एक्सप्लोरर

Somvati Amavasya 2026: 30 साल बाद अधिकमास में सोमवती अमावस्या का संयोग, सोने पर सुहागा जैसा ये दिन, ऐसे कमाएं पुण्य

Adhik Maas Amavasya 2026: 15 जून को अधिकमास की सोमवती अमावस्या है. 30 सालों बाद अधिकमास की अमावस्या सोमवार के दिन पड़ रही है. ऐसे में कैसे पुण्य कमाए जान लें.

Adhik Maas Amavasya 2026:  15 जून 2026 को अधिकमास की सोमवती अमावस्या है. अधिकमास में अमावस्या अगर सोमवार को आती है तो इसे पुराणों में सबसे श्रेष्ठ दिन माना जाता है. 30 साल बाद अधिकमास की अमावस्या सोमवार के दिन आई है, इससे पहले ये संयोग जुलाई 1996 में बना था.

अधिकमास श्रीहरि विष्णु और सोमवती अमावस्या शिव जी, पितरों को समर्पित है. इस दिन किया गया तप-जप, दान समस्त धार्मिक कार्य व्यक्ति को भवसागर से तार लगा देने में सहायक होता है. यही वजह है कि 30 साल बाद आई ये अधिकमास की सोमवती अमावस्या तिथि अत्यंत लाभदायी है, इसे सोने पर सुहागा जैसा दिन माना जा रहा है. इस दिन कुछ खास उपाय आपके जीवन में अनेकों बदलाव ला सकते है

.

अधिकमास सोमवती अमावस्या 2026 संयोग

पंचांग के अनुसार 15 जून के सोमवती अमावस्या के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का भी निर्माण हो रहा है जिसे बेहद ही शुभ माना जाता है. इस योग किए गए कार्य सफल होते हैं.

इसके अलावा ग्रहों का आशीर्वाद भी मिलेगा क्योंकि अधिकमास सोमवती अमावस्या पर चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में स्थित रहेंगे, बुध ग्रह अपनी स्वराशि मिथुन में रहेंगे, गुरु कर्क राशि में स्थित रहेंगे और मंगल ग्रह मेष राशि में विद्यमान रहेंगे.

Sawan Teej 2026: सावन तीज अगस्त में कब ? सालों बाद 3 दुर्लभ संयोग, नोट करें डेट

अधिकमास सोमवती अमावस्या के महाउपाय

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या का दिन कुछ विशेष उपायों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि इस दिन मां दुर्गा की आराधना करने से राहु और केतु से जुड़े नकारात्मक प्रभावों को शांत करने में मदद मिलती है. राहु-केतु को छाया ग्रह माना गया है और देवी दुर्गा को शास्त्रों में छाया स्वरूप की अधिष्ठात्री शक्ति बताया गया है. ऐसे में उनकी श्रद्धापूर्वक पूजा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक संतुलन लाने वाली मानी जाती है.

इस दिन विवाहित महिलाएं परिवार की खुशहाली, समृद्धि और प्रियजनों की दीर्घायु की कामना के साथ पीपल वृक्ष की 108 परिक्रमा करती हैं. मान्यता है कि यह साधना पारिवारिक सुख और सौभाग्य को मजबूत करने का प्रतीक होती है.

कालसर्प दोष छिन लेता है खुशियां - जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष माना जाता है, उनके जीवन में करियर, व्यापार और वैवाहिक मामलों में रुकावटें देखने को मिल सकती हैं. कई बार मन में भय, अस्थिरता या बार-बार सांप से जुड़े सपनों का अनुभव भी बताया जाता है. ऐसी स्थिति में रुद्राभिषेक को एक प्रमुख उपाय माना गया है और सोमवती अमावस्या इस पूजा के लिए विशेष फलदायी मानी जाती है.

