भविष्य मालिका: प्रलय में भक्तों की रक्षा कैसे करेंगे भगवान कल्कि? जानिए चौंकाने वाली भविष्यवाणियां!
Bhavishya Malika: भविष्य मालिका 16वीं शताब्दी का एक ऐसा ग्रंथ जिसमें कलियुग को लेकर कई तरह की भविष्यवाणियां की गई है. प्रलय के समय भगवान कल्कि अपने भक्तों की कैसे रक्षा करेंगे? आइए जानते हैं.

Bhavishya Malika Predictions: हम में से कई लोगों ने भविष्य मालिका का नाम सुना होगा. भविष्य मालिका एक प्रसिद्ध भविष्यवाणी पुस्तक है, जिसे 16वीं शताब्दी में संत श्री अच्युतानंद दास ने लिखा था. इस पुस्तक में भविष्य में घटने वाली अप्रत्याशित घटनाओं का जिक्र किया गया है.
भविष्य मालिका में बताया गया है कि जब प्रलय आएगा तो प्रभु कल्कि अपने भक्तों की रक्षा कैसे करेंगे. इस पुस्तक में लिखी गई ऐसी तमाम बातें जिसे जानकार आप भी हैरान हो जाएंगे.
मान्यताओं के मुताबिक संत अच्युतानंद दास ने भविष्य मालिका में देश-दुनिया में होने वाले अप्रत्याशित घटनाओं का जिक्र किया है.
प्रलय के समय प्रभु करेंगे भक्तों की रक्षा!
भविष्य मालिका के अनुसार आने वाले समय में देश-दुनिया को प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ेगा. इस समय वही लोग बचेंगे जिनको प्रभु पर भरोसा होगा. जो सच्चे मन और पूर्ण समर्पण के साथ उनकी भक्ति करेंगे.
भगवान ने अपने वचन में कहा है कि प्रलय के समय भक्त जहां भी रहेंगे, वहां से पानी दो भागों में बंट जाएगा. भक्त जिस स्थान पर निवास करेंगे वह स्थान अपने आप ऊपर उठ जाएगा.
भगवान कहते हैं कि कलयुगी मनुष्यों को ये बात सुनने में हास्यास्पद लग सकती है लेकिन भगवान की माया के सामने सब कुछ संभव है.
प्रलय के समय दिखेगी वैष्णव माया
भविष्य मालिका के अनुसार जब चारों ओर प्रलय का भयावह दृश्य देखने को मिलेगा, तब महाप्रभु कल्कि अपने भक्तों पर दया भाव दिखाते हुए वासुकि को आज्ञा देंगे कि उन स्थानों को धरातल से काफी ऊपर उठा दें, जहां उनके भक्त निवास करते हैं.
इस कारण उनके भक्त जल प्रलय और प्राकृतिक आपदाओं से बच जाएंगे.
- म्लेच्छ अधम दुराचारे, पडिबे केतुन्क खपरे, साधु निंदित जेते प्राणी, बिरजा भक्षिबेटि पुणि
अर्थ- म्लेच्छ तथा नीच भावना के लोग मां केतुका के खप्पर में गिरा मौत को प्राप्त होंगे. भक्तों और संतों की निंदा करने वालों को मां बिरजा निगल जाएगी. कलियुग के अंत में वही बचेगा जो निश्चल भाव से प्रभु की भक्ति और आराधना करेगा.
भविष्य मालिका के अनुसार घोर कलियुग और महाप्रलय से बचने के उपाय-
- माधव नाम का जाप करना.
- त्रिसंध्या धारा यानी धार्मिक-आध्यात्मिक अनुशासन या परंपरा जो दिन की तीनों संधियों में नियमित रूप से की जाती है.
- श्रीमद्भागवत महापुराण का पाठ करना.
- मांसाहार सेवन की जगह शुद्ध शाकाहारी जीवन अपनाना.
- किसी भी तरह का नशा नहीं करना.
- किसी भी तरह का व्यभिचार और दुराचार में लिप्त नहीं होना चाहिए.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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