एक्सप्लोरर

30 फीसदी ज्यादा तेजी से भरेगा घाव, वैज्ञानिकों ने तैयार की इलेक्ट्रॉनिक बैंडेज

शुरुआती दौर के ट्रायल में इसके इस्तेमाल से 30 मिनट के अंदर ही असर दिखना शुरू हो गया था. यह एक इलेक्ट्रॉनिक बैंडेज हैं, जिसमें बैटरी भी होती है. आइए जानते हैं यह कैसे काम करती है.

Bandage: घर में बच्चो को खेलते वक्त या काम करते वक्त जब छोटी-मोटी चोट लग जाती है, तो सभी उस घाव पर बैंडेज लगाते हैं. बहुत सी बार घाव इतना ज्यादा होता है कि बैंडेज से उसे भरने में काफी समय लग जाता है. लेकिन, वैज्ञानिकों ने अब एक ऐसा बैंडेज तैयार किया है, जो सामान्‍य बैंडेज की तुलना में घावों को 30 फीसदी ज्‍यादा तेजी से भर सकेगा. इसकी खास बात यह है कि ये एक इलेक्ट्रॉनिक बैंड-एड है. आइए जानते हैं ये कैसे काम करता है.

30 मिनट में दिखाना शुरू किया असर

यह एक प्रकार का स्‍मार्ट बैंड-एड है. घाव के भर जाने पर इसका मुख्‍य हिस्‍सा स्किन में घुल जाता है. शुरुआती दौर के ट्रायल में इसके इस्तेमाल से 30 मिनट के अंदर ही असर दिखना शुरू हो गया था. इस बैंड-एड को तैयार करने वाली अमेरिका की नॉर्थवेस्‍टर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता कहते हैं कि नया स्‍मार्ट बैंड-एड फ्लेक्सिबल है. जिसमें इलेक्‍ट्रोड्स लगे हुए हैं. इसके अलावा, इसमें बैटरी के साथ सेंसर्स भी लगे हुए हैं. जो घाव को भरने में मदद करते हैं. 

कैसे काम करता है नया स्मार्ट बैंड-एड?

शोधकर्ताओं की मानें तो शरीर में इंजरी होने पर बॉडी के इलेक्ट्रिकल सिग्‍नल डिस्‍टर्ब होते हैं. यह बैंड-एड उन इलेक्ट्रिकल सिग्‍नल को फिर से सामान्‍य करने का काम करता है. शोधकर्ता गुलेरमो आमीर ने बताया कि रिसर्च के दौरान यह देखा गया कि घाव को भरने के लिए कोशिकाएं लगातार उसमें मूवमेंट करती हैं. हमारे शरीर में इलेक्ट्रिकल सिग्‍नल चलते हैं, यह नई डिवाइस इलेक्ट्रिकल सिग्‍नल को बढ़ाने के काम करती है, जिससे कि घाव जल्‍दी भरे. इस बैंडेज के एक तरफ दो इलेक्‍ट्रोड लगे हुए हैं. 

जल्द होगी मार्केट में उपलब्ध

शोधकर्ताओं बताया कि बैंडेज में लगा इलेक्‍ट्रोड मॉलीबिडनम मेटल का बना हुआ है. जोकि इतना पतला है कि घाव भरने के बाद धीरे-धीरे अपने आप भी यह स्किन में घुल जाता है. वैज्ञानिक अब इस बैंडेज का ट्रायल डायबिटीक अल्‍सर के मरीजों पर करने की तैयारी में हैं. सबकुछ सही रहा तो इसे आम लोगों के लिए मार्केट में उपलब्ध करा दिया जाएगा.

यह भी पढ़ें - इस शख्स के नाम है सबसे ज्यादा टाइम तक सोने का रिकॉर्ड... इतने दिन तक सोता ही रहा!

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Hiroshima Day 2026 : अमेरिका ने हिरोशिमा पर ही क्यों गिराया था परमाणु बम, जानें इतिहास?
अमेरिका ने हिरोशिमा पर ही क्यों गिराया था परमाणु बम, जानें इतिहास?
Ethanol Production: भारत में सबसे ज्यादा कहां बनता है एथेनॉल, देख लें नाम
भारत में सबसे ज्यादा कहां बनता है एथेनॉल, देख लें नाम
सांप के काटने पर घोड़े कैसे बचाते हैं इंसान की जान, यहां जानें?
सांप के काटने पर घोड़े कैसे बचाते हैं इंसान की जान, यहां जानें?
इकलौता समंदर जिसका नहीं कोई किनारा, बिना तट कैसे तय होती है सीमा?
इकलौता समंदर जिसका नहीं कोई किनारा, बिना तट कैसे तय होती है सीमा?

वीडियोज

Vasudha: Vasudha-Chandrika को मिलेगा 'Business Women Award', परखने घर पहुंची स्पेशल कमेटी
R. Madhavan बोले- अब उन्हें CM Thalapathy Vijay कहना चाहिए, Politics पर दिया बड़ा जवाब
Kajal Raghwani ने Pawan Singh पर लगाए गंभीर आरोप, Khesari Lal Yadav को भी दिया जवाब
Bhojpuri Bawaal में Pawan Singh ने छोड़ा शो, Amrapali Dubey और Kajal Raghwani में बड़ी बहस
Bollywood News: उल्टा पड़ा दांव! 'आवारापन 2' के मेकर्स का ही दांव पड़ा उन पर भारी, घिरे विवादों में! (07.06.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
पंजाब-दिल्ली को दहलाने का पाकिस्तानी प्लान फेल! NIA ने की बड़ी कार्रवाई
पंजाब-दिल्ली को दहलाने का पाकिस्तानी प्लान फेल! NIA ने की बड़ी कार्रवाई
यूपी में बदलने वाला है मौसम का मिजाज, 63 जिलों में बारिश का अलर्ट
यूपी में बदलने वाला है मौसम का मिजाज, 63 जिलों में बारिश का अलर्ट
भारत में 6 नवंबर को रिलीज नहीं होगी रणबीर कपूर की 'रामायण', प्रोड्यूसर ने बताई चौंकाने वाली वजह
भारत में 6 नवंबर को रिलीज नहीं होगी रणबीर कपूर की 'रामायण', प्रोड्यूसर ने बताई चौंकाने वाली वजह
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 भारतीय गेंदबाज
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 भारतीय गेंदबाज
Xप्लेन: कैंसर से भारत कैसे बच सकता है? ऐसे पहचानें हर रोज दोहराने वाला दर्दनाक सच
कैंसर से भारत कैसे बच सकता है? ऐसे पहचानें हर रोज दोहराने वाला दर्दनाक सच
Bharat Bhhagya Viddhaata OTT Release: कंगना रनौत की 'भारत भाग्य विधाता' की ओटीटी रिलीज कंफर्म, जानें कब-कहां देख सकते हैं
कंगना रनौत की 'भारत भाग्य विधाता' की ओटीटी रिलीज कंफर्म, जानें कब-कहां देख सकते हैं
अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी..., भारत-चीन पर 100% टैरिफ का US सीनेटर ने किया विरोध
अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी..., भारत-चीन पर 100% टैरिफ का US सीनेटर ने किया विरोध
इकलौता समंदर जिसका नहीं कोई किनारा, बिना तट कैसे तय होती है सीमा?
इकलौता समंदर जिसका नहीं कोई किनारा, बिना तट कैसे तय होती है सीमा?
Embed widget