मन की स्थिरता दिलाई संतुलन- अमावस्या तिथि पर चंद्रमा दिखाई नहीं देता. ज्योतिष में चंद्रमा को मन और भावनाओं का कारक माना गया है. इसलिए इस दिन भगवान शिव को चावल, चीनी, दूध या अन्य सफेद वस्तुएं अर्पित करना चाहिए. ये मन की शांति, सकारात्मक सोच और जीवन में संतुलन बनाए रखने का प्रतीक माना जाता है.

Mithun Sankranti 2026: सिलबट्टा...पीरियड्स और मिथुन संक्रांति, क्या है इन तीनों का संबंध, वजह जानकर चौंक जाएंगे

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

जागृति सोनी बरसले (Jagriti Soni Bursle)

धर्म, ज्योतिष और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं पर शोध आधारित लेखन करने वाली डिजिटल पत्रकार

जागृति सोनी बर्सले धर्म, ज्योतिष, वास्तु और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों की अनुभवी डिजिटल पत्रकार और लेखिका हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 10 वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में वह ABP Live (Abplive.com) में बतौर कंसल्टेंट कार्यरत हैं, जहां वह व्रत-त्योहार जैसे नवरात्रि, करवा चौथ, दिवाली, होली, एकादशी, प्रदोष व्रत, हरियाली तीज आदि, धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय घटनाओं, शुभ मुहूर्त, वास्तु और फेंगशुई, पंचांग जैसे विषयों पर शोध आधारित और प्रमाणिक लेख लिखती हैं.

विशेषज्ञता (Expertise)

जागृति सोनी बर्सले विशेष रूप से इन विषयों पर लेखन करती हैं:

  • व्रत-त्योहार और भारतीय धार्मिक परंपराएं
  • वैदिक ज्योतिष और ग्रह-नक्षत्र आधारित घटनाएं
  • शुभ मुहूर्त और धार्मिक विधि-विधान
  • वास्तु शास्त्र और फेंगशुई
  • आध्यात्मिक मान्यताएं और सांस्कृतिक परंपराएं

उनके लेखों में धार्मिक विषयों को केवल आस्था के दृष्टिकोण से नहीं बल्कि शास्त्रीय स्रोतों और प्रमाणिक ग्रंथों के आधार पर प्रस्तुत किया जाता है.

शिक्षा और पृष्ठभूमि

जागृति सोनी बर्सले ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से की है.

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर डॉट कॉम से की, जहां डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने धर्म, समाज और संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर लेख लिखे.

डिजिटल मीडिया में काम करते हुए उन्होंने टेक्स्ट और वीडियो दोनों फॉर्मेट में काम किया है और वीडियो सेक्शन में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में भी लंबे समय तक योगदान दिया है. इस अनुभव ने उन्हें आधुनिक डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न फॉर्मेट को समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता दी है.

शास्त्रीय अध्ययन और शोध

जागृति सोनी बर्सले की विशेष रुचि धर्म और ज्योतिष के शास्त्रीय अध्ययन में है.

उन्हें प्राचीन धार्मिक ग्रंथों जैसे:

  • धर्म सिंधु
  • मुहूर्त चिंतामणि

का अच्छा ज्ञान है. इन ग्रंथों के आधार पर वह व्रत-त्योहार, पूजा-विधि, ज्योतिषीय घटनाओं और मुहूर्त से जुड़े विषयों को सरल, प्रमाणिक और शोधपरक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं.

योगदान

जागृति सोनी बर्सले एक फ्रीलांस लेखक के रूप में भी कई मंचों पर आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं.

उनका उद्देश्य धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा में विश्वसनीय जानकारी के साथ प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक इन विषयों को समझ सकें और सही जानकारी प्राप्त कर सकें.

