एक्सप्लोरर

ज्यादा सामान ले जाने पर क्यों बढ़ जाता है हवाई किराया, क्या है वजह?

फ्लाइट में टिकट बुक करते समय सिर्फ सीट का किराया ही नहीं, सामान का वजन भी आपके खर्च को बढ़ा सकता है. जानिए ज्यादा लगेज पर एयरलाइंस अलग से पैसे क्यों लेती हैं?

फ्लाइट से सफर करते समय टिकट बुक करने के बाद यात्रियों को सबसे ज्यादा ध्यान अपने सामान पर देना पड़ता है. खासकर जब बैग ज्यादा हों या उनका वजन तय सीमा से अधिक हो, तो टिकट की कीमत के अलावा ज्यादा पैसे भी देने पड़ते हैं. कई यात्रियों के मन में सवाल रहता है कि आखिर ट्रेन या बस की तरह फ्लाइट में ज्यादा सामान ले जाने पर अलग से चार्ज क्यों लिया जाता है. ज्यादा सामान होने से विमान का कुल वजन बढ़ता है और एयरलाइन को बैगेज रखने की जगह, वजन की सीमा और ईंधन से जुड़ी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है. यही वजह है कि एयरलाइंस एक तय वजन तक ही सामान ले जाने देती है.

विमान का वजन बढ़ने से बढ़ता है ईंधन खर्च

विमान में जितना ज्यादा सामान होगा, उसका कुल वजन भी उतना ही बढ़ेगा. भारी विमान को उड़ाने और उसे हवा में बनाए रखने के लिए ज्यादा ऊर्जा की जरूरत पड़ सकती है, जिसका असर ईंधन की खपत पर पड़ता है. एयरलाइन को हर उड़ान से पहले यात्रियों, बैगेज और दूसरे सामान के कुल वजन का हिसाब रखना होता है. इसलिए तय सीमा से ज्यादा सामान ले जाने पर अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है.

हर विमान की होती है वजन की एक सीमा

किसी भी विमान की एक निर्धारित वजन सीमा होती है. इसमें सिर्फ यात्रियों का वजन नहीं, बल्कि उनका सामान, कार्गो, ईंधन और विमान का अपना वजन भी शामिल होता है. एयरलाइन को इन सभी चीजों का संतुलन बनाकर उड़ान चलानी होती है. इसी कारण यात्रियों के लिए बैगेज की एक सीमा तय की जाती है और उससे ज्यादा सामान पर अलग चार्ज लगाया जा सकता है.

यह भी पढ़ें : इंसान कितनी ऊंची इमारत बना सकता है, कहां ठहर जाती है इंजीनियरिंग?

विमान में सीमित होती है सामान रखने की जगह

विमान के अंदर और नीचे बने लगेज कंपार्टमेंट में सामान रखने की जगह कम  होती है. अगर बहुत ज्यादा यात्री अतिरिक्त बैग लेकर पहुंच जाएं तो एयरलाइन के लिए सभी सामान को विमान में रखना मुश्किल हो सकता है. इसके अलावा सामान को सही तरीके से रखना और उसका वजन संतुलित करना भी जरूरी होता है.इसलिए ज्यादा बैगेज के लिए अलग शुल्क रखा जाता है.

ज्यादा लगेज पर अलग से देना पड़ सकता है चार्ज

हर एयरलाइन अपनी बैगेज पॉलिसी के हिसाब से मुफ्त सामान की सीमा तय करती है. यह सीमा टिकट के प्रकार, यात्रा की क्लास और रूट के अनुसार अलग हो सकती है. अगर यात्री तय सीमा से ज्यादा वजन लेकर जाता है तो उसे एक्स्ट्रा बैगेज चार्ज देना पड़ सकता है. कई एयरलाइंस में यह शुल्क पहले से ऑनलाइन बैगेज जोड़ने पर कम और एयरपोर्ट पर ज्यादा हो सकता है, इसलिए टिकट बुक करते समय नियम देख लेना बेहतर है.

बैगेज लिमिट का मकसद सिर्फ पैसे लेना नहीं

ज्यादा सामान पर शुल्क लगाने का उद्धेश्य सिर्फ एयरलाइन की कमाई नहीं होता. बैगेज लिमिट विमान के वजन, सामान रखने की क्षमता और उड़ान संचालन से जुड़ी होती है. तय सीमा के अंदर सामान रखने से एयरलाइन को विमान में उपलब्ध जगह और वजन को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद मिलती है. इसलिए फ्लाइट बुक करने से पहले अपनी एयरलाइन की बैगेज लिमिट जरूर चेक करनी चाहिए.

