एक्सप्लोरर

Home Cleaning Tips: बेड के नीचे जमा कचरे को कैसे करें साफ‌? ये है सबसे आसान तरीका

Bed Cleaning Tips: अगर बेड के नीचे जूते, डिब्बे, चादरें, कंबल या दूसरी चीजें रखी हैं, तो सबसे पहले उन्हें बाहर निकाल दें. जब तक सामान वहीं रहेगा, फर्श के हर हिस्से तक पहुंचना मुश्किल होगा.

Ways To Clean Under Bed Without Moving It: घर की सफाई करते समय हम फर्श, बेड, टेबल और अलमारी जैसी जगहों पर तो आसानी से ध्यान दे देते हैं, लेकिन बेड के नीचे का हिस्सा अक्सर नजरअंदाज हो जाता है. यही वजह है कि इस जगह पर धीरे-धीरे धूल, बाल, कपड़ों के रेशे और दूसरी गंदगी जमा होती रहती है. कई बार बेड के नीचे सामान रखा होने की वजह से वहां सफाई करना और भी मुश्किल हो जाता है.

अगर काफी समय से आपने बेड के नीचे सफाई नहीं की है, तो वहां सिर्फ धूल ही नहीं बल्कि पालतू जानवरों के बाल, जाले, छोटे कीड़े, खाने के टुकड़े और कई बार भूली हुई चीजें भी मिल सकती हैं. इसलिए बेड के नीचे की सफाई को भी कमरे की सामान्य सफाई का हिस्सा बनाना जरूरी है.

बेड के नीचे सफाई करने के लिए क्या चाहिए?

इसके लिए आपको बहुत सारे सामान की जरूरत नहीं पड़ेगी. वैक्यूम क्लीनर के साथ क्रेविस टूल या एक्सटेंशन वैंड हो तो सफाई आसान हो जाती है. इसके अलावा माइक्रोफाइबर कपड़ा, लंबी डस्टर और फ्लैट माइक्रोफाइबर मॉप भी काम आ सकता है. अगर बेड के नीचे अंधेरा है, तो टॉर्च की मदद से कोनों में छिपी गंदगी देख सकते हैं.


Home Cleaning Tips: बेड के नीचे जमा कचरे को कैसे करें साफ‌? ये है सबसे आसान तरीका

सबसे पहले बेड के नीचे रखा सामान बाहर निकालें

अगर बेड के नीचे जूते, डिब्बे, चादरें, कंबल या दूसरी चीजें रखी हैं, तो सबसे पहले उन्हें बाहर निकाल दें. जब तक सामान वहीं रहेगा, फर्श के हर हिस्से तक पहुंचना मुश्किल होगा. सामान बाहर निकालने के बाद यह भी देखें कि कौन सी चीज जरूरी है और किन चीजों को अब रखने की जरूरत नहीं है. इस दौरान बेड के नीचे के पूरे हिस्से को एक बार टॉर्च से देख लें. कोनों में जमा धूल, जाले, बाल, छोटे कीड़े, नमी या कोई भूली हुई चीज आसानी से नजर आ सकती है.

अब वैक्यूम क्लीनर से पूरी जगह साफ करें

बेड के नीचे जमा कचरा साफ करने का सबसे आसान तरीका वैक्यूम क्लीनर है. इसमें क्रेविस टूल या एक्सटेंशन वैंड लगाकर पहले सबसे अंदर वाले हिस्से से सफाई शुरू करें. धीरे-धीरे वैक्यूम को अपनी तरफ लाएं, ताकि धूल और कचरा बाहर निकलता जाए. दीवार के पास, बेड के पैरों के आसपास, कोनों और बेड के सपोर्ट वाले हिस्सों को भी अच्छी तरह साफ करें. वैक्यूम को बहुत तेजी से चलाने के बजाय धीरे-धीरे चलाएं. इससे महीन धूल को भी बेहतर तरीके से खींचने में मदद मिलती है.


