एक्सप्लोरर

लंदन की सड़कों पर लगी रेलिंग का क्या है द्वितीय विश्व युद्ध से संबंध, जानें यहां?

London Stretcher Railings: लंदन की सड़कों पर लगी रेलिंग का संबंध सीधे-सीधे दूसरे विश्व युद्ध से है. आइए जानते हैं कैसे.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • युद्ध में धातु की कमी ने पुराने रेलिंग हटवाए।
  • रासायनिक हमले के डर से लाखों स्टील स्ट्रेचर बने।
  • युद्ध बाद, बचे स्ट्रेचरों से सड़क पर रेलिंग बनीं।
  • जालीदार डिजाइन, घुमावदार कोने इनकी खास पहचान हैं।

London Stretcher Railings: लंदन की सड़कों और रिहायशी इलाकों में आज भी दिखाई देने वाली कुछ लोहे की रेलिंग का दूसरे विश्व युद्ध से एक हैरान कर देने वाला कनेक्शन है. यह कोई आम रेलिंग नहीं हैं बल्कि ऐसा माना जाता है कि युद्ध के दौरान इस्तेमाल किए गए स्टील के मेडिकल स्ट्रेचर से बनी हैं. युद्ध खत्म होने के बाद हजारों स्ट्रेचर को दोबारा से इस्तेमाल करके और वेल्डिंग के जरिए रेलिंग बनाई गई. आज इन्हें स्ट्रेचर रेलिंग के नाम से जाना जाता है. 

लंदन की पुरानी रेलिंग क्यों हटा दी गई थीं?

दूसरे विश्व युद्ध के शुरुआती सालों में खासकर 1940-1941 में ब्रिटेन को धातु की भारी जरूरत थी. सरकार ने पुरानी लोहे की रेलिंग और बाड़ को इकट्ठा करने और रीसायकल करने के लिए अभियान शुरू किया. ऐसा इसलिए ताकि धातु का इस्तेमाल हथियार, गोला बारूद और युद्ध की दूसरी जरूरत के लिए किया जा सके. 

यही वजह है कि लंदन के कई इलाकों और हाउसिंग असेट्स से उनके पारंपरिक रेलिंग हटा दी गई. यह शुरुआत में बुनियादी ढांचे में एक आम बदलाव लग रहा था मगर असल में जरूरी चीजों को बचाने के लिए ब्रिटेन की व्यापक युद्ध कालीन कोशिश का हिस्सा था. 


लंदन की सड़कों पर लगी रेलिंग का क्या है द्वितीय विश्व युद्ध से संबंध, जानें यहां?

ब्रिटेन को लाखों स्टील स्ट्रेचर की जरूरत क्यों पड़ी?

जर्मन हवाई हमले के खतरे ने आपातकालीन चिकित्सा उपकरण की तत्काल जरूरत पैदा कर दी. अधिकारियों को रासायनिक हमले की आशंका भी थी. इसका मतलब था कि पारंपरिक लकड़ी या फिर कैनवास के स्ट्रेचर समस्या पैदा कर सकते थे. क्योंकि दूषित सामग्री को साफ करना मुश्किल होता है. 

इस वजह से और रेड प्रिकॉशन अधिकारियों ने बड़ी संख्या में स्टील स्ट्रेचर बनवाए. आपातकालीन तैयारी के लिए 60 लाख से ज्यादा स्ट्रेचर बनाए गए. उनके स्टील से बने होने की वजह से जहरीले पदार्थ के संपर्क में आने के बाद उन्हें आसानी से धोया जा सकता था. 

मेडिकल स्ट्रेचर सड़क की रेलिंग कैसे बन गए? 

