फ्लाइट में कब फट जाता है पावर बैंक, जानें क्यों होता है ऐसा?
हवाई सफर के दौरान पावर बैंक में अचानक आग लगने की घटनाएं सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील होती हैं. आइए जानते हैं कि आसमान में किन गंभीर गलतियों के कारण यह डिवाइस अचानक बम में बदल जाती है.

दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 6115 में उस समय हड़कंप मच गया, जब हवा में उड़ते विमान के ओवरलोड लगेज कंपार्टमेंट में रखे एक यात्री के पावर बैंक में अचानक आग लग गई. बैग से धुआं और लपटें निकलते ही केबिन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके बाद क्रू मेंबर्स ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए फायर एक्सटिंग्विशवर की मदद से आग पर काबू पाया.
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विमान को तुरंत हैदराबाद एटरपोर्य की तरफ डायवर्ट कर वहां उसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. हालांकि सभी यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन इस खौफनाक घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर प्लाइट में सफर के दौरान पावर बैंक कब और क्यों एक चलते-फिरते बम में बदल जाता है.
थर्मल रनअवे स्थिति बनती है ब्लास्ट की वजह
पावर बैंक के अचानक फटने या उसमें आग लगने के पीछे का सबसे बड़ा तकनीकी कारण थर्मल रनअवे नाम की एक स्थिति है. दरअसल, आजकल के लगभग सभी पावर बैंक में लिथियम-आयन या लिथियम- पॉलीमर बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है. जब बैटरी किसी वजह से अत्यधिक गर्म हो जाती है, शॉर्ट सर्किट का शिकार होती है या इसकी क्वालिटी खराब होती है, तो इसके अंदर का तापमान अनियंत्रित रूप से तेजी से बढ़ने लगता है. तापमान बढ़ने की यह प्रक्रिया इतनी तेज होती है कि बैटरी इसे संभाल नहीं पाती और वह अचानक धुएं, तेज आग या एक भयंकर धमाके के रूप में फट जाती है.
हवा का दबाव और केबिन का तापमान भी है जिम्मेदार
जमीन के मुकाबले आसमान में हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ते हुए विमान के भीतर का माहौल पूरी तरह से बदल जाता है. फ्लाइट के उड़ते समय केबिन के अंदर हवा का दबाव लगातार घटता और बढ़ता रहता है. इसके साथ ही, कई बार ओवरहेड बिन या बंद बैग के भीतर वेंटिलेशन न मिलने के कारण तापमान सामान्य से काफी ज्यादा बढ़ जाता है.
अगर पावर बैंक पहले से ही थोड़ी डिफेक्टिव है, तो उसमें कोई बारीक अंदरूनी डैमेज है, तो हवा का यह बदलता दबाव और बंद जगह की गर्मी लिथियम-आयन बैटरी को तेजी से ट्रिगर कर देती है, जिसमें वह हवा में ही रिएक्ट कर जाती है.
इन गलतियों के कारण भी लग जाती है आग
हवाई सफर के दौरान यात्री अक्सर अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो पावर बैंक को खतरनाक बना देती हैं. DGCA के सख्त नियमों के अनुसार, उड़ान के दौरान फ्लाइट के भीतर पावर बैंक का इस्तेमाल करना या उससे किसी भी डिवाइस को चार्ज करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है. कई यात्री फ्लाइट में सीट पॉकेट या ओवरहेड बिन में रखे-रखे ही फोन को चार्ज पर लगा छोड़ देते हैं, जिससे डिवाइस डबल हीट होने लगता है. इसके अलावा, लोकल या बिना ब्रांड वाले सस्ते पावर बैंक ले जाना, जिनमें ओवरचार्जिंग और शॉर्ट सर्किट प्रोटेक्शन जैसी सेफ्टी चिप्स नहीं होतीं, हादसे के जोखिम को कई गुना बढ़ा देती है.
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हवाई सफर में इन नियमों का रखें खास ख्याल
यदि आप भी अक्सर फ्लाइट से यात्रा करते हैं, तो अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी गाइडलाइंस का पालन जरूर करें. हमेशा केवल ब्रांडेड और अच्छी क्वालिटी का पावर बैंक ही इस्तेमाल करें, जिसकी क्षमता 100 Wh से कम हो. पावर बैंक को कभी भी ओवरहेड बिन में रखने के बजाय अपने पर्सनल हैंड बैग में अपनी सीट के नीचे या ऐसी जगह रखें जहां आपकी नजर उस पर बनी रहे और जरूरत पड़ने पर उसे तुरंत निकाला जा सके.
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