Home Cleaning Tips: बेड के नीचे जमा कचरे को कैसे करें साफ‌? ये है सबसे आसान तरीका

बेड के फ्रेम की सफाई भी जरूरी है

सिर्फ फर्श साफ करने से बेड के नीचे की पूरी सफाई नहीं होती. बेड के लकड़ी वाले हिस्से, मेटल रेल, सपोर्ट बीम और पैरों पर भी धूल जमा हो सकती है. इन्हें माइक्रोफाइबर कपड़े या लंबी डस्टर से साफ करें. अगर बेड के फ्रेम में लकड़ी के पैनल या दराज हैं, तो उन्हें हल्के गीले माइक्रोफाइबर कपड़े से पोंछ सकते हैं. हालांकि लकड़ी पर ज्यादा पानी इस्तेमाल करने से बचें और सामान वापस रखने से पहले सतह को पूरी तरह सूखने दें.

बेड के नीचे रखा सामान भी साफ करें

बेड के नीचे रखे प्लास्टिक बॉक्स, बास्केट और स्टोरेज ऑर्गनाइजर भी धूल से भर जाते हैं. इसलिए उन्हें वापस रखने से पहले साफ करना न भूलें. प्लास्टिक के डिब्बों को गीले माइक्रोफाइबर कपड़े से पोंछ सकते हैं. कपड़े के स्टोरेज बैग को सॉफ्ट ब्रश अटैचमेंट से वैक्यूम किया जा सकता है. सामान वापस रखते समय सब कुछ ठूंसकर रखने के बजाय थोड़ी जगह छोड़ें. इससे हवा का रास्ता बना रहेगा और आगे धूल जमा होने की समस्या कुछ कम हो सकती है.

बेड को हिलाए बिना कैसे करें सफाई?

अगर बेड भारी है और उसे हिलाना संभव नहीं है, तो भी नीचे की सफाई की जा सकती है. लंबी डस्टर को बेड के नीचे अलग-अलग दिशाओं से ले जाकर धूल बाहर निकालें. वैक्यूम क्लीनर में एक्सटेंशन वैंड है तो उससे बेड के बीच तक पहुंचा जा सकता है. लकड़ी, टाइल या लैमिनेट वाले फर्श के लिए फ्लैट माइक्रोफाइबर मॉप भी इस्तेमाल कर सकते हैं. कपड़े को हल्का गीला करके बेड के नीचे चलाएं. अगर आपके बेड के नीचे पर्याप्त जगह है, तो रोबोट वैक्यूम भी नियमित सफाई में मदद कर सकता है.

कम ऊंचाई वाले बेड के लिए ये तरीका अपनाएं

अगर बेड फर्श के काफी करीब है, तो सामान्य डस्टर या वैक्यूम से सफाई करना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में पतले वैक्यूम हेड, फ्लैट माइक्रोफाइबर मॉप, फ्लेक्सिबल डस्टर या एक्सटेंडेबल क्लीनिंग वैंड का इस्तेमाल करें. एक ही तरफ से पूरी जगह साफ करने की कोशिश न करें. बेड के अलग-अलग किनारों से सफाई करने पर अंदर के कोनों तक पहुंचना आसान होगा.

इसे भी पढ़ें- Snakes In Monsoon: मानसून में घर के पास क्यों आते हैं जहरीले सांप? जानें बचाव के तरीके

कितने दिन में एक बार करें सफाई?

बेड के नीचे की सफाई कितनी बार करनी चाहिए, यह घर की स्थिति पर निर्भर करता है. सामान्य तौर पर हर चार हफ्ते में एक बार सफाई की जा सकती है. अगर घर में पालतू जानवर हैं, बच्चों की वजह से ज्यादा गंदगी होती है या किसी को धूल से एलर्जी है, तो दो से चार हफ्ते के बजाय इससे भी कम अंतर पर सफाई करना बेहतर हो सकता है. बेड के नीचे धूल दोबारा जल्दी जमा न हो, इसके लिए बेडशीट और तकिए के कवर नियमित रूप से धोएं और सामान रखने के लिए खुले डिब्बों या कार्डबोर्ड बॉक्स की जगह ढक्कन वाले प्लास्टिक कंटेनर इस्तेमाल करें. इससे इस छिपी हुई जगह को साफ रखना आसान होगा.

