एक्सप्लोरर

राजनेता क्यों पहनते हैं सफेद कपड़ा, कैसे हुई थी इसकी शुरूआत

देश के सभी राजनीतिक पार्टियों के नाम और चिन्ह अलग-अलग होते हैं. लेकिन आपने ध्यान दिया होगा कि अधिकांश नेता सफेद कुर्ता पायजामा ही पहनते हैं. क्या आप जानते हैं कि इसकी वजह क्या है?

देश में आज कई राजनीतिक पार्टियां मौजूद हैं. देश में मौजूद सभी राजनीतिक पार्टियों के नाम, सिंबल और पार्टी का संविधान अलग-अलग होता है. लेकिन क्या आपने एक बात गौर किया है कि भारत में अधिकांश नेता सफेद कपड़ा ही पहनते हैं. इतना ही नहीं देश के राजनेता इन्हीं सफेद कपड़ों में ही हर जगह जाना पसंद करते हैं. लेकिन क्या आप इसके पीछे की वजह जानते हैं. आज हम आपको बताएंगे कि आखिर राजनेता क्यों सफेद कपड़ा पहनते हैं. 

सफेद कपड़ा

संसद से लेकर सड़क तक एक पार्टी से दूसरे पार्टी के नेताओं के बीच में आरोप प्रत्यारोप का दौर चलता रहता है. लेकिन क्या आपने भी ध्यान दिया है कि सभी नेताओं के बीच एक समानता अक्सर देखने को मिलता है. आपने देखा होगा कि अक्सर सभी नेता सफेद कुर्ता-पायजामा में ही दिखते हैं. लेकिन बहुत कम लोग इसके पीछे की वजह जानते हैं.

शोक में सफेद कपड़ा

आपने देखा होगा कि अक्सर शोक के समय लोग सफेद कुर्ता-पायजामा या सफेद रंग का कपड़ा पहनते हैं. अब सवाल ये भी बनता है कि आखिर राजनेता क्यों अक्सर सफेद कुर्ता-पायजामा में ही दिखते हैं और इसके पीछे की वजह क्या है. इतना ही कुछ अभी के और पुराने राजनेता हमेशा सफेद कुर्ता के साथ सफेद धोती पहनना पसंद करते थे. लेकिन कम ही लोग इसकी वजह जानते हैं.    

महात्मा गांधी से प्रेरित

बता दें कि नेताओं की सफेद पोशाक के सवाल का जवाब भारत के स्वतंत्रता संग्राम से मिलता है. जब भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के समय महात्मा गांधी ने स्वदेशी का नारा दिया था, उस समय लोगों ने विदेशी वस्त्रों को इकट्ठा करके आग लगा दी थी.

इसके बाद महात्मा गांधी ने भारतीय लोगों को चरखे से बने खादी के वस्त्र को पहनने के लिए प्रेरित किया. दरअसल गांधी जी इसे स्वालंबन के प्रतीक के रूप में देखते थे. उस समय खादी से बने कपड़े ज्यादातर सफेद रंग के होते थे. उसी समय से स्वतंत्रता की लड़ाई में साथ दे रहे सभी नेताओं ने भी इन्हें अपनाना शुरू कर दिया. फिर धीरे-धीरे ये रंग नेताओं का रंग बन गया. उसके बाद से ही राजनीति और समाजसेवा से जुड़े लोग सफेद रंग के कपड़ों में नजर आने लगे. साथ ही ये रंग साादगी का भी प्रतीक होता है.
 
सफेद शांति का रंग 

जीवन में हर रंग का अपना महत्व होता है. हर रंग किसी विशेष गुण से संबंधित होते हैं. ऐसे ही सफेद रंग शांति, शुद्धता और विद्या का प्रतीक माना जाता है. यही वजह है कि किसी अपने की मृत्यु होने पर लोग सफेद रंग के कपड़े पहनते हैं. सफेद रंग को शांति का प्रतीक माना जाता है. लेकिन अपने देश में सफेद रंग और भी कई मौको पर अलग-अलग धर्मों के मुताबिक पहना जाता है. 

