहीं ध्रुव योग प्रात:काल से शुरू होगा और 2 नवंबर को तड़के 2:10 मिनट तक रहेगा. उसके बाद से व्याघात योग होगा. एकादशी पर शतभिषा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर शाम को 6:20 मिनट तक है. उसके बाद से पूर्व भाद्रपद नक्षत्र है.

देवउठनी एकादशी पर पूरे दिन पंचक, रात में भद्रा
एक बार देवउठनी एकादशी को पूरे दिन पंचक रहेगा. भद्रा रात में 08:27 मिनट से शुरू होगी और अगले दिन 2 नवंबर को सुबह 06:34 तक रहेगी. भद्रा के समय में शुभ कार्य वर्जित हैं.

चातुर्मास मास होगा समाप्त
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि देवउठनी एकादशी के दिन चातुर्मास समाप्त होगा. मान्यताओं के अनुसार चतुर्मास में भगवान विष्णु आराम करते हैं. शास्त्रों के अनुसार इस दौरान कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं.

देवउठनी एकादशी का महत्व
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि देवउठनी एकादशी तिथि से चतुर्मास अवधि खत्म हो जाती है. ऐसा कहा जाता है कि भगवान विष्णु शयनी एकादशी को सो जाते हैं. वह इस दिन जागते हैं.

देवउठनी एकादशी के दिन जातक सुबह जल्द उठकर स्वस्छ वस्त्र पहनते हैं. भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं. शास्त्रों के अनुसार विष्णुजी के अवतार भगवान श्रीकृष्ण ने एकादशी को देवी वृंदा (तुलसी) से शादी की थीं. इस साल तुलसी विवाह 5 नवंबर को मनाया जाएगा.

इन बातों का रखें विशेष ध्यान
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि पौराणिक मान्यताओँ के अनुसार भगवान विष्णु चार माह की योग निद्रा के बाद इसी दिन जागते हैंए इसी कारण इस दिन को देवउठनी एकादशी कहा जाता है. ऐसे में भगवान विष्णु का आर्शीवाद पाने के लिए भक्त कई उपाय भी करते हैं. लेकिन आर्शीवाद पाने के साथ कुछ ऐसे नियम भी हैंए जिन्हें देवउठनी एकादशी के दिन भूलकर भी नहीं तोड़ना चाहिए.

चावल न खाएं इस दिन
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि मान्यताओं के अनुसार किसी भी एकादशी पर चावल का सेवन नहीं करना चाहिए. दरअसल जानकारों के अनुसार केवल देवउठनी एकादशी ही नहीं बल्कि सभी एकादशी पर चावल खाना हर किसी के लिए वर्जित माना गया है.

चाहे जातक ने व्रत रखा हो या न रखा हो. माना जाता है कि इस दिन चावल खाने से मनुष्य को अगला जन्म रेंगने वाले जीव में मिलता है.

मांस-मदिरा से रहें दूर
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि हिंदू धर्म में वैसे ही मांस-मंदिरा को तामसिक प्रवृत्ति बढ़ने वाला माना गया है. ऐसे में किसी पूजन में इन्हें खाने को लेकर मनाही है.

ऐसे में एकादशी पर इन्हें खाना तो दूर घर मे लाना तक वर्जित माना गया है. माना जाता है कि ऐसा करने वाले जातक को जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

महिलाओं का अपमान न करें
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि एकादशी के दिन महिलाओं का भूलकर भी अपमान न करें चाहें वे आपसे छोटी हो या बड़ी. दरअसल माना जाता है कि किसी का भी अपमान करने से आपके शुभ फलो में कमी आती हैए वहीं इस दिन इनके अपमान से व्रत का फल नहीं मिलता है. साथ ही जीवन में कई तरहों की समस्याओं का सामना करना पड़ता है

क्रोध से बचें
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि एकादशी के दिन भक्त भगवान विष्णु की अराधना करते हैं ऐसे में माना जाता है कि इस दिन सिर्फ भगवान का गुणगान करना चाहिए. साथ ही एकादशी के दिन भूलकर भी किसी पर क्रोध नहीं करना चाहिए और वाद-विवाद से भी दूरी बनाकर रखनी चाहिए.

