NCERT की एक किताब छापने में कितना खर्च, ज्यूडिशियल करप्शन चैप्टर वाली किताबों का अब क्या होगा?
NCERT Textbook Controversy: एनसीईआरटी की क्लास 8 की सोशल साइंस किताब को लेकर विवाद खड़ा हो चुका है. इसी बीच आइए जानते हैं कि एनसीईआरटी की एक किताब छापने में कितना खर्च आता है.

NCERT Textbook Controversy: सुप्रीम कोर्ट ने NCERT की क्लास 8 की सोशल साइंस की टेक्स्ट बुक में ज्यूडिशरी में करप्शन टाइटल वाले एक विवादित हिस्से पर सख्त रुख अपनाया है. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाले बेंच ने जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली के साथ मामले की सुनवाई की और गंभीर चिंता जताई. कोर्ट के दखल के बाद शिक्षा मंत्रालय और NCERT ने टेक्स्टबुक का डिस्ट्रीब्यूशन रोकने और कार्रवाई को शुरू करने के लिए तुरंत कदम उठाए हैं. इस विवाद ने प्रिंटेड किताबें वापस मंगाने के फाइनेंशियल असर और NCERT टेक्स्टबुक बनाने में लगने वाले खर्च पर भी सवाल उठाए हैं.
बिक्री और डिस्ट्रीब्यूशन पर तुरंत रोक
सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद शिक्षा मंत्रालय ने निर्देश दिया कि विवादित क्लास 8 की टेक्स्ट बुक की बिक्री और डिस्ट्रीब्यूशन को तुरंत रोक दिया जाए. स्टूडेंट को आगे डिस्ट्रीब्यूशन रोकने के लिए सभी फिजिकल कॉपी सर्कुलेशन को हटा लिया गया.
चैप्टर पूरी तरह से फिर से लिखा जाएगा
NCERT ने इस बात की घोषणा की है कि विवादित चैप्टर को पूरी तरह से बदला जाएगा. ऑर्गेनाइजेशन सही वर्जन को तैयार करने से पहले सब्जेक्ट एक्सपट्र्स और सही अधिकारियों से सलाह लेने की योजना बना रहा है. बदली हुई टेस्टबुक 2026-27 एकेडमिक सेशन की शुरुआत में रिलीज होने की उम्मीद है.
पहले से प्रिंटेड किताबों का क्या होगा?
पहले से प्रिंटेड और बांटी जा चुकी किताबों का आगे बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. उन्हें या तो वापस मंगाया जा रहा है, बंद किया जा रहा है या उनकी जगह सही वर्जन ले जा रहे हैं. ऐसे ज्यादातर मामलों में मौजूद स्टॉक पढ़ाई के कामों के लिए इस्तेमाल नहीं हो पाता. इससे प्रिंटिंग, स्टोरेज और लॉजिस्टिक से जुड़े फाइनेंशियल नुकसान होते हैं.
डिजिटल वर्जन भी हटाए जा रहे हैं
सरकार ने विवादित कंटेंट वाली टेक्स्टबुक के डिजिटल वर्जन को भी हटाने के लिए कदम उठाए हैं. मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी यह पक्का करने में शामिल रही है कि ऑनलाइन पीडीएफ और डिजिटल कॉपी को भी ऑफिशियल प्लेटफार्म से हटा दिया जाए.
NCERT की किताब छापने में कितना खर्च आता है?
NCERT की टेक्स्टबुक अपनी सस्ती कीमत के लिए जानी जाती है. ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें मुनाफे के लिए नहीं बनाया जाता. लगभग 300 पेज की एक स्टैंडर्ड टेक्स्टबुक की प्रिंटिंग कॉस्ट आमतौर पर ऑफसेट प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके ₹90 से ₹100 प्रति कॉपी के बीच होती है. इसके बावजूद NCERT किताबों की रिटेल कीमत काफी कम रखी जाती है. यह आमतौर पर 125 रुपये से 230 रुपये के बीच होती है.
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Source: IOCL



























