Dadi-Nani Ki Baatein: मंगल काम में नहीं पहनना काले कपड़े, क्यों कहती है दादी-नानी
Dadi-Nani Ki Baatein: काले रंग के कपड़े कई लोगों को पसंद होते हैं. लेकिन खास मौके पर या शुभ कार्यों के दौरान दादी-नानी इस रंग के कपड़े पहनने के लिए मना करती हैं, जानें आखिर क्या है इसका कारण?

Dadi-Nani Ki Baatein: हिंदू धर्म में छोटी-बड़ी चीजों के लिए नियम निर्धारित किए गए हैं और हर एक चीज का महत्व भी बताया गया है. इसी तरह सप्ताह के दिन और विशेष मौके के अनुसार रंगों का उपयोग करने की सलाह दी जाती है. हिंदू धर्म में कुछ रंगों को अतिशुभ तो कुछ को अशुभ भी माना जाता है. इसलिए शुभ मौके पर अक्सर दादी-नानी हमें अशुभ रंग के चीजों का इस्तेमाल करने के लिए मना करती हैं.
इसी तरह शुभ तिथियों, धार्मिक अनुष्ठान और मांगलिक कार्य जैसे शादी-विवाद, गृह प्रवेश आदि में काले रंग के वस्त्र नहीं पहनने चाहिए. घर के बड़े-बुजुर्ग या दादी नानी अक्सर इस चीज के लिए मना करती हैं. अगर आप काले रंग के कपड़े पहनने के शौकीन हैं या काले कपड़े आपको बहुत पसंद है तो जान लीजिए कि आखिर क्यों शुभ कार्यों में नहीं पहनने चाहिए इस रंग के कपड़े. धार्मिक वौज्ञानिक दृष्टिकोण से क्यों इसे माना जाता है अशुभ.
दादी-नानी की ये बातें आपको कुछ समय के लिए अटपटी या फिर मिथक जरूर लग सकती है. लेकिन शास्त्र में इसके कारण और इससे होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया है. अगर आप दादी-नानी की बताई बातों को फॉलो करेंगे तो सुखी रहेंगे और भविष्य में होनी वाली अशुभ घटना से बच जाएंगे. आइए जानते हैं आखिर क्यों मंगल कामों के दौरान नहीं पहनने चाहिए काले कपड़े.
इन कारणों से शुभ मौके पर नहीं पहनते काला रंग
- वास्तु शास्त्र के अनुसार काला रंग नकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और शुभ कार्यों में नकारात्मक चीजों से दूरी बनानी चाहिए. यही कारण है कि किसी भी मंगल कार्य में दादी-नानी काले वस्त्र पहनने के लिए मना करती हैं.
- ज्योतिषातार्य अनीष व्यास के अनुसार, काले रंग का संबंध शनि से है. साथ ही इसे राहु से भी जोड़ा जाता है. खास मौकों पर काला रंग पहनने से राहु कार्य में बाधा डालने का कार्य करता है और कार्य का अशुभ फल देता है.
क्या कहता है विज्ञान
विज्ञान की माने तो काला रंग ऊष्मा का अवशोषक होता है, जोकि अपने आसपास की ऊर्जा को अवशोषित कर लेते है. गर्मी में यदि काला रंग पहना जाए तो यह ऊष्मा अवशोषित कर लेता है, जिसे सेहत के लिहाज से भी अच्छा नहीं माना जाता. वहीं मनोवैज्ञानिक शोध बताते हैं कि, काला रंग जिनका फेवरेट कलर होता है, उनके मन में अशांति रहती है.
ये भी पढ़ें: Dadi-Nani Ki Baatein: पूर्वाभिमुख होकर करो पूजा, क्यों कहती है दादी-नानी
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL





















