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Malaysia Fruit Ban: मलेशिया में यह फल होटल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ले जाने पर बैन, क्यों लगाया गया प्रतिबंध?

Malaysia Fruit Ban: मलेशिया में एक ऐसा फल है जिसे सार्वजनिक जगहों पर ले जाना पूरी तरह से मना है. आइए जानते हैं कौन सा है यह फल और क्या है इसके पीछे की वजह?

Malaysia Fruit Ban: दक्षिण पूर्व  एशिया के कई हिस्सों में एक खास फल ऐसा है जिसे काफी लोग पसंद करते हैं लेकिन इसकी तेज गंध की वजह से इसे सार्वजनिक जगहों पर ले जाने पर रोक है. मलेशिया में होटल, बस, ट्रेन और यहां तक की हवाई जहाज में भी ड्यूरियन ले जाना कई जगहों पर पूरी तरह से मना है. आने वाले लोग अक्सर होटल की लॉबी, मेट्रो स्टेशन और सार्वजनिक परिवहन के वाहनों में 'ड्यूरियन मना है' के बोर्ड देखते हैं.

क्यों है यह प्रतिबंध? 

दरअसल कई सार्वजनिक जगहों पर ड्यूरियन पर रोक की मुख्य वजह इसकी काफी तेज गंध है. इस फल से एक तीखी गंध निकलती है जो काफी दूर से भी महसूस की जा सकती है. काफी लोग इसकी गंध को सड़े हुए प्याज, गंदे मोजों या फिर कूड़े कचरे जैसा बताते हैं. जहां ड्यूरियन पसंद करने वालों को इसकी महक अच्छी लगती है, वहीं दूसरों को यह अक्सर पसंद नहीं आती. 

बंद जगह में तेजी से फैलती है गंध

बंद जगहों जैसे कि एयर कंडीशन्ड होटल के कमरों, बसों, ट्रेनों और हवाई जहाज के केबिन में ड्यूरियन की गंध खास तौर पर ज्यादा परेशानी पैदा करती है. जैसे ही फल को काटा जाता है उसकी गंध आसपास के पूरे इलाके में तेजी से फैल जाती है.

कई दिनों तक बनी रहती है गंध

रोक का एक और कारण यह है कि ड्यूरियन की गंध जल्दी से नहीं जाती. फल को हटा देने के काफी समय बाद भी उसकी गंध हवा में, कपड़ों पर और फर्नीचर पर बनी रह सकती है. होटलों को अक्सर कालीन, पर्दे और बिस्तरों से इस गंध को हटाने में काफी मुश्किल होती है. कुछ मामलों में यह बदबू कई दिनों तक बनी रह सकती है.

रोक के बावजूद मशहूर फल

इन पाबंदियों के बावजूद भी दक्षिण पूर्व एशिया में ड्यूरियन काफी ज्यादा लोकप्रिय है. यह बाजारों और सड़क किनारे की दुकानों पर काफी ज्यादा बिकता है.  काफी लोग इसे ताजा या फिर आइसक्रीम में डालकर खाना पसंद करते हैं. स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के लिए ही यह फल अक्सर एक अनोखा खान-पान का अनुभव माना जाता है. दिलचस्प बात यह है कि मलेशिया के कुछ होटलों में एक और फल मैंगोस्टीन पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध है. दरअसल इस फल के मोटे बैंगनी छिलके में गहरे रंग का रस होता है. इससे कपड़ों पर आसानी से दाग लग सकते हैं.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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