ब्रह्मचर्य का पालन करें
एकादशी के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. इस दिन भूलकर भी शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है.

एकादशी के दिन करें ये काम
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि एकादशी के दिन दान करना उत्तम माना जाता है. एकादशी के दिन संभव हो तो गंगा स्नान करना चाहिए. विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए एकादशी के दिन केसर, केला या हल्दी का दान करना चाहिए.

एकादशी का उपवास रखने से धन, मान-सम्मान और संतान सुख के साथ मनोवांछित फल की प्राप्ति होने की मान्यता है. कहा जाता है कि एकादशी का व्रत रखने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है. 

देवउठनी एकादशी पूजा विधि
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु को धूप, दीप, पुष्प, फल, अर्घ्य और चंदर आदि अर्पित करें. भगवान की पूजा करके नीचे दिए मंत्रों का जाप करें.
उत्तिष्ठोत्तिष्ठ गोविंद त्यज निद्रां जगत्पते. त्वयि सुप्ते जगन्नाथ जगत् सुप्तं भवेदिदिम्..
उत्तिष्ठोत्तिष्ठ वाराह दंष्ट्रोद्धृतवसुंधरे. हिरण्याक्षप्राघातिन् त्रैलोक्यो मंगल कुरु..
इसके बाद भगवान की आरती करें. वह पुष्प अर्पित कर इन मंत्रों से प्रार्थना करें.
इयं तु द्वादशी देव प्रबोधाय विनिर्मिता.
त्वयैव सर्वलोकानां हितार्थं शेषशायिना..
इदं व्रतं मया देव कृतं प्रीत्यै तव प्रभो.
न्यूनं संपूर्णतां यातु त्वत्वप्रसादाज्जनार्दन..
इसके बाद सभी भगवान को स्मरण करके प्रसाद का वितरण करें.

देवउठनी एकादशी गीत

उठो देव बैठो देव
हाथ-पाँव फटकारो देव
उँगलियाँ चटकाओ देव
सिंघाड़े का भोग लगाओ देव
गन्ने का भोग लगाओ देव
सब चीजों का भोग लगाओ देव ॥ 
उठो देव बैठो देव
उठो देव, बैठो देव
देव उठेंगे कातक मोस
नयी टोकरी, नयी कपास
ज़ारे मूसे गोवल जा  
गोवल जाके, दाब कटा  
दाब कटाके, बोण बटा
बोण बटाके, खाट बुना
खाट बुनाके, दोवन दे
दोवन देके दरी बिछा
दरी बिछाके लोट लगा
लोट लगाके मोटों हो, झोटो हो
गोरी गाय, कपला गाय
जाको दूध, महापन होए,
सहापन होएI
जितनी अम्बर, तारिइयो
इतनी या घर गावनियो
जितने जंगल सीख सलाई
इतनी या घर बहुअन आई
जितने जंगल हीसा रोड़े
जितने जंगल झाऊ झुंड
इतने याघर जन्मो पूत
ओले क़ोले, धरे चपेटा
ओले क़ोले, धरे अनार
ओले क़ोले, धरे मंजीरा
उठो देव बैठो देव

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

नीतिका शर्मा एक प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्य एवं फेमस टैरो कार्ड रीडर है. एमएससी कंप्यूटर साइंस से पोस्ट ग्रेजुएट और ज्योतिष प्रवीण एवं ज्योतिष विशारद् शिक्षा प्राप्त नीतिका शर्मा के लेख विभिन्न समाचार पत्रों एवं टीवी चैनल में प्रकाशित होते रहते हैं. इन्हें वास्तु बताने में भी महारत हासिल है. ज्योतिष ग्रंथों का गहन अध्ययन करने के बाद आम जनमानस के जीवन को आसान और सुगम बनाने की दिशा में प्रयासरत नीतिका शर्मा की कई भविष्यवाणी सच साबित हो चुकी हैं. ज्योतिष विषय में इनका अनुभव 10 वर्षों से अधिक का है. 
Read More

Frequently Asked Questions

देवउठनी एकादशी के दिन क्या विशेष कार्य करने चाहिए?

