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International Women's Day 2025 : कब और क्यों मनाया गया था पहला विमेंस डे, जानें 2025 की थीम

यूनाइटेड नेशंस ने 1975 इंटरनेशनल विमेंस ईयर मनाते हुए पहली बार इंटरनेशनल विमेंस डे भी मनाया था.2 साल बाद 1977 में यूएन जनरल असेंबली ने सभी सदस्य देशों को बुलाकर 8 मार्च को महिला दिवस घोषित किया.

International Women's Day 2025 : 8 मार्च तो पता ही होगा. इस दिन दुनिया विमेंस डे मनाती है. यह दिन महिलाओं के लिए काफी स्पेशल है. उनके समान अधिकार और बराबरी को  बढ़ावा देता है. उनकी उपलब्धियां बताता है और विमेन एम्पॉवरमेंट को बढ़ावा देता है. इस दिन महिलाओं से जुड़े हर मुद्दे पर खुलकर बात की जाती है. दुनिया के सभी विकसित और विकासशील देशों में महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक तौर से सशक्त बनाने पर जोर दिया जाता है. महिला दिवस के इस खास मौके पर चलिए जानते हैं इस दिन को मनाने की वजह, इतिहास और इस बार की थीम...

इंटरनेशनल विमेंस डे की शुरुआत कब हुई

बात 1975 की है. यूनाइटेड नेशंस (UN) ने इंटरनेशनल विमेंस ईयर मनाते हुए पहली बार इंटरनेशनल विमेंस डे (International Women's Day) भी मनाया था. 2 साल बाद 1977 में यूएन जनरल असेंबली ने सभी सदस्य देशों को बुलाकर 8 मार्च को महिला अधिकार दिवस घोषित किया. हालांकि, इसका इतिहास काफी पुराना है. सबसे पहले महिला दिवस अमेरिकी सोशलिस्ट पार्टी ने इसे 28 फरवरी, 1909 को मनाया था.

इंटरनेशनल विमेंस डे का इतिहास

रिपोर्ट्स के अनुसार, 20वीं सदी में अमेरिका और यूरोप में श्रमिकों के आंदोलन के बीच इंटरनेशनल वुमन्स डे का जन्म हुआ था. हालांकि, इस दिन को मान्यता काफी सालों बाद मिली. आंदोलन में महिलाओं ने मांग रखी कि उनके काम करने के घंटों की एक लिमिट तय होनी चाहिए. रूस में महिलाओं ने पहले वर्ल्ड वॉर का विरोध करते हुए इस दिन को मनाया. इस दिन के लिए महिलाओं ने मर्द और औरतों के अधिकारों के बीच के अंतर के खिलाफ आवाज उठाई थी.

महिला दिवस के लिए 8 मार्च ही क्यों चुना गया

1909 के बाद महिला दिवस फरवरी के आखिरी रविवार को मनाया जाने लगा. 1910 में सोशलिस्ट इंटरनेशनल के कोपनेहेगन के सम्मेलन में इसे इंटरनेशनल का दर्जा दिया गया. उस समय इसका मकसद महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिलाना था. 1917 में रूस में महिलाओं ने ऐतिहासिक हड़ताल की. जिसकी वजह से जार ने सत्ता छोड़ी और महिलाओं को वोट देने का अधिकार मिला.

तब रूस में जुलियन कैलेंडर चलता था. जबकि दुनिया के दूसरे देशों में ग्रेगरियन कैलेंडर. इन दोनों कैलेंडरों की तारीख में काफी अंतर था. जुलियन कैलेंडर के अनुसार, 1917 की फरवरी का आखिरी संडे 23 फरवरी को था और ग्रेगेरियन कैलेंडर में यही दिन 8 मार्च को. इस तरह 8 मार्च को इंटरनेशनल विमेंस डे के तौर पर मनाया जाने लगा.

विमेंस डे का महत्व

इस दिन के माध्यम से लोगों को महिलाओं के संघर्ष के प्रति जागरूक किया जाता है. यह दिन महिलाओं के खिलाफ गलत व्यवहार, समाज में उनकी भूमिका और उनके अधिकारों के प्रति अवेयर करता है. क्योंकि आज भी जब दुनिया 21वीं सदी में है, तब भी ज्यादातर महिलाओं को पुरुषों के फैसलों पर निर्भर रहना पड़ता है.

विमेंस डे 2025 की थीम क्या है

अंतर्राष्ट्रीय दिवस की थीम पहली बार 1996 में रखी गई. तब से हर साल एक खास थीम रखी जाती है. 2024 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम 'इंस्पायर इंक्लूजन' रखी गई थी. इस बार 2025 में इंटरनेशनल विमेंट डे की थीम 'Accelerate Action' है. यह थीम महिलाओं को समानता देने में तेजी लाने पर फोकस करना है. इस थीम के जरिए महिलाओं की बराबरी में बाधा जाने वाले सिस्टम को खत्म करने की कोशिशों को तेज करना है. णसका मकसद सभी के लिए समान अधिकार और अवसर उपलब्ध कराना है.

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