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नोएडा में क्यों नहीं है खुद का रेलवे स्टेशन? क्या है इसकी वजह

हाल ही में खबर आई है कि ग्रेटर नोएडा में दिल्ली एनसीआर का सबसे आधुनिक रेलवे स्टेशन बनने जा रहा है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि नोएडा के पास खुद का कोई रेलवे स्टेशन क्यों नहीं है?

रिपोर्ट्स के मुताबिक ग्रेटर नोएडा में दिल्ली एनसीआर का अब तक का सबसे आधुनिक रेलवे स्टेशन बनने जा रहा है. इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में लगभग 3 साल लग जाएंगे. इस रेलवे स्टेशन की वजह से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों को लंबी रेल यात्रा करने के लिए दिल्ली के किसी रेलवे स्टेशन, गाजियाबाद या आनंद विहार नहीं जाना होगा. यह आधुनिक रेलवे स्टेशन ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी गांव में बनाया जाएगा. ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल होता है कि नोएडा के पास अब तक रेलवे स्टेशन क्यों नहीं है. आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह.

नोएडा और ग्रेटर नोएडा

नोएडा और ग्रेटर नोएडा दोनों ही उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के शहर है. नोएडा दिल्ली के ज्यादा करीब बसा हुआ शहर है और ग्रेटर नोएडा इससे लगभग 25 किमी आगे स्थित है. हालांकि यह दोनों ही शहर दिल्ली एनसीआर का हिस्सा है. अब तक यहां पर कोई भी रेलवे स्टेशन मौजूद नहीं था. यहां के लोगों को लंबी रेल यात्रा करने के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए दिल्ली के किसी स्टेशन, गाजियाबाद या आनंद विहार जाना पड़ता था. हालांकि अब यहां रेलवे स्टेशन बनने जा रहा है.

बोड़ाकी में बनेगा रेलवे स्टेशन

बोड़ाकी में तैयार होने वाला यह रेलवे स्टेशन मल्टी-कॉम्प्लेक्स टर्मिनल के रूप में विकसित होने जा रहा है. यह ग्रेटर नोएडा से लगबग 3 किमी की दूरी पर बनने वाला है. बताया जा रहा है कि इस रेलवे स्टेशन को नमो भारत रैपिड रेल नेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा. जिसकी वजह से इसे ग्रेटर नोएडा रेलवे टर्मिनल के नाम से भी जाना जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस रेलवे स्टेशन पर 12 प्लेटफार्म और 63 यार्ड होंगे. यह भी बताया जा रहा है कि इसे नई दिल्ली टर्मिनल जितना बड़ा बनाया जाएगा. इस रेलवे स्टेशन से रोज 100 से ज्यादा वंदे भारत, राजधानी और अन्य ट्रेनों का संचालन होगा. इस रेलवे स्टेशन की वजह से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों के लिए सुविधा हो जाएगी.

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नोएडा में क्यों नहीं है रेलवे स्टेशन?

नोएडा में रेलवे स्टेशन होने की वजह यह है कि जब इस शहर की प्लानिंग की गई थी, तब इसे एक इंडस्ट्री डेवलपमेंट, आधुनिक सड़के और बाद में मेट्रो नेटवर्क के तौर पर विकसित गया. नोएडा को प्रमुख आईटी हब बनाने पर फोकस किया गया. वहीं नोएडा से कोई भी प्रमुख रेलवे लाइन नहीं गुजरती है. नोएडा को बाद में एक प्लान्ड शहर के रूप में विकसित किया गया, जबकि आस-पास के इलाकों में पूरानी रेलवे लाइन पहले से ही मौजूद थी.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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