Beer Cheers History: इस देश में बीयर के गिलास को टकराकर नहीं किया जाता चियर्स, वजह जानकर नहीं होगा यकीन
Beer Cheers History: दुनिया में एक ऐसा देश है जहां बियर पीते समय गिलास टकराकर चीयर्स नहीं कहा जाता. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह.

Beer Cheers History: ज्यादातर देशों में लोग अपने-अपने गिलास उठाकर और आपस में टकराकर चीयर्स कहते हुए जश्न मनाते हैं. लेकिन हंगरी में बियर के गिलासों के साथ ऐसा करना पारंपरिक रूप से अपमानजनक माना जाता है. यहां हंगेरियन लोग वाइन, शैम्पेन या फिर कॉकटेल पीते समय गिलास टकरा सकते हैं लेकिन बीयर पीते समय ऐसा करने से बचते हैं. इस अनोखे शिष्टाचार नियम की एक गहरी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है.
1848 की क्रांति
दरअसल इस प्रथा की शुरुआत 1848 की हंगेरियन क्रांति से हुई थी. हंगेरियन क्रांतिकारियों ने शक्तिशाली ऑस्ट्रियाई साम्राज्य से आजादी पाने की कोशिश की थी. इस साम्राज्य पर हैब्सबर्ग वंश का शासन था. आखिरकार क्रांति को कुचल दिया गया और उसके बाद हंगेरियन समाज पर एक गहरा जख्म रह गया.
13 जनरलों को फांसी
क्रांति कुचले जाने के बाद ऑस्ट्रियाई अधिकारियों ने 13 हंगेरियन जनरलों को फांसी दे दी. उन्होंने आजादी की लड़ाई को लीड किया था. ये नेता बाद में अराद के 13 शहीदों के नाम से जाने गए. इन्हें हंगरी में राष्ट्रीय नायकों के रूप में याद किया जाता है. अक्टूबर 1849 में अराद शहर में उन्हें दी गई फांसी बलिदान और प्रतिरोध का प्रतीक बन गई.
बियर के गिलासों से कैसे जुड़ा यह किस्सा?
ऐसा कहा जाता है कि ऑस्ट्रियाई अधिकारियों ने हंगेरियन जनरलों को फांसी दिए जाने का जश्न बियर पीकर और जोर-जोर से अपने गिलास आपस में टकराकर मनाया था. हंगेरियन लोगों के लिए यह काम फांसी दिए गए नेताओं की याद और आजादी के आंदोलन के प्रति गहरा अपमान माना गया.
150 साल की राष्ट्रीय प्रतिज्ञा
इसके जवाब में हंगेरियन लोगों ने कथित तौर पर एक प्रतिज्ञा ली. अगले 150 सालों तक वे कभी भी बियर के गिलास आपस में नहीं टकराएंगे. यह विरोध और याद का एक शांत तरीका बन गया. यह परंपरा पूरे हंगेरियन समाज में फैल गई और बियर के गिलास टकराने से बचाना शहीदों के प्रति सम्मान का एक संकेत बन गया.
150 साल बीत जाने के बाद क्या हुआ?
150 साल का समय आधिकारिक तौर पर 1998 में समाप्त हो गया. उसके बाद लोगों को फिर से बियर के गिलास टकराने से रोकने वाला कोई भी औपचारिक नियम नहीं था. हालांकि परंपराएं अक्सर अपनी आधिकारिक समय सीमा से ज्यादा समय तक चलती हैं. कुछ पुरानी पीढ़ी के लोग इतिहास के प्रति सम्मान की वजह से आज भी इस प्रथा का पालन करते हैं.
आज जब हंगरी में लोग बियर पीते हैं तो उनमें से कई लोग बस अपने गिलास ऊपर उठा लेते हैं और उन्हें आपस में टकराते नहीं. वे शायद अभी टोस्ट या फिर चीयर्स कहते हों लेकिन गिलास अलग ही रहते हैं.
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Source: IOCL
