1945 में दूसरा विश्व युद्ध खत्म होने के बाद ब्रिटेन को एक अलग समस्या का सामना करना पड़ा. दरअसल निर्माण सामग्री खासकर धातु की काफी कमी थी. युद्ध के समय के बड़ी संख्या में स्ट्रेचर की अब जरूरत नहीं थी. लंदन काउंटी काउंसिल ने एक अनोखा समाधान निकाला. बिल्कुल नई रेलिंग बनाने के बजाय अतिरिक्त स्टील स्ट्रेचर को सीधा खड़ा करके, वेल्डिंग करके जमीन में लगा दिया गया. इस तरह मूल रूप से घायल लोगों को ले जाने के लिए डिजाइन किए गए स्ट्रेचर को सड़क के बुनियादी ढांचे में बदल दिया गया.

यह भी पढ़ेंः बिना इजाजत किसी का बना लिया वीडियो, इस पर कितनी हो सकती है सजा?

स्ट्रेचर रेलिंग की पहचान कैसे कर सकते हैं? 

इन ऐतिहासिक रेलिंग में कई खास बातें हैं जो इनके युद्ध के समय बने होने का राज खोलती हैं. सबसे साफ दिखने वाली चीज है इनके बीच में लगी स्टील की तार की जाली. यह वही जाली है जिस पर कभी घायल लोग रखे जाते थे.

एक और सुराग है कोनों के पास बने अजीब घुमाव. असली स्ट्रेचर पर यह हिस्से हैंडल और पैरों पर काम करते थे. जमीन पर रखने पर यह डिजाइन मरीज को थोड़ा ऊपर रखता था. इससे बचाव कर्मियों के लिए स्ट्रेचर उठाना आसान हो जाता था. इस तरह के निशान आज भी लंदन के कई हिस्सों में रेलिंग पर देखे जा सकते हैं.


लंदन की सड़कों पर लगी रेलिंग का क्या है द्वितीय विश्व युद्ध से संबंध, जानें यहां?

स्ट्रेचर पूरी तरह से स्टील के क्यों बनाए गए?

स्टील से बनाने का मकसद सिर्फ मजबूती नहीं था. इसका गहरा संबंध दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटेन को केमिकल हमले से होने वाला डर था. कैनवस या सोखने वाले दूसरे पदार्थ से बने पारंपरिक स्ट्रेचर में खतरनाक केमिकल जमा हो सकते थे. इसके उलट स्टील के स्ट्रेचर को अच्छी तरह धोया और कीटाणु मुक्त किया जा सकता था. इस वजह से केमिकल हमले की संभावना के लिए तैयार हो रही इमरजेंसी सेवा के लिए यह काफी ज्यादा सही थे. तार की जाली वाले डिजाइन से स्ट्रेचर मजबूत भी रहता था और हल्का भी. इसके हैंडल और ऊंचे डिजाइन की वजह से मेडिकल वर्कर इमरजेंसी के समय घायल नागरिकों को और भी ज्यादा आसानी से ले जा पाते थे.

यह भी पढ़ेंः भारत पर 100% का टैरिफ, क्या अमेरिका के खिलाफ WTO जा सकता है भारत?

स्पर्श गोयल एबीपी लाइव के साथ कंटेंट राइटर के तौर पर जुड़े हुए हैं. वह जनरल नॉलेज बीट की जिम्मेदारी संभालते हैं. कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में उन्हें चार साल का अनुभव है. एबीपी से पहले वह डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद में करीब दो साल तक काम कर चुके हैं. उन्होंने नमस्कार भारत से अपने करियर की शुरुआत की थी. .

वह अलग-अलग विषयों पर रिसर्च करके पाठकों के लिए जानकारी को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण अंदाज में पेश करते हैं. उन्होंने न्यूज राइटिंग के साथ-साथ स्क्रीनराइटिंग में भी अपनी पकड़ मजबूत की.

