Related Quiz
देवउठनी एकादशी 2025 कब मनाई जाएगी?
1 नवंबर 2025 को, क्योंकि इसी दिन चातुर्मास समाप्त होगा और शुभ कार्य शुरू होंगे।
2 नवंबर 2025 को, क्योंकि उस दिन तुलसी विवाह भी है।
2 नवंबर 2025 को सुबह 07:31 बजे क्योंकि उस समय एकादशी तिथि का समापन होगा।
1 नवंबर 2025 को, क्योंकि इसी दिन चातुर्मास समाप्त होगा और शुभ कार्य शुरू होंगे।
1 नवंबर 2025 को सुबह 09:11 बजे, जब एकादशी तिथि शुरू होगी।
देवउठनी एकादशी पर कौन सा योग बन रहा है?
रवि योग, ध्रुव योग और शतभिषा नक्षत्र का संयोग।
सिर्फ रवि योग, जो सुबह 6:33 बजे से शाम 6:20 बजे तक रहेगा।
ध्रुव योग और व्याघात योग दोनों, जो सुबह से शुरू होकर अगले दिन तक रहेंगे।
रवि योग, ध्रुव योग और शतभिषा नक्षत्र का संयोग।
सिर्फ शतभिषा नक्षत्र, जो पूरे दिन रहेगा।
Advertisement
देवउठनी एकादशी के दिन कौन सा कार्य वर्जित माना जाता है?
चावल का सेवन करना, मांस-मदिरा का सेवन करना और महिलाओं का अपमान करना।
भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करना।
दान करना और गंगा स्नान करना।
चावल का सेवन करना, मांस-मदिरा का सेवन करना और महिलाओं का अपमान करना।
विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए केसर, केला या हल्दी का दान करना।
तुलसी विवाह 2025 कब मनाया जाएगा?
देवउठनी एकादशी के अगले दिन, 2 नवंबर को।
देवउठनी एकादशी के दिन, 1 नवंबर को।
देवउठनी एकादशी के अगले दिन, 2 नवंबर को।
5 नवंबर को, भगवान श्रीकृष्ण ने देवी वृंदा (तुलसी) से विवाह किया था।
इस वर्ष तुलसी विवाह नहीं होगा।
देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को जगाने के लिए क्या किया जाता है?
शंख, घंटा आदि बजाकर और आरती करके भगवान को जगाया जाता है।
धूप, दीप, पुष्प, फल और अर्घ्य अर्पित करना, साथ ही नीचे दिए मंत्रों का जाप करना।
सिर्फ उठो देव बैठो देव गीत गाना।
केवल पूजा करना और कथा सुनना।
शंख, घंटा आदि बजाकर और आरती करके भगवान को जगाया जाता है।
Your Score
2/10
Share
2/10