एक्सप्लोरर

पॉटी से कैसे पता चलती है आपकी सेहत, 7 दिन में कितनी बार टॉयलेट जाना सही?

हमारी सेहत का हाल जानने के लिए कई संकेत होते हैं. इनमें से एक पॉटी का रंग, आकार, टेक्सचर भी है. इससे पता लगाया जा सकता है कि हेल्थ ठीक है या नहीं.

Stool Health Check : सुनने में थोड़ा अटपटा जरूर लग सकता है लेकिन यह सच है कि पॉटी (Stool) से सेहत का हाल पता चलता है. एक हेल्दी शरीर के पॉटी का रंग हल्के भूरे रंग से गाढ़े भूरे रंग तक हो सकता है. इसके अलावा कोई भी रंग जैसे व्हाइट, हल्का पीला, हरा, लाल, काला, ग्रे खराब सेहत की ओर संकेत करता है. पॉटी का रंग ही नहीं इसका आकार, टेक्सचर, कंसिस्टेंसी भी हेल्थ के बारें में बताता है. ऐसे में आइए जानते हैं पॉटी किन-किन चीजों की ओर इशारा करती है, 7 दिन में कितनी बार टॉयलेट जाना सही होता है...

यह भी पढ़ें : साल में दो बार बोर्ड परीक्षाओं से बच्चों की मेंटल हेल्थ पर पड़ सकता है असर?

पॉटी से किन-किन चीजों का पता चलता है

1. पूप क्वालिटी यानी पॉटी से आहार और सेहत की बहुत सी बातें पता चलती हैं.

2. पर्याप्त पानी पी रहे हैं या नहीं

3. शरीर में स्ट्रेस हॉर्मोन कोर्टिसोल का लेवल

4. किसी फूड से एलर्जी तो नहीं

5. पर्याप्त मात्रा में फाइबर ले रहे हैं या नहीं

6. पेट में कीड़ा या पैरासाइट तो नहीं है

7. गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक में दिक्कत तो नहीं, ईरिटेबल बाउल सिंड्रोम तो नहीं

8. शरीर पर्याप्त मात्रा में स्टमक एसिड यानी हाइड्रोक्लोरिक एसिड निकल रहा है या नहीं

9. ज्यादा मिर्च, मसाले, तेल वाला खाना तो नहीं खा रहे हैं

10. एंटासिड, एंटी एलर्जी या एंटीबायोटिक दवाएं तो नहीं ले रहे हैं

एक दिन में कितनी बार टॉयलेट जाना चाहिए

अमेरिकन गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. विल्स बुल्शेविच के अनुसार, एक हेल्दी इंसान को दिन में एक बार पॉटी जाने की जरूरत हो सकती है. दो बार टॉयलेट जाने के बीच कम से कम 24-32 घंटे का अंतराल होना चाहिए. दिन में एक बार टॉयलेट जाना कोई जरूरी नहीं है. डेढ़ से दो दिन में भी एक बार टॉयलेट जाते हैं तो चिंता की जरूरत नहीं है. यह एक आदत है, जिसकी कंसिस्टेंसी होनी चाहिए. अगर इसमें गड़बड़ी होती है तो पेट और सेहत भी बिगड़ सकती है.

7 दिन में कितनी बार टॉयलेट जाना सही?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, टॉयलेट जाने की आदतें हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती हैं. सामान्य दिन में 1 से 3 बार या हफ्ते में कम से कम 8-10 बार पॉटी करना सामान्य माना जाता है. अगर इससे ज्यादा या कम टॉयलेट जाते हैं, तो यह पाचन तंत्र की गड़बड़ी का संकेत हो सकता है.