इसे भी पढ़ें- Remove Black Stains From Utensils: बिना रगड़े मिनटों में चमकेंगे जले हुए बर्तन, करें ये 1 काम

About the author सोनम

जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. 

लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. अमर उजाला में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद दैनिक जागरण के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं.

ट्रैवल उनका इंटरेस्ट  एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

How To Fix Undercooked Rice: अधपके चावल को फेंकने की न करें भूल! 5 मिनट में ऐसे करें ठीक
अधपके चावल को फेंकने की न करें भूल! 5 मिनट में ऐसे करें ठीक
Tips For Buying Apples: सेब मीठा है या नहीं, खरीदने से पहले ऐसे करें चेक
सेब मीठा है या नहीं, खरीदने से पहले ऐसे करें चेक
How To Remove Bad Smell From Towels: धोने के बाद भी नहीं जा रही तौलिए की अजीब बदबू, करें ये काम
धोने के बाद भी नहीं जा रही तौलिए की अजीब बदबू, करें ये काम
Clean Dirty Bulbs: क्या गंदे बल्ब से कम आ रही है रोशनी? 2 मिनट में ऐसे चमकाएं
क्या गंदे बल्ब से कम आ रही है रोशनी? 2 मिनट में ऐसे चमकाएं
Advertisement

वीडियोज

वो दरिंदों के जाल में फंस गई थी !
बिना मंजूरी प्रदर्शन से ज्ञानेश का इस्तीफा हो जाएगा?
Delhi में मेट्रो-रेल बंद करने पर SC ने लगाई फटकार
10 अक्टूबर को लेकर दिल्ली में कैसा 'डर' ?
विपक्ष ने राष्ट्रपति मुर्मू को सौंपा ज्ञापन
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'AAP, TMC, योगेंद्र यादव और...' CJP के जंतर-मंतर प्रोटेस्ट को किन दलों ने दिया समर्थन?
'AAP, TMC, योगेंद्र यादव और...' CJP के जंतर-मंतर प्रोटेस्ट को किन दलों ने दिया समर्थन?
'नए अंग्रेजों से जंग', CJP प्रदर्शन के बीच बोले सांसद पप्पू यादव
'नए अंग्रेजों से जंग', CJP प्रदर्शन के बीच बोले सांसद पप्पू यादव
T20I के इतिहास में सिर्फ दूसरी बार हुआ ऐसा, भारत-वेस्टइंडीज ने मिलकर रचा इतिहास
T20I के इतिहास में सिर्फ दूसरी बार हुआ ऐसा, भारत-वेस्टइंडीज ने मिलकर रचा इतिहास
CJP के दिल्ली प्रोटेस्ट में सोनम वांगचुक क्यों नहीं हो रहे शामिल, खुद बताया कारण
CJP के दिल्ली प्रोटेस्ट में सोनम वांगचुक क्यों नहीं हो रहे शामिल, खुद बताया कारण
नानी ने The Paradise के ओटीटी वर्जन में किए बदलाव, अनसीन फुटेज हो सकती है शामिल
'द पैराडाइज' के ओटीटी वर्जन में हुए बदलाव, अनसीन फुटेज हो सकती है शामिल
शारजाह में तेल टैंकर पर ड्रोन अटैक, जहाज पर 22 भारतीय थे सवार, मंत्रालय ने क्या बताया?
शारजाह में तेल टैंकर पर ड्रोन अटैक, जहाज पर 22 भारतीय थे सवार, मंत्रालय ने क्या बताया?
सांड ने किया हमला, कार का किया कबाड़ा; वीडियो वायरल
सांड ने किया हमला, कार का किया कबाड़ा; वीडियो वायरल
खेत की मेड़ पर उगाएं मोरिंगा, फसल के साथ कमाई में मिलेगा बोनस
खेत की मेड़ पर उगाएं मोरिंगा, फसल के साथ कमाई में मिलेगा बोनस
Embed widget