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हाईवे पर लगे बोर्ड हमेशा क्यों होते हैं हरे रंग के, जानें क्या है इसके पीछे की वजह?

Highway Signboards: हाईवे पर गाड़ी चलाते वक्त जब आपको साइन बोर्ड नजर आते हैं तो क्या आपने कभी सोचा है कि ये हरे रंग के ही क्यों होते हैं. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह.

Highway Signboards: आपने हाईवे पर गाड़ी चलाते वक्त साइन बोर्ड जरूर देखे होंगे. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये साइन बोर्ड हमेशा हरे रंग के क्यों होते हैं. इस रंग को यूं ही नहीं चुना जाता. बल्कि इसके पीछे एक वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक और व्यावहारिक तर्क भी है. आइए जानते हैं क्या है वह तर्क.

क्या है इस रंग के पीछे का मतलब?

दरअसल जब भी आप भारतीय राजमार्गों पर या फिर अमेरिका जैसे देशों में भी यात्रा करते हैं तो आपको एक चीज समान दिखाई देगी. ज्यादातर दिशा निर्देश संकेतों का हरे रंग का होना. यह कोई संयोग नहीं है. हरा रंग इंसानों की आंखों के लिए सबसे सुखदायक और आरामदायक रंग माना जाता है. इस रंग को लंबे समय तक देखने पर भी हमारी आंखों पर दबाव नहीं पड़ता. यह उन ड्राइवरों के लिए जरूरी है जिन्हें घंटों सतर्क रहना पड़ता है. 

इसके ठीक उल्टा है लाल या फिर पीला रंग. ये रंग तुरंत ध्यान आकर्षित करते हैं. मनोवैज्ञानिक रूप से चेतावनी, तात्कालिकता या फिर खतरे से जुड़े ये रंग स्टॉप साइन और खतरे के संकेतों के लिए एकदम सही होते हैं.

हरे रंग को चुनने के पीछे विज्ञान 

हाईवे पर हरे रंग के साइन बोर्ड इसलिए ज्यादा होते हैं क्योंकि ये आंखों के लिए आरामदायक और सुरक्षित होते हैं. तेज रफ्तार से यात्रा करते समय ड्राइवर को जानकारी को तेजी से और शांति से समझने में अच्छा होना चाहिए. हरा रंग बिना विचलित किए साफ नजर आता है.

इंसानों की आंखें हरे रंग के वेवलेंथ के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील होती हैं. यह विजिबल स्पेक्ट्रम के ठीक बीच में स्थित होती है. इसका मतलब है कि हमारी आंखें ज्यादा दूरी से हरे रंग का पता लगा सकती हैं और उस पर काफी आसानी से ध्यान केंद्रित कर सकती हैं. यहां तक कि कम रोशनी या फिर बारिश के दौरान भी. हरा रंग ड्राइवर को इन संकेतों को तेजी से पढ़ने और आगे की सड़क पर ध्यान लगाने में मदद करता है.

बाकी देशों में भी यही रंग कोड 

दिलचस्प बात यह है कि रंग का यह कोड सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं है. अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और कई बाकी देश भी इसी पैटर्न का पालन करते हैं.  राजमार्ग संकेतों का उद्देश्य ड्राइवर का मार्गदर्शन करना है और साथ ही उन्हें सूचना देना है. उन संकेतों पर शहर के नाम, दिशाएं और दूरियां लिखी होती हैं. जब यह संकेत हरे रंग से रंगे होते हैं तो इन्हें तेज रफ्तार में भी पढ़ना आसान हो जाता है. 

अगली बार जब भी आप किसी हाईवे पर गाड़ी चला रहे हो और दूर से वह हरा साइन बोर्ड दिखाई दे तो याद रखिएगा कि यह संकेत  आपको यह तो बता ही रहा है कि कहां जाना है बल्कि साथ में आपको आपकी मंजिल तक सुरक्षित रूप से पहुंचाने में मदद भी कर रहा है.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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