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पानी की फ्लेट तो कोल्ड ड्रिंक की बोतल में क्यों होती है नीचे डिजाइन? जानें साइंस

कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के नीचे डिजाइन वैज्ञानिक कारणों से बनाया जाता है, गैस के हाई-प्रेशर को सोखने और लिक्विड के फैलने पर बोतल को फटने से बचाने के लिए यह बेस जरूरी होता है.

गर्मी का मौसम हो या कोई छोटी सी पार्टी कोल्ड ड्रिंक और पानी की बोतल हम सब खरीदते हैं. अगर आपने कभी ध्यान दिया हो, तो सामान्य पानी की बोतल का निचला हिस्सा बिल्कुल सपाट होता है, लेकिन कोल्ड ड्रिंक की प्लास्टिक की बोतलों के नीचे पांच उभरे हुए कोने या बंप्स जैसी एक खास डिजाइन बनी होती है. 

अक्सर लोग सोचते हैं कि यह अनोखा डिजाइन बॉटम सिर्फ बॉटल को सुंदर दिखाने या स्टाइल के लिए बनाया गया होगा, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. इसके पीछे विज्ञान का एक बहुत ही जरूरी और गहरा नियम छिपा हुआ है. इस खास डिजाइन को कोरगेटेड बॉटम या पेंटापॉड कहा जाता है, आइए जानते हैं कि कोल्ड ड्रिंक की बोतल के नीचे यह खास पांच कोनों वाला डिजाइन क्यों बनाया जाता है. 

गैस के भारी दबाव को झेलना

कोल्ड ड्रिंक और पानी की बोतल में सबसे बड़ा अंतर यही होता है कि कोल्ड ड्रिंक के अंदर कार्बन डाइऑक्साइ्ड CO2 गैस भरी होती है. इसी गैस के कारण जब हम बोतल खोलते हैं, तो झाग और गैस बाहर निकलती है. दरअसल, जब कोल्ड ड्रिंक की बोतल को पैक किया जाता है या वह हिलती-डुलती है, तो उसके अंदर गैस का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. 

यदि कोल्ड ड्रिंक की बोतल का निचला हिस्सा पानी की बोतल के जैसा फ्लेट होगा, तो गैस के दबाव से बोतल का नीचे का हिस्सा बाहर की तरफ फूल जाएगा और बोतल फट भी सकती है. बोतल के नीचे बने ये पांच उभरे हुए कोने इस भारी गैस प्रेशर को पूरी तरह से सोख लेते हैं और दबाव को बराबर हिस्सों में बांट देते हैं.

तापमान बढ़ने पर साइज को नियंत्रित करना

कोल्ड ड्रिंक को हमेशा ठंडा करके ही पिया और बेचा जाता है. जब किसी लिक्विड को बहुत ज्यादा ठंडा किया जाता है, तो उसके आयतन और घनत्व में बड़ा बदलाव होने लगता है. कोल्ड ड्रिंक के बहुत ज्यादा ठंडे या फ्रिज होने पर उसके अदंर मौजूद गैस और लिक्विड फैलने की कोशिश करते हैं. 

इस परिस्थिति में बोतल के नीचे बनी यह खास डिजाइन एक स्प्रिंग की तरह काम करती है. जब तापमान बदलने से अंदर का दबाव बढ़ता है, तो उभरे हुए कोने थोड़े फैल जाते हैं, लेकिन बोतल के आकार को खराब होने नहीं देते. 

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प्लास्टिक की बचत और लागत को कम करना

इस डिजाइन के पीछे एक आर्थिक वजह भी है. अगर कोल्ड ड्रिंक के भारी दबाव को रोकने के लिए पूरी बोतल को बहुत मोटा और सख्त प्लास्टिक से बनाया जाए, तो कंपनी का खर्च बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा. वैज्ञानिकों ने इसका यह तोड़ निकाला कि बोतल के ऊपरी हिस्से को पतला रखा जाए और केवल निचले हिस्से पर यह पांच कोनों वाली मजबूत डिजाइन बना दी जाए. इससे कम प्लास्टिक के इस्तेमाल में भी बोतल को काफी मजबूती मिल जाती है.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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