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Omega-3 Supplements: क्या दिमाग तेज करने के लिए खा रहे हैं ओमेगा-3 कैप्सूल? इस नई रिसर्च को जरूर पढ़ लें

Omega-3 Study: दिमाग को तेज बनाने और अल्जाइमर या डिमेंशिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए कई लोग ओमेगा-3 सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं. चलिए बताते हैं कि इसका कितना फायदा है.

Alzheimer And Dementia Prevention Study 2026: दिमाग को तेज बनाने और अल्जाइमर या डिमेंशिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए कई लोग ओमेगा-3 सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं. लेकिन हाल ही में हुई एक क्लिनिकल स्टडी ने इस धारणा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. रिसर्च के मुताबिक, केवल ओमेगा-3 सप्लीमेंट लेने से याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता या दिमाग की सेल्स को होने वाले नुकसान में कोई खास फायदा नहीं मिला. 

क्या सेहत के लिए फायदेमंद है?

रिसर्चर का कहना है कि ओमेगा-3 सप्लीमेंट्स को दिमाग की सेहत सुधारने का आसान उपाय नहीं माना जा सकता. स्टडी के दौरान जिन लोगों को ओमेगा-3 सप्लीमेंट दिए गए, उनके दिमाग में ओमेगा-3 का स्तर तो बढ़ा, लेकिन इससे उनकी मानसिक क्षमता में कोई उल्लेखनीय सुधार देखने को नहीं मिला. यानी केवल सप्लीमेंट लेना पर्याप्त नहीं है.

किन चीजों पर ध्यान देना जरूरी?

स्टडी के प्रमुख राइटर डॉ. हुसैन यासीन के मुताबिक,का मानना है कि अगर दिमाग को लंबे समय तक स्वस्थ रखना है, तो सिर्फ एक सप्लीमेंट पर निर्भर रहने की बजाय पूरी लाइफस्टाइल पर ध्यान देना जरूरी है. नियमित व्यायाम, तनाव कम करना, भरपूर नींद लेना और पौधों पर आधारित संतुलित आहार अपनाना दिमाग की सेहत के लिए कहीं अधिक असरदार माना गया है. इसके साथ ही सैल्मन, मैकेरल, सार्डिन जैसी फैटी फिश, अखरोट, चिया सीड्स और अलसी जैसे प्राकृतिक स्रोतों से मिलने वाला ओमेगा-3 ज्यादा फायदेमंद हो सकता है.

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कब होता है इसका असर?

रिसर्चर ने मेडिटेरेनियन डाइट का भी उदाहरण दिया. उनका कहना है कि वहां रहने वाले लोग सिर्फ सप्लीमेंट्स पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि मछली, मेवे और बीजों से प्राकृतिक रूप से ओमेगा-3 लेते हैं. इसके साथ ही नियमित शारीरिक गतिविधि करते हैं, तनाव कम रखते हैं और संतुलित लाइफस्टाइल अपनाते हैं. यही कारण है कि वहां ओमेगा-3 का बेहतर असर देखने को मिलता है.

किन लोगों पर किया गया स्टडी?

यह स्टडी 55 से 80 वर्ष की उम्र के 365 लोगों पर किया गया, जिनमें डिमेंशिया का खतरा बढ़ाने वाले एक या अधिक जोखिम कारक मौजूद थे. दो साल तक एक समूह को रोजाना उच्च मात्रा में ओमेगा-3 सप्लीमेंट दिया गया, जबकि दूसरे समूह को प्लेसीबो दिया गया. एमआरआई स्कैन, रक्त जांच और मानसिक क्षमता से जुड़े टेस्ट के बाद पाया गया कि सप्लीमेंट लेने वालों के शरीर और दिमाग में ओमेगा-3 का स्तर बढ़ने के बावजूद उनकी याददाश्त या सोचने-समझने की क्षमता में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं आया.

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क्या सच में यह फायदेमंद नहीं है?

हालांकिग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन फॉर ईपीए एंड डीएचए ओमेगा-3 यह भी स्पष्ट करते हैं कि इसका मतलब यह नहीं है कि ओमेगा-3 शरीर के लिए जरूरी नहीं है. यह हार्ट, सेल्स और ब्रेन के सामान्य कामकाज के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व है. लेकिन अगर खानपान असंतुलित हो, शारीरिक गतिविधि न हो और लाइफस्टाइल अस्वस्थ हो, तो सिर्फ ओमेगा-3 सप्लीमेंट्स से दिमाग को तेज बनाने या अल्जाइमर के खतरे को कम करने की उम्मीद करना सही नहीं होगा.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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About the author सोनम

जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. 

लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. अमर उजाला में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद दैनिक जागरण के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं.

ट्रैवल उनका इंटरेस्ट  एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं.

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