एकादशी के दिन दान करना उत्तम माना जाता है. संभव हो तो गंगा स्नान करना चाहिए. विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए केसर, केला या हल्दी का दान करना चाहिए.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Som Pradosh Vrat 2026 Live: सोम प्रदोष व्रत की शाम न करें ये गलती, पूजा के फल से रह सकते हैं वंचित
LIVE: सोम प्रदोष व्रत की शाम न करें ये गलती, पूजा के फल से रह सकते हैं वंचित
सावन सोमवार और कमजोर चंद्रमा का रहस्य: जानें महादेव के मस्तक पर विराजे 'सोम' का ज्योतिषीय कनेक्शन
Sawan Somwar 2026: क्या आपकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर है? जानें महादेव और 'सोम' का गहरा ज्योतिषीय कनेक्शन
सावन सोमवार और सोम प्रदोष एक ही दिन, 6 साल बाद बने संयोग का आपकी राशि से क्या है कनेक्शन?
Som Pradosh Vrat 2026: सावन सोमवार और सोम प्रदोष एक ही दिन, 6 साल बाद बने संयोग का आपकी राशि से क्या है कनेक्शन?
Som Pradosh Vrat 2026: सोम प्रदोष में सूर्यास्त का ही इंतजार क्यों? दिन की जगह शाम में शिव पूजा के पीछे क्या है मान्यता
सोम प्रदोष में सूर्यास्त का ही इंतजार क्यों? दिन की जगह शाम में शिव पूजा के पीछे क्या है मान्यता

वीडियोज

Kanwar Yatra 2026: बुर्के में कांवड़, मुस्लिम महिला और हिंदू पति! नोटिस के बाद भी नहीं रुकी तमन्ना !
Assam Flood Crisis: असम में बाढ़ का तांडव, 98 मौतें, समय रैनाने भेजे 10 लाख, अब CM वापस लेंगे FIR?
Sansani: बेवफा बीवी की तेजाबी साजिश
Romana Isar Khan | Janhit: मीटिंग-मीटिंग की 'सेटिंग' से संदेह बढ़ा? | Jharkhand Student Protest
Bareilly Ke Bacchan: 😯Sangam की बल्लेबाज़ी और ससुर की गेंदबाजी, पहली गेंद पर टूटा बैट छूटी हंसी #sbs

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
यूक्रेन के हमले में 13 की मौत, रूस ने बताया दो साल का सबसे भयावह हमला
यूक्रेन के हमले में 13 की मौत, रूस ने बताया दो साल का सबसे भयावह हमला
आकाश आनंद ने खुद बताया- अखिलेश यादव और राहुल गांधी को क्यों कहा अंकल?
आकाश आनंद ने खुद बताया- अखिलेश यादव और राहुल गांधी को क्यों कहा अंकल?
6,6,6,6,6,6... लगातार 6 छक्कों से फिर गूंजा क्रिकेट जगत, इस बार वनडे में हुआ कमाल
6,6,6,6,6,6... लगातार 6 छक्कों से फिर गूंजा क्रिकेट जगत, इस बार वनडे में हुआ कमाल
'तारक मेहता' के सेट में घुस गया था नाबालिग, टप्पू से हाथ भी मिलाया, घरवालों को बिना बताए किया 900 किलोमीटर का सफर
'तारक मेहता' के सेट में घुस गया था नाबालिग, टप्पू से हाथ भी मिलाया
TMC के बागी यूसुफ पठान का बड़ा बयान, 'ताकत और पद तो...'
TMC के बागी यूसुफ पठान का बड़ा बयान, 'ताकत और पद तो...'
'शुभेंदु अधिकारी ने...', ममता पर अटैक को लेकर अभिषेक बनर्जी का बड़ा आरोप
'शुभेंदु अधिकारी ने...', ममता पर अटैक को लेकर अभिषेक बनर्जी का बड़ा आरोप
'पाकिस्तानी ने कहा नरेंद्र नाम से नफरत', बॉक्सर की बात सुन हंस पड़े PM मोदी
'पाकिस्तानी ने कहा नरेंद्र नाम से नफरत', बॉक्सर की बात सुन हंस पड़े PM मोदी
संसद से पास बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, जानें राज्यसभा में क्या बोलीं वित्त मंत्री?
संसद से पास बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, जानें राज्यसभा में क्या बोलीं वित्त मंत्री?
Embed widget