Female CM India: कांग्रेस या बीजेपी, किसने किन राज्यों में महिलाओं को पहली बार बनाया मुख्यमंत्री?
Female CM India: लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल पास नहीं हो पाया. इसी बीच आइए जानते हैं भारत में बीजेपी या फिर कांग्रेस में से किस पार्टी ने राज्यों को महिला मुख्यमंत्री दी हैं.

- कांग्रेस ने सुचेता कृपलानी को यूपी का मुख्यमंत्री बनाया।
- कांग्रेस ने नंदिनी सत्पथी, अनवरा तैमूर को भी नियुक्त किया।
- भाजपा ने सुषमा स्वराज, उमा भारती, वसुंधरा राजे को सीएम बनाया।
- क्षेत्रीय दलों से ममता, मायावती, जयललिता बनीं मुख्यमंत्री।
Female CM India: लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल पास ना होने के बाद एक बड़ा राजनीतिक तूफान उठ गया है. इसके बाद एक बार फिर भारतीय राजनीति में महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर सबका ध्यान चला गया है. इस बहस से एक बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि राज्यों में पहली महिला मुख्यमंत्री नियुक्त करने में ऐतिहासिक रूप से किस पार्टी ने सबसे आगे बढ़कर भूमिका निभाई है? क्या यह बीजेपी है या फिर कांग्रेस? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.
कांग्रेस की भूमिका
कांग्रेस को भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी को नियुक्त करने का गौरव हासिल है. उन्होंने 1963 में उत्तर प्रदेश में कार्यभार संभाला था. यह ना सिर्फ उस राज्य के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक मील का पत्थर था.
बीते दशकों में कांग्रेस ने कई और राज्यों में भी पहली महिला मुख्यमंत्री नियुक्त कीं. नंदिनी सत्पथी उड़ीसा की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी और सैयदा अनवरा तैमूर ने असम की और भारत की पहली मुस्लिम महिला मुख्यमंत्री बनकर इतिहास रच दिया.
पंजाब में राजिंदर कौर भट्टल ने महिलाओं की तरक्की में आने वाली रूकावटों को तोड़ा और दिल्ली में शीला दीक्षित ने कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करते हुए 15 साल के कार्यकाल के साथ भारत की सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाली महिला मुख्यमंत्री का खिताब जीता.
भाजपा की भूमिका
जहां कांग्रेस ने इसकी नींव रखी वहीं भाजपा ने महिला नेतृत्व के विस्तार में काफी प्रगति की. पार्टी को अपनी पहली बड़ी सफलता सुषमा स्वराज के रूप में मिली है. 1998 में सुषमा स्वराज दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं. मध्य प्रदेश में उमा भारती राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी और वसुंधरा राजे ने राजस्थान में इतिहास रचते हुए वहां की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल किया. वसुंधरा राजे ने दो कार्यकाल तक सेवा की. इसी तरह आनंदीबेन पटेल ने गुजरात में पहली महिला मुख्यमंत्री बनकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया.
क्षेत्रीय ताकतों का उदय
इस कहानी को गढ़ने में सिर्फ राष्ट्रीय पार्टियों का ही हाथ नहीं रहा. क्षेत्रीय पार्टियों ने भी भारत को कुछ सबसे ताकतवर महिला नेताओं शक्ति दिखाई है. ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं और आज भी देश की सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं. मायावती ने भारत की पहली दलित महिला मुख्यमंत्री बनकर इतिहास रचा. जे जयललिता ने सालों तक तमिलनाडु की राजनीति पर अपना दबदबा बनाए रखा.
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