व्यक्तिगत रुचियां

अध्यात्म और भारतीय परंपराओं के अध्ययन के प्रति उनकी गहरी रुचि है. खाली समय में उन्हें आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ना पसंद है. यह अध्ययन उनके लेखन को और अधिक गहन, तथ्यपूर्ण और संदर्भ आधारित बनाता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Aniruddha Vinayaka Chaturthi 2026: 17 जुलाई को विनायक चतुर्थी पर बन रहा दुर्लभ रवि योग, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और नियम
Aniruddha Vinayaka Chaturthi 2026: 17 जुलाई को विनायक चतुर्थी पर बन रहा दुर्लभ रवि योग, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और नियम
Guru Purnima 2026 Date: 28 या 29 जुलाई, कब है गुरु पूर्णिमा? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Guru Purnima 2026 Date: 28 या 29 जुलाई, कब है गुरु पूर्णिमा? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Rashifal 17 July 2026: चतुर्थी पर त्रिग्रही योग, 4 राशियों के बिजनेस में पुराने ग्राहक से होगी अच्छी कमाई, मेष से मीन राशि तक देखें राशिफल
चतुर्थी पर त्रिग्रही योग, 4 राशियों के बिजनेस में पुराने ग्राहक से होगी अच्छी कमाई, मेष से मीन राशि तक देखें राशिफल
Kamika Ekadashi 2026: ये 7 काम बदल सकते हैं आपकी किस्मत, मिलेगा भगवान विष्णु का विशेष आशीर्वाद
Kamika Ekadashi 2026: ये 7 काम बदल सकते हैं आपकी किस्मत, मिलेगा भगवान विष्णु का विशेष आशीर्वाद
Advertisement

वीडियोज

Kiku Sharda ने खोला Kapil Sharma Show का बड़ा राज
Jennifer Winget की दूसरी शादी की खबरों ने बढ़ाई फैंस की खुशी
अफवाह या सच? Kiara Advani की दूसरी प्रेग्नेंसी की चर्चा तेज
'The Odyssey' Review: Christopher Nolan का विजुअल मास्टरपीस, IMAX में मिलेगा असली रोमांच
Supreme Court ने Samay Raina को लगाई सख्त फटकार, बढ़ीं मुश्किलें
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
देश का पहला प्राइवेट रॉकेट इतिहास रचने को तैयार, श्री हरिकोटा से विक्रम-1 भरेगा उड़ान, US-चीन की उड़ेगी नींद
देश का पहला प्राइवेट रॉकेट इतिहास रचने को तैयार, श्री हरिकोटा से विक्रम-1 भरेगा उड़ान, US-चीन की उड़ेगी नींद
मशहद के जिस इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक हुए थे अयातुल्ला खामनेई, वहां पर लगी आग
मशहद के जिस इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक हुए थे अयातुल्ला खामनेई, वहां पर लगी आग
देहरादून: राहुल गांधी के कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान हादसा, कांग्रेस नेता अमर मेहता की मौत
देहरादून: राहुल गांधी के कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान हादसा, कांग्रेस नेता अमर मेहता की मौत
रोहित शर्मा फिर हुए फ्लॉप, तो ये खिलाड़ी करने लगा ट्रेंड, टीम इंडिया में लाने की मांग तेज
रोहित शर्मा फिर हुए फ्लॉप, तो ये खिलाड़ी करने लगा ट्रेंड, टीम इंडिया में लाने की मांग तेज
OTT Watchlist: 6 महीने में ओटीटी पर सबसे ज्यादा देखे गए ये 6 सीरीज-फिल्में, 'धुरंधर' से आगे निकला ये शो
6 महीने में ओटीटी पर सबसे ज्यादा देखे गए ये 6 सीरीज-फिल्में, 'धुरंधर' से आगे निकला ये शो
'कई लोग आते तो कई जाते हैं', ISRO में इस्तीफों की बाढ़ पर जानें क्या बोले विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह
'कई लोग आते तो कई जाते हैं', ISRO में इस्तीफों की बाढ़ पर जानें क्या बोले विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह
Explained: क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए, जानें पूरा मामला
क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए?
सोनम वांगचुक का अनशन जारी, अब AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से कर दी ये मांग
सोनम वांगचुक का अनशन जारी, अब AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से कर दी ये मांग
Embed widget