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Nuclear Attack Survival: परमाणु हमला हो जाए तो कैसे बचेगी जान, रेडिएशन फॉलआउट से कैसे बचा सकते हैं अपना पूरा परिवार?

Distance Shielding Time Rule: कभी परमाणु हमला हो जाए, तो घबराने के बजाय सही जानकारी और तुरंत लिए गए फैसले आपकी और आपके परिवार की जान बचा सकते हैं. चलिए बताते हैं कैसे.

What To Do During A Nuclear Attack: अगर आपके शहर पर कभी परमाणु हमला हो जाए, तो घबराने के बजाय सही जानकारी और तुरंत लिए गए फैसले आपकी और आपके परिवार की जान बचा सकते हैं. ऐसे हालात में सबसे बड़ा खतरा सिर्फ धमाका नहीं, बल्कि उसके बाद फैलने वाला रेडिएशन फॉलआउट होता है, जो हवा, पानी और जमीन को लंबे समय तक प्रभावित कर सकता है. सबसे पहले समझना जरूरी है कि परमाणु विस्फोट के बाद छोटे-छोटे रेडियोएक्टिव कण हवा में फैल जाते हैं और धीरे-धीरे जमीन पर गिरते हैं. यही फॉलआउट सबसे ज्यादा खतरनाक होता है. इसलिए बचाव के तीन सबसे अहम तरीके हैं डिस्टेंस, शील्डिंग और टाइम . 

हमले के बाद क्या करना चाहिए?

American Red Cross की रिपोर्ट के अनुसार,  हमले की स्थिति में जितनी जल्दी हो सके किसी मजबूत इमारत के अंदर चले जाएंय अगर संभव हो तो बेसमेंट या जमीन के नीचे वाली जगह सबसे सुरक्षित मानी जाती है. अगर नीचे जाने का विकल्प न हो, तो इमारत के बीच वाले हिस्से में रहें, जहां खिड़कियां कम हों और दीवारें मोटी हों. ईंट, कंक्रीट और मोटी दीवारें रेडिएशन से बचाने में मदद करती हैं.

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किस बात का ध्यान रखना चाहिए?

ध्यान रखें कि बाहर की हवा सबसे ज्यादा खतरनाक होती है, इसलिए घर या शेल्टर में जाकर दरवाजे-खिड़कियां बंद कर लें. पंखे, एसी या ऐसी मशीनें बंद कर दें जो बाहर की हवा अंदर लाती हैं. शुरुआती समय में रेडिएशन का स्तर सबसे ज्यादा होता है, इसलिए कम से कम 24 घंटे तक अंदर रहना जरूरी होता है, हालांकि कुछ मामलों में यह समय और भी ज्यादा हो सकता है .

बाहर होने पर क्या करें?

अगर आप हमले के समय बाहर फंस जाएं, तो तुरंत जमीन पर लेट जाएं और सिर को ढक लें. किसी मजबूत चीज के पीछे छिपने की कोशिश करें. मुंह और नाक को कपड़े या मास्क से ढक लें ताकि रेडियोएक्टिव कण शरीर के अंदर न जा सकें. जैसे ही मौका मिले, तुरंत किसी सुरक्षित जगह पर पहुंच जाएं, क्योंकि ये कण हवा के साथ दूर-दूर तक फैल सकते हैं. अगर आप बाहर थे और फिर अंदर आए हैं, तो खुद को साफ करना भी बेहद जरूरी है. अपने कपड़े बदलें और उन्हें अलग करके पैक कर दें. नहाने का मौका मिले तो साबुन और पानी से शरीर और बाल अच्छी तरह साफ करें. इससे शरीर पर जमे खतरनाक कण काफी हद तक हट सकते हैं. 

निर्देशों का पालन करें

इस दौरान आधिकारिक निर्देशों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. रेडियो, टीवी या मोबाइल के जरिए मिलने वाली जानकारी को फॉलो करें और बिना निर्देश के बाहर न निकलें.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें

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About the author सोनम

जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. 

लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. अमर उजाला में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद दैनिक जागरण के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं.

ट्रैवल उनका इंटरेस्ट  एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं.

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