ये भी पढ़ें: ओलंपिक में शामिल Wrestling और Boxing गेम में क्या अंतर, जानिए इन गेम्स के नियम 

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

World Largest Headquarters: इस देश ने बनाया दुनिया का सबसे बड़ा डिफेंस हेडक्वॉर्टर, जानें किस नंबर पर आता है भारत?
इस देश ने बनाया दुनिया का सबसे बड़ा डिफेंस हेडक्वॉर्टर, जानें किस नंबर पर आता है भारत?
Ram Mandir Donation Theft Case: चंपत राय की जगह कृष्ण मोहन दास देखेंगे राम मंदिर का कामकाज, क्या इन्हें अलग सैलरी देगा ट्रस्ट?
चंपत राय की जगह कृष्ण मोहन दास देखेंगे राम मंदिर का कामकाज, क्या इन्हें अलग सैलरी देगा ट्रस्ट?
Ayodhya Ram Mandir Controversy: यूपी के इस कॉलेज में लेक्चरर रह चुके चंपत राय, क्या उन्हें वहां से मिलती है पेंशन?
यूपी के इस कॉलेज में लेक्चरर रह चुके चंपत राय, क्या उन्हें वहां से मिलती है पेंशन?
Ayodhya Ram Mandir Controversy: मस्जिद के लिए वक्फ बोर्ड और मंदिर के लिए ट्रस्ट, जानें क्या है दोनों के संचालन तरीके में फर्क?
मस्जिद के लिए वक्फ बोर्ड और मंदिर के लिए ट्रस्ट, जानें क्या है दोनों के संचालन तरीके में फर्क?

वीडियोज

Aamir Khan की शादी में Kiran Rao क्यों नहीं दिखीं?
Vaibhav Sooryavanshi: डेब्यू कैप पाते ही रो पड़े वैभव सूर्यवंशी! 15 साल की उम्र में रच दिया इतिहास!.
Diljit Dosanjh की Sutluj रिलीज के 2 दिन बाद ही ZEE5 से क्यों हटाई गई?
Hyundai Creta Electric अब ₹10.99 लाख में! BAAS क्या है? सस्ती EV का पूरा सच | Creta EV Explained
Shilpa Shinde की धमाकेदार एंट्री, Lock Upp 2 में बढ़ेगा ड्रामा

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
किश्तवाड़ में फटा बादल, मुंबई में हाई टाइड, आसमानी आफत से कहां मची तबाही और क्या है अलर्ट
किश्तवाड़ में फटा बादल, मुंबई में हाई टाइड, आसमानी आफत से कहां मची तबाही और क्या है अलर्ट
महाराष्ट्र मौसम अपडेट, 7 July: मुंबई में उठीं 13 फीट ऊंची लहरें, फ्लाइट प्रभावित, कल कैसा रहेगा मौसम?
महाराष्ट्र मौसम अपडेट, 7 July: मुंबई में उठीं 13 फीट ऊंची लहरें, फ्लाइट प्रभावित, कल कैसा रहेगा मौसम?
BCCI ने इंग्लैंड के खिलाफ ODI सीरीज के किया टीम इंडिया में बदलाव, 2 साल बाद खूंखार ऑलराउंडर की वापसी
BCCI ने इंग्लैंड के खिलाफ ODI सीरीज के किया टीम इंडिया में बदलाव, 2 साल बाद खूंखार ऑलराउंडर की वापसी
Satluj: बैन के बाद प्रोजेक्टर लगाकर 'सतलुज' देख रहे लोग, दिलजीत दोसांझ बोले- अब ये फिल्म नहीं रुकेगी
बैन के बाद प्रोजेक्टर लगाकर 'सतलुज' देख रहे लोग, दिलजीत दोसांझ बोले- अब ये फिल्म नहीं रुकेगी
जैसे ही इंडोनेशिया के आसमान में घुसा पीएम मोदी का प्लेन, सामने आए फाइटर जेट्स, फिर ऐसा था नजारा- Video
जैसे ही इंडोनेशिया के आसमान में घुसा पीएम मोदी का प्लेन, सामने आए फाइटर जेट्स, फिर ऐसा था नजारा- Video
Explained: वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्य नियुक्त, कहीं वाह-वाह... तो कहीं विरोध! इसके नतीजे अच्छे या बुरे?
वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्य नियुक्त, कहीं वाह-वाह, कहीं विरोध! नतीजे अच्छे या बुरे?
चांदी चोरी से सोने के रामचरितमानस के गायब होने तक…, चंपत के इस्तीफे के बाद VHP ने बताई पूरी सच्चाई
चांदी चोरी से सोने के रामचरितमानस के गायब होने तक…, चंपत के इस्तीफे के बाद VHP ने बताई पूरी सच्चाई
मणिपुर में उग्रवादियों का हमला, असम राइफल्स के दो जवान शहीद कई घायल; राज्यपाल ने जताया दुख
मणिपुर में उग्रवादियों का हमला, असम राइफल्स के दो जवान शहीद कई घायल; राज्यपाल ने जताया दुख
Embed widget