कब करें डॉक्टर से संपर्क

अगर किसी को लगातार कब्ज, डायरिया, मल में खून आना, पॉटी का रंग असामान्य होना या पेट में दर्द की समस्या हो रही है, तो बिना देर किए डॉक्टर के पास जाना चाहिए. ताकि तकलीफ बढ़ने से पहले उसका इलाज हो सके.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

यह भी पढ़ें: 'मुझे जीना ही नहीं है अब...' दीपिका पादुकोण ने छात्रों को सुनाई अपने डिप्रेशन की कहानी

 

 

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

GLP-1 Drugs Obesity Treatment: GLP-1 दवाओं से बदल रहा मोटापे का इलाज, क्या अब सर्जरी की जरूरत कम होगी?
GLP-1 दवाओं से बदल रहा मोटापे का इलाज, क्या अब सर्जरी की जरूरत कम होगी?
Xप्लेन: कैंसर से भारत कैसे बच सकता है? ऐसे पहचानें हर रोज दोहराने वाला दर्दनाक सच
कैंसर से भारत कैसे बच सकता है? ऐसे पहचानें हर रोज दोहराने वाला दर्दनाक सच
Zero Oil Cooking: क्या होती है जीरो ऑयल कुकिंग? इससे क्या होता है फायदा
क्या होती है जीरो ऑयल कुकिंग? इससे क्या होता है फायदा
Monsoon Eye Infection: बरसात में तेजी से बढ़ता है आंखों का इन्फेक्शन, ऐसे करें ठीक
बरसात में तेजी से बढ़ता है आंखों का इन्फेक्शन, ऐसे करें ठीक

वीडियोज

Vasudha: Vasudha-Chandrika को मिलेगा 'Business Women Award', परखने घर पहुंची स्पेशल कमेटी
R. Madhavan बोले- अब उन्हें CM Thalapathy Vijay कहना चाहिए, Politics पर दिया बड़ा जवाब
Kajal Raghwani ने Pawan Singh पर लगाए गंभीर आरोप, Khesari Lal Yadav को भी दिया जवाब
Bhojpuri Bawaal में Pawan Singh ने छोड़ा शो, Amrapali Dubey और Kajal Raghwani में बड़ी बहस
Bollywood News: उल्टा पड़ा दांव! 'आवारापन 2' के मेकर्स का ही दांव पड़ा उन पर भारी, घिरे विवादों में! (07.06.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
यूपी में बदलने वाला है मौसम का मिजाज, 63 जिलों में बारिश का अलर्ट
यूपी में बदलने वाला है मौसम का मिजाज, 63 जिलों में बारिश का अलर्ट
'सेंसरशिप नहीं, कानून का पालन', AI कंटेंट-CSAM पर केंद्र की मेटा को दो टूक
'सेंसरशिप नहीं, कानून का पालन', AI कंटेंट-CSAM पर केंद्र की मेटा को दो टूक
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 भारतीय गेंदबाज
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 भारतीय गेंदबाज
Xप्लेन: कैंसर से भारत कैसे बच सकता है? ऐसे पहचानें हर रोज दोहराने वाला दर्दनाक सच
कैंसर से भारत कैसे बच सकता है? ऐसे पहचानें हर रोज दोहराने वाला दर्दनाक सच
Bharat Bhhagya Viddhaata OTT Release: कंगना रनौत की 'भारत भाग्य विधाता' की ओटीटी रिलीज कंफर्म, जानें कब-कहां देख सकते हैं
कंगना रनौत की 'भारत भाग्य विधाता' की ओटीटी रिलीज कंफर्म, जानें कब-कहां देख सकते हैं
अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी..., भारत-चीन पर 100% टैरिफ का US सीनेटर ने किया विरोध
अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी..., भारत-चीन पर 100% टैरिफ का US सीनेटर ने किया विरोध
इकलौता समंदर जिसका नहीं कोई किनारा, बिना तट कैसे तय होती है सीमा?
इकलौता समंदर जिसका नहीं कोई किनारा, बिना तट कैसे तय होती है सीमा?
RTE के नियमों पर मौसम और त्योहारों की मार, स्कूलों के सामने आई नई चुनौती
RTE के नियमों पर मौसम और त्योहारों की मार, स्कूलों के सामने आई नई चुनौती
Embed widget