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अभिनेत्री और सांसद नुसरत जहां बोलीं- पीरियड के दौरान महिलाओं को छुट्टी देना सराहनीय कदम
सांसद नुसरत जहां ने कहा, कोरोना महामारी ने स्वच्छता की जरूरतों का एहसास कराया है. लंबे समय तक हमारे देश में विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की अनदेखी की गई है.

सांसद और अभिनेत्री नुसरत जहां लोकसभा चुनाव का चुनाव जीतने के साथ ही लगातार चर्चा में बनी रही हैं. कोरोना वायरस महामारी को लेकर वह कहती हैं, इस महामारी ने मुझे सिखाया है कि किसी भी चीज को निश्चित मानकर नहीं चलना चाहिए. हाल में ही एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में नुसरत जहां महिलाओं के मुद्दे, व्यक्तिगत स्वास्थ्य और स्वच्छता के महत्व पर बात की है. उन्होंने विभिन्न कंपनियों द्वारा महिलाओं को दी जा रही पीरियड लीव की सराहना की है.
पिछले महीने फूड डिलिवरी सर्विस देने वाली कंपनी जोमेटो ने अपने यहां काम करने वाली महिला कर्मचारियों के पीरियड में छुट्टी देने का ऐलान किया है. कंपनी साल में दस दिन महिला कर्मचारियों को छुट्टी देगी. इससे पहले मुंबई स्थित कल्चर मशीन, गुड़गांव स्थित गोजूप और कोलकाता की फ्लाईमाईबिज नाम की कंपनी अपने यहां महिलाओं को ये सुविधा दे चुकी है.
महिलाओं के स्वच्छता के मुद्दे पर हाल में ही एक ब्रांड से जुड़ी नुसरत जहां कहती हैं, "महिलाओं के लिए मेंस्ट्रुअल के दौरान छुट्टी की घोषणा एक सराहनीय कदम है. मेरा मानना है कि अधिक संगठनों को इसका पालन करना चाहिए. लंबे समय से मासिक धर्म और इससे जुड़ी किसी भी चीज को लेकर काफी टैबू था. पीरियड्स के दौरान महिलाओं को होने वाली समस्याओं को लेकर जागरूकता की कमी थी."
नुसरत आगे कहती हैं कि कुछ स्टार्टअप मासिक धर्म को लेकर जागरूकता बढ़ाने में मदद कर रहे हैं लेकिन सरकार को भी विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए. सभी सोशल-इकॉनामिक सेक्टर में मासिक धर्म को लेकर सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए.
बता दें कि महिलाओं को पीरियड में छुट्टी मिलना चाहिए या नहीं इस पर बहस शुरू हो गई है. मल्टीनेशनल कंपनियों में नाइक ने साल 2007 में इस पहल की शुरुआत की थी. पश्चिमी देशों में भी कई कंपनी यहां महिलाओं को पीरियड के दिनों में छुट्टियां देते हैं.
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Source: IOCL

























