किन लोगों को नहीं होती है माइग्रेन की समस्या, आप भी फॉलो करें ये लाइफस्टाइल
साइलेंट माइग्रेन एक ऐसा माइग्रेन है जिसमें सिरदर्द नहीं होता. आपको चमकती हुई रोशनी या धब्बे दिखाई दे सकते हैं या झुनझुनी या सुन्नता हो सकती है. आइए जानें किन लोगों को माइग्रेन नहीं होती है.

जिन लोगों की लाइफस्टाइल अच्छी होती है. साथ ही जिन लोगों की माइग्रेन की फैमिली हिस्ट्री नहीं होती है. तो ऐसे लोगों माइग्रेन होने की दिक्कत न के बराबर होती है. साइलेंट माइग्रेन एक ऐसा माइग्रेन है जिसमें सिरदर्द नहीं होता. आपको चमकती हुई रोशनी या धब्बे दिखाई दे सकते हैं या झुनझुनी या सुन्नता हो सकती है जो आपके हाथों से आपके चेहरे तक फैल जाती है. आपको बोलने में कठिनाई हो सकती है. स्वास्थ्य सेवा प्रदाता साइलेंट माइग्रेन का इलाज करते हैं. उन्हें ट्रिगर करने वाली चीज़ों की पहचान करके और साइलेंट माइग्रेन के लक्षणों को कम करने के तरीके सुझाते हैं.
खराब खानपान की वजह से माइग्रेन हो जाता है ट्रिगर
माइग्रेन से परेशान लोगों के लिए खानपान सही रखना बेहद जरूरी होता है. लेकिन क्या आपको पता है रोजमर्रा की डाइट कई बार इतनी खराब रहती है कि उनका माइग्रेन ट्रिगर हो जाता है. सबसे हैरान कर देने वाली बात यह कि ये चीजें इतनी आम है कि अगर आप बिना सोचे समझे कुछ भी खा लेते हैं तो आपको माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है. कई बार बहुत ज्यादा कैफीन के इस्तेमाल के कारण माइग्रेन ट्रिगर होता है. हालांकि, 'अमेरिकन माइग्रेन फाउंडेशन' के मुताबिक कुछ लोगों के लिए कैफीन माइग्रेन के अटैक का कारण हो सकता है. इसलिए कोशिश करें कि माइग्रेन वाले कॉफी, चाय और चॉकलेट नहीं खाना चाहिए.
माइग्रेन के मरीज को इन चीजों को नहीं खाना चाहिए?
चॉकलेट
चॉकलेट में टायरामाइन नामक पदार्थ होता है, जो माइग्रेन के दर्द को ट्रिगर कर सकता है. टायरामाइन हमारे दिमाग में केमिकल असंतुलन पैदा करता है, जिससे माइग्रेन का दर्द बढ़ जाता है. अगर आपको चॉकलेट खाने का बहुत शौक है, तो कोशिश करें कि आप इसे कम मात्रा में खाएं, खासकर डार्क चॉकलेट. इससे आपका माइग्रेन का दर्द कम हो सकता है.
प्रोसेस्ड मीट
प्रोसेस्ड मीट जैसे सॉसेज, हॉट डॉग, और सलामी में नाइट्राइट्स और नाइट्रेट्स होते हैं. ये केमिकल्स हमारे शरीर में ब्लड वेसल्स को प्रभावित करते हैं, जिससे माइग्रेन का दर्द बढ़ सकता है. अगर आप मीट खाना पसंद करते हैं, तो ताजे और बिना प्रोसेस्ड मीट का खाएं. इससे माइग्रेन के दर्द को कम करने में मदद मिलेगी.
पनीर
पुराना या फर्मेंटेड पनीर जैसे चेडर, ब्लू चीज, और स्विस चीज में टायरामाइन होता है. यह पदार्थ माइग्रेन के दर्द को ट्रिगर कर सकता है. अगर आपको पनीर बहुत पसंद है, तो ताजे पनीर का उपयोग करें. इससे माइग्रेन का दर्द कम हो सकता है और आप स्वाद का आनंद भी ले सकते हैं.
मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) खाना
MSG एक फूड एडिटिव है जो अक्सर चीनी और प्रोसेस्ड फूड में पाया जाता है. यह हमारे दिमाग में केमिकल असंतुलन पैदा करता है, जिससे माइग्रेन का दर्द बढ़ सकता है।.कोशिश करें कि आप ताजे और बिना प्रोसेस्ड फूड का सेवन करें. बाहर खाने जाते समय भी ध्यान रखें कि आपके खाने में MSG न हो.
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रेड वाइन और एल्कोहल
रेड वाइन और अन्य एल्कोहलिक पेय पदार्थों में टायरामाइन और सल्फाइट्स होते हैं. ये केमिकल्स हमारे शरीर में ब्लड वेसल्स को प्रभावित करते हैं और माइग्रेन का दर्द बढ़ा सकते हैं।.अगर आपको एल्कोहल पीना पसंद है, तो इसे बहुत कम मात्रा में पिएं. इससे माइग्रेन का दर्द कंट्रोल रहेगा और आप भी आनंद ले सकेंगे.
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Source: IOCL





