उन्होंने मां शाकुम्भरी यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. इसके साथ उन्होंने एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलिविजन से स्क्रीनप्ले का डिप्लोमा भी हासिल किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

PNB Fraud: कब-कब गिना जाता है बैंक में जमा पूरा पैसा, कौन लेता है हिसाब?
कब-कब गिना जाता है बैंक में जमा पूरा पैसा, कौन लेता है हिसाब?
स्पेन में हर साल कितने होते हैं रेल हादसे, भारत से कम या ज्यादा?
स्पेन में हर साल कितने होते हैं रेल हादसे, भारत से कम या ज्यादा?
High Speed Train: स्पेन में कितनी स्पीड से चलती हैं ट्रेनें, कैसे मैनेज होता है रेल सिस्टम?
स्पेन में कितनी स्पीड से चलती हैं ट्रेनें, कैसे मैनेज होता है रेल सिस्टम?
Israel Elections 2026: इजरायल में किन्हें कहा जाता है अरब, क्यों है ये वहां के किंगमेकर?
इजरायल में किन्हें कहा जाता है अरब, क्यों है ये वहां के किंगमेकर?
Advertisement

वीडियोज

CM Yogi Vs Akhilesh Yadav! 27 में किसका 'हिन्दू कार्ड' चलेगा ?
Bollywood News: बी-टाउन में दिखी करवा चौथ की रौनक, प्रियंका चोपड़ा ने रचाई पिया के नाम की मेहंदी (29.10.26)
Yeh Fitoor Tera: 🫨Saumya के आखिर किस कदम से Jeet को होगा उसके बेइंतहा प्यार का यकीन! #sbs
Sansani: बैंक का 'गोलमाल'... ग्राहक 'कंगाल' !
Ballot Paper पर जीरो, अब क्या करेगी Congress?
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
व्यापार संगठनों ने अखिलेश यादव और ममता बनर्जी को लिखा खत, रैली को लेकर रखी ये मांग
व्यापार संगठनों ने अखिलेश यादव और ममता बनर्जी को लिखा खत, रैली को लेकर रखी ये मांग
महाराष्ट्र MLC रिजल्ट: शरद पवार गुट ने की कांग्रेस की तारीफ, EVM पर क्या कहा?
महाराष्ट्र MLC रिजल्ट: शरद पवार गुट ने की कांग्रेस की तारीफ, EVM पर क्या कहा?
CEC ज्ञानेश कुमार पर यूसुफ पठान का चौंकाने वाला बयान, 'आवाज सुननी ही चाहिए'
CEC ज्ञानेश कुमार पर यूसुफ पठान का चौंकाने वाला बयान, 'आवाज सुननी ही चाहिए'
'मेरे पति के जैसा कोई नहीं...', करवा चौथ पर निक ने दिया प्रियंका चोपड़ा को सरप्राइज
'मेरे पति के जैसा कोई नहीं...', करवा चौथ पर निक ने दिया प्रियंका चोपड़ा को सरप्राइज
ODI में बिना छक्का लगाए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 3 बल्लेबाज, नंबर-1 है भारतीय
ODI में बिना छक्का लगाए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 3 बल्लेबाज, नंबर-1 है भारतीय
हार की राह पर खड़े बेंजामिन बोले- चुनाव चोरी हुए, पुलिस-इलेक्शन कमिटी का आरोपों से इनकार
हार की राह पर खड़े बेंजामिन बोले- चुनाव चोरी हुए, पुलिस-इलेक्शन कमिटी का आरोपों से इनकार
पटाखों पर रोक के पक्ष में नहीं SC, कहा- जागरुकता के लिए विराट कोहली जैसी हस्तियों को शामिल करें
पटाखों पर रोक के पक्ष में नहीं SC, कहा- जागरुकता के लिए विराट कोहली जैसी हस्तियों को शामिल करें
UP MLC में सपा को मिली बढ़त तो ओपी राजभर बोले- इसमें पढ़े-लिखे लोगों ने वोट दिया
UP MLC में सपा को मिली बढ़त तो ओपी राजभर बोले- इसमें पढ़े-लिखे लोगों ने वोट दिया
Embed widget