यह भी पढ़ें : किस देश के पास कितने Aircraft Carrier, समंदर में कौन सबसे ताकतवर?

Bhumika Panwar ABP News की Lifestyle डेस्क पर डिजिटल मीडिया इंटर्न के तौर पर काम कर रही हैं. वह Mandsaur University से बीए जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री कर रही हैं. ABP News में वह आर्टिकल और वेब स्टोरी लिखने का काम कर रही हैं, जिससे उन्हें डिजिटल मीडिया में काम करने का व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है. उन्हें हिंदी में कंटेंट लिखने और नई जानकारी जुटाने में रुचि है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

हिंदुओं में यमराज का कॉन्सेप्ट तो मुस्लिमों में क्या, कैसे होता है हिसाब?
हिंदुओं में यमराज का कॉन्सेप्ट तो मुस्लिमों में क्या, कैसे होता है हिसाब?
MLA या MLC, कौन ज्यादा ताकतवर? समझें दोनों की पावर
MLA या MLC, कौन ज्यादा ताकतवर? समझें दोनों की पावर
45 पैसे में रेलवे कैसे देता है 10 लाख का इंश्योरेंस, क्यों नहीं होता नुकसान?
45 पैसे में रेलवे कैसे देता है 10 लाख का इंश्योरेंस, क्यों नहीं होता नुकसान?
माइक्रोसॉफ्ट में कितने भारतीय करते हैं काम, कितनी है इनकी औसत सैलरी?
माइक्रोसॉफ्ट में कितने भारतीय करते हैं काम, कितनी है इनकी औसत सैलरी?
Advertisement

वीडियोज

Chitra Tripathi: 27 में किसके साथ 'अब्दुल', यूपी में सियासत फुल! | UP Elections | Akhilesh | Owaisi
Bihar MLC Election Result: बिहार में पहले रुझान में ही पलटी बाजी | Nitish Kumar | JDU | Anant Singh
YRKKH: Kabir को मंगेतर संग थिरकते देख चौंके Armaan-Abhira, क्या झूठे थे प्यार के सारे दावे?
Bollywood News: रश्मिका-विजय की लव स्टोरी पर बवाल, अब साइबर क्राइम पहुंचा मामला! (27.10.26)
Sansani | ABP News: No Parking का शैतान...नजरों के सामने खूनी खेल !
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
तूफान 'अर्नब' का विकराल रूप: इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, किसानों के लिए एडवाइजरी
तूफान 'अर्नब' का विकराल रूप: इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, किसानों के लिए एडवाइजरी
Maharashtra Vidhan Parishad Result Live: 3 सीटों पर महायुति को बढ़त, एक पर शरद पवार गुट आगे
महाराष्ट्र MLC रिजल्ट LIVE: 3 सीटों पर महायुति को बढ़त, एक पर शरद पवार गुट आगे
‘कपड़े फाड़े, खून बहने लगा,’ राष्ट्रपति ट्रंप पर पूर्व मिस स्वीट्जरलैंड ने लगाया रेप का आरोप
‘कपड़े फाड़े, खून बहने लगा,’ राष्ट्रपति ट्रंप पर पूर्व मिस स्वीट्जरलैंड ने लगाया रेप का आरोप
तीसरे टी20 में रिकॉर्ड्स की बारिश, अभिषेक-वैभव ने वेलिंगटन में तोड़े 6 रिकॉर्ड!
तीसरे टी20 में रिकॉर्ड्स की बारिश, अभिषेक-वैभव ने वेलिंगटन में तोड़े 6 रिकॉर्ड!
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कुणाल का नंबर ‘जय बलकारी’ नाम से सेव, पांच कारतूस की तस्वीरें डिलीट
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कुणाल का नंबर ‘जय बलकारी’ नाम से सेव, पांच कारतूस की तस्वीरें डिलीट
कहां कितने वोट कटे? खरगे ने 13 राज्यों की जारी कर दी लिस्ट, पूछा- CEC को क्यों बचा रहे?
कहां कितने वोट कटे? खरगे ने 13 राज्यों की जारी कर दी लिस्ट, पूछा- CEC को क्यों बचा रहे?
Land Rover Defender की कीमत में 34 लाख की भारी कटौती, जानें वजह
Land Rover Defender की कीमत में 34 लाख की भारी कटौती, जानें वजह
Gas Stove Safety: गैस पर उफन गया है दूध या पानी? तुरंत चूल्हा जलाने की न करें भूल
गैस पर उफन गया है दूध या पानी? तुरंत चूल्हा जलाने की न करें भूल
Embed widget