दुनिया में पहली बार इंसानों की जगह स्पर्म ने लगाई रेस, जानिए क्यों किया गया यह खास आयोजन
World First Sperm Race: पुरुष प्रजनन क्षमता एक जरूरी मुद्दा है, जिस पर खुलकर चर्चा नहीं हो पाती है. इसीलिए दुनिया में पहली बार स्पर्म रेस का आयोजन किया गया है. इसमें स्टूडेंट्स ने भी हिस्सा लिया.

आपने अभी तक इंसानों की रेस के बारे में तो बहुत बार सुना होगा, लेकिन क्या आपने स्पर्म की रेस के बारे में सुना है. आप भी सोच रहे होंगे कि ये हम कैसी बात कर रहे हैं. लेकिन यह सच है कि दुनिया में दुनिया में पहली बार स्पर्म रेस का आयोजन हुआ है. यह आयोजन अमेरिका के लॉस एंजेलिस में 25 अप्रैल को हुआ. यहां पर दो असली स्पर्म 20 सेंटीमीटर लंबे माइक्रोस्कोपिक ट्रैक पर दौड़े, जिसको कि महिला प्रजनन प्रणाली की तरह से डिजाइन किया गया है. इस रेस में छात्रों ने भी हिस्सा लिया है.
क्यों हुआ यह आयोजन
आमतौर पर महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य पर चर्चा की जाती है, लेकिन लोग पुरुषों के प्रजनन स्वास्थ्य पर बात करने से कतराते हैं. लॉस एंजेलिस में आयोजित की गई दुनिया की इस रेस का उद्देश्य पुरुषों के स्वास्थ्य के बारे में जागरूक करना है और इसको लेकर लोगों को प्रोत्साहित करना है. स्पर्म रेस में हिस्सा लेने वाले स्पर्म के सैंपल्स की गुणवत्ता और स्पीड का परीक्षण किया जाता है. इससे पुरुषों की प्रजनन क्षमता के बारे में जानकारी मिलती है. यह आयोजन पुरुषों को उनको प्रजनन स्वास्थ्य के बारे में जागरूक करने और उनको स्वस्थ्य जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने को लेकर किया गया है.
पुरुष प्रजनन क्षमता पर जागरूकता बढ़ाना उद्देश्य
इस रेस का मकसद एंटरटेनमेंट से कहीं ज्यादा पुरुषों की गिरती हुई फर्टिलिटी के प्रति उनको जागरूक करना है. पिछले 50 सालों में स्पर्म की संख्या में 50% से ज्यादा गिरावट आई है. यही वजह है कि इस इवेंट के जरिए गंभीर समस्या पर ध्यान आकर्षित किया जाए. इस रेस को माइक्रोस्कोप और एचडी कैमरों की मदद से रिकॉर्ड किया गया और इसको तमाम दर्शकों ने लाइव भी देखा. एक स्पोर्ट्स इवेंट जैसा माहौल क्रिएट करके इसको दर्शकों के लिए मजेदार बनाया गया था. इस रेस में कॉलेज स्टूडेंट ने भी हिस्सा लिया.
कॉलेज स्टूडेंट भी हुए शामिल
दो कॉलेज स्टूडेंट ट्रिस्टन मिल्कर (20) और अशर प्रोगर (19) भी स्पर्म रेस में शामिल हुए. जिसमें से मिल्कर को तीन रेस में सर्वश्रेष्ठ आने के बाद विजेता घोषित किया गया और उनको 10,000 डॉलर का नकद इनाम दिया गया. इस रेस में शामिल हुए लोगों को कहना है कि लोग जब किसी खेल के लिए खुद को ट्रेन करते हैं तो अपनी सेहत के लिए क्यों नहीं. इतना ही नहीं इस रेस में सट्टेबाजी भी हुई, जहां लोगों ने अपनी पसंद के स्पर्म पर दांव लगाया. भले ही मजाकिया लग रहा हो, लेकिन इसके पीछे का उद्देश्य गंभीर है. इसका उद्देश्य न सिर्फ जागरूकता बढ़ाना है, बल्कि खुलकर बातचीत को भी बढ़ावा देना है.
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