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आपके पैरों में भी दिखने लगी हैं मकड़ी के जाले जैसी नसें, जानिए क्यों होती है ये समस्या?

आज की तेज रफ्तार जिंदगी, घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करना, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, गलत खानपान और बढ़ता वजन ये सभी मिलकर शरीर को धीरे-धीरे कमजोर करते हैं.

क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि पैरों या टखनों की स्किन पर बारीक नीली, लाल या बैंगनी रंग की नसें जाल की तरह फैलती दिख रही हैं. कई लोग इन्हें मामूली स्किन प्रॉब्लम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, तो कुछ इसे सिर्फ सुंदरता से जुड़ी समस्या मानते हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि पैरों पर दिखने वाले ये मकड़ी जैसे जाले, जिन्हें मेडिकल भाषा में स्पाइडर वेन्स या वैरिकोज वेन्स कहा जाता है, शरीर के अंदर चल रही किसी गड़बड़ी का संकेत हो सकते हैं.

आज की तेज रफ्तार जिंदगी, घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करना, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, गलत खानपान और बढ़ता वजन ये सभी मिलकर शरीर को धीरे-धीरे कमजोर करते हैं. शरीर ऐसे ही संकेतों के जरिए हमें सावधान करता है. पैरों पर उभरने वाली ये नसें भी ऐसा ही एक इशारा हो सकती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि आपके पैरों में भी मकड़ी के जाले जैसी नसें दिखने लगी ये समस्या क्यों होती है. 

क्या होती हैं स्पाइडर वेन्स?

स्पाइडर वेन्स स्किन की ऊपरी सतह के ठीक नीचे दिखाई देने वाली छोटी-छोटी फैली हुई नसें होती हैं. ये अक्सर लाल, नीली या बैंगनी रंग की होती हैं और देखने में मकड़ी के जाले जैसी लगती हैं. शुरुआत में इनमें दर्द नहीं होता, इसलिए लोग इन्हें गंभीरता से नहीं लेते. लेकिन समय के साथ यही समस्या आगे चलकर दर्द, सूजन और चलने-फिरने में परेशानी का कारण बन सकती है. 

डॉक्टरों के अनुसार, यह समस्या तब होती है जब पैरों की नसों के अंदर मौजूद वाल्व कमजोर हो जाते हैं. ये वाल्व खून को नीचे से ऊपर, यानी दिल की तरफ ले जाने का काम करते हैं. जब ये सही से काम नहीं करते, तो खून पैरों में जमा होने लगता है और नसें फैल कर जाल की तरह दिखने लगती हैं. 

ये समस्या क्यों होती है?

1. खराब ब्लड सर्कुलेशन - लंबे समय तक एक ही जगह बैठना या खड़े रहना. 
 
2. हार्मोनल बदलाव - प्रेगनेंसी, मेनोपॉज या यौवन के समय. 
 
3. जेनेटिक कारण -  अगर परिवार में पहले से किसी को यह समस्या रही हो. 
 
4. मोटापा -  बढ़ा हुआ वजन नसों पर अतिरिक्त दबाव डालता है. 
 
5. लिवर की समस्या -  कुछ मामलों में जिगर की गड़बड़ी से भी स्किन पर नसें उभरने लगती हैं. 
 
6. धूप में ज्यादा रहना - इससे स्किन के नीचे की नाज़ुक नसें कमजोर हो सकती हैं. 
 
विटामिन B12 की कमी से भी हो सकती है समस्या

कई मामलों में पैरों पर स्पाइडर वेन्स का दिखना विटामिन B12 की कमी से भी जुड़ा हो सकता है. यह विटामिन नसों को मजबूत रखने और ब्लड सर्कुलेशन को सही बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है. जब शरीर में B12 की कमी हो जाती है, तो नसों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, खून का प्रवाह सही नहीं हो पाता और इसका असर स्किन पर साफ दिखाई देने लगता है. 

कब बन जाती है यह समस्या गंभीर?

शुरुआत में स्पाइडर वेन्स सिर्फ देखने में खराब लगती हैं, लेकिन अगर इन्हें नजरअंदाज किया जाए तो यह वैरिकोज वेन्स का रूप ले सकती हैं. इस स्थिति में नसें ज्यादा फूल जाती हैं और दर्द भी होने लगता है. वैरिकोज वेन्स में पैरों में दर्द या जलन, ऐंठन और भारीपन, पैरों में सूजन या लालिमा, स्किन का रंग बदलना,त घाव का देर से भरना, लंबे समय तक खड़े रहने पर परेशानी होती है. कुछ डॉक्टरों का कहना है कि गंभीर मामलों में यह समस्या आगे चलकर खून के थक्के (ब्लड क्लॉट) बनने का कारण भी बन सकती है. 

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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