किस देश के पास कितने Aircraft Carrier, समंदर में कौन सबसे ताकतवर?
दुनिया में Aircraft Carrier की ताकत कुछ ही देशों के पास है. जानिए अमेरिका, चीन, भारत समेत बड़े देशों के पास कितने विमानवाहक पोत हैं और इनमें सबसे आगे कौन है?

समुद्र में किसी देश की सेना की ताकत दिखाने वाले सबसे बड़े हथियारों में Aircraft Carrier शामिल है . ये समुद्र में तैरते एयरबेस की तरह काम करते हैं, जहां से लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर ऑपरेशन कर सकते हैं. फिलहाल इस मामले में अमेरिका बाकी देशों से काफी आगे है. चीन तेजी से अपनी Carrier Fleet बढ़ा रहा है, जबकि भारत भी हिंद महासागर में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहा है. सितंबर 2026 में अमेरिकी Aircraft Carrier USS Abraham Lincoln की लंबी तैनाती भी चर्चा में है. यह पोत हाल ही में थाईलैंड के पटाया पहुंचा था और इससे पहले लंबे समय तक समुद्र में तैनात रहा है.
अमेरिका के पास सबसे ज्यादा 11 Aircraft Carrier
Aircraft Carrier के मामले में अमेरिका दुनिया में सबसे आगे है. अमेरिकी नौसेना के पास 11 बड़े परमाणु ऊर्जा से चलने वाले Aircraft Carrier हैं. इनमें Nimitz Class और नई Gerald R. Ford Class के Carrier शामिल हैं. इन पोतों से बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान ऑपरेट किए जा सकते हैं और ये लंबे समय तक समुद्र में रहकर दूसरे देशों से काफी दूर तक अभियान चलाने की क्षमता रखते हैं. इसी वजह से Carrier की संख्या के साथ-साथ उनकी तकनीक, विमान और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में तैनाती अमेरिका को इस क्षेत्र में सबसे मजबूत बनाती है.
चीन के पास 3 Aircraft Carrier, Fujian सबसे खास
चीन के पास अब 3 Aircraft Carrier हैं Liaoning, Shandong और Fujian. इनमें Fujian सबसे नया और तकनीकी रूप से सबसे आधुनिक है. इसे नवंबर 2025 में चीनी नौसेना में शामिल किया गया था. Fujian में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विमान लॉन्च सिस्टम लगाया गया है, जिससे विमान लॉन्च करने की क्षमता पुराने चीनी Carrier से अलग हो जाती है. 2026 में चीन इसके ऑपरेशनल इस्तेमाल को और बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इससे साफ है कि चीन समुद्र में अपनी ताकत तेजी से बढ़ा रहा है.
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भारत के पास 2 Aircraft Carrier
भारत के पास फिलहाल INS विक्रमादित्य और INS विक्रांत , यानी 2 Aircraft Carrier हैं. INS विक्रांत भारत में बनाया गया पहला स्वदेशी Aircraft Carrier है, जबकि INS विक्रमादित्य रूस से मिला Carrier है. दोनों Carrier भारतीय नौसेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और इनसे हिंद महासागर के क्षेत्र में भारत की समुद्री ताकत बढ़ती है. भारतीय नौसेना ने दोनों Carrier को एक साथ ऑपरेट करने की क्षमता भी दिखाई है. इस बीच भारत में तीसरे Aircraft Carrier की जरूरत को लेकर भी चर्चा जारी है, खासकर चीन की बढ़ती Carrier क्षमता को देखते हुए.
ब्रिटेन, इटली और जापान भी मजबूत
Aircraft Carrier की संख्या में अमेरिका, चीन और भारत के बाद कई दूसरे देश भी अपनी खास क्षमता रखते हैं. ब्रिटेन के पास 2 क्वीन एलिजाबेथ क्लास एयरक्राफ्ट कैरियर हैं, जबकि इटली के पास भी 2 बड़े Carrier हैं. जापान के पास ऐसे बड़े हैं Aircraft Carrier जिनसे F-35B जैसे शॉर्ट टेकऑफ और वर्टिकल लैंडिंग वाले विमान ऑपरेट किए जा सकते हैं. फ्रांस के पास एक परमाणु ऊर्जा से चलने वाला Aircraft Carrier हालांकि सभी देशों के Carrier का आकार, विमान क्षमता और इस्तेमाल का तरीका अलग है, इसलिए केवल संख्या देखकर उनकी पूरी समुद्री ताकत की तुलना नहीं की जा सकती.
तो समंदर में सबसे ताकतवर कौन?
अगर Aircraft Carrier की संख्या, आकार, परमाणु ऊर्जा, लड़ाकू विमानों की क्षमता और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में तैनाती को एक साथ देखा जाए तो अमेरिका अभी भी सबसे ताकतवर Carrier Power है. चीन तेजी से उसके करीब आने की कोशिश कर रहा है और Fujian उसकी बढ़ती क्षमता का बड़ा उदाहरण है. भारत की ताकत मुख्य रूप से हिंद महासागर क्षेत्र में ज्यादा है और उसके पास दो Operational Carrier हैं.
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