बच्चे नहीं खाते हरी सब्जी, तो जानिए, कौन है इसका जिम्मेदार!
बच्चे अगर हरी सब्जियों के सेवन से भागते हैं तो इसमें उन्हें दोष देने की जरुरत नहीं, पहले पेरेंट्स को सोचने की जरूरत है कि उन्होंने क्या हरी सब्जियों का सेवन कितना किया है?

नई दिल्ली: बच्चे अगर बाहर की चीज़ें ज्यादा खाना पसंद करते है और हरी सब्जियों के सेवन से भागते हैं तो इसमें उन्हें दोष देने की जरुरत नहीं, पहले पेरेंट्स को सोचने की जरूरत है कि उन्होंने क्या हरी सब्जियों का सेवन कितना किया है?
क्या कहती है रिसर्च- अमेरिका के शोधकर्ताओं द्वारा की गई रिसर्च में पाया गया कि इंसान के शरीर में दो जीन पाए जाते हैं जो ये निर्धारित करते हैं कि उन्हें किस किस्म का आहार खाना है. पेरेंट्स यदि किसी एक किस्म का खाना ज्यादा पसंद करते हैं तो बच्चे का भी उस पर असर होता है. बच्चों के हरी सब्जियां ना खाने का कारण इन्हीं जीन से जुड़ा हुआ है. दरअसल इस जीन की वजह से लोगों में खाने के स्वाद, गंध और बनावट का अहसास होता है.
शोधकर्ता मानते हैं कि ये रिसर्च किसी की खाने की प्राथमिकता को प्रभावित करने में आनुवंशिकी की भूमिका को समझने में मदद करेगी.
बच्चों की आदतें बदलें- रिसर्च में पाया गया कि अधिकत्तर बच्चे बाहर की चीज़ें खाने से लेकर अपनी गलत आदतों के कारण बीमारियों का शिकार हो जाते हैं. लेकिन अगर पेरेंट्स चाहे तो बच्चों को शुरूआत में ही इन बीमारियों से बचा सकते हैं.
बचपन में ही बच्चों को ज़्यादा से ज्यादा हरी सब्ज़ी और दूध का सेवन कराना चाहिए जिससे उनकी हडि्डयों में जान भी आ सके और वे जल्दी थके भी नहीं.
बच्चों को ब्रोकोली जैसी हरी सब्जियां खिलाने के लिए सब्जी बनाने का स्टाइल बदलें. बेशक, आपको शुरू में संघर्ष करना पड़ सकता है लेकिन थोड़ी मेहनत से आप बच्चों को कुपोषित होने से बचा सकते हैं. बच्चों को हरी सब्जियों को विभिन्न जायकों के साथ बनाकर खिलाएं. बच्चों की पसंद की चीजें बनाकर उसमें हरी सब्जियों को डालने का प्रयास करें. इससे धीरे-धीरे बच्चे की आदतें डवलप होंगी.
नोट: ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.
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