Jyoti Singh: किस औरत को कहा जाता है परित्यक्त नारी? पति वाले कॉलम में ज्योति ने पवन सिंह की जगह लिखा है यह शब्द
Jyoti Singh: बिहार की काराकाट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रही ज्योति सिंह ने चुनावी हलफनामे में में खुद को परित्यक्ता महिला बताया है. आइए जानते हैं क्या होता है इसका मतलब.

Jyoti Singh: बिहार की काराकाट विधानसभा सीट अचानक से चर्चा का एक बड़ा केंद्र बन चुकी है. सिर्फ राजनीति की वजह से ही नहीं बल्कि एक निजी विवाद के लिए भी. इस सीट से चुनाव लड़ रही निर्दलीय उम्मीदवार ज्योति सिंह ने अपने चुनावी हलफनामे में खुद को परित्यक्ता महिला बताया है. हैरानी वाली बात यह है कि उन्होंने पति का नाम वाले कॉलम में पवन सिंह का नाम नहीं लिखा बल्कि 'प्रसिद्ध भोजपुरी कलाकार' लिखा है. आज हम जानेंगे कि परित्यक्ता महिला किसे कहते हैं और क्या होता है इसका मतलब.
परित्यक्ता महिला का अर्थ
परित्यक्ता महिला उस महिला को कहा जाता है जिसे उसके पति ने बिना किसी औपचारिक कानूनी तलाक के त्याग दिया हो या फिर छोड़ दिया हो. इस शब्द को संस्कृत के परित्याग शब्द से लिया गया है जिसका मतलब है त्यागना. आसान शब्दों में यह उस महिला के बारे में बताता है जिसके पति ने उसे छोड़ दिया हो, वह भी बिना किसी स्पष्टीकरण, जिम्मेदारी या फिर कानूनी अलगाव के.
आपको बता दें कि यह तलाकशुदा महिला से अलग होता है जो कानूनी रूप से अलग हो चुके हैं और अब वैवाहिक बंधन से मुक्त हैं. परित्यक्त महिला कानूनी रूप से विवाहित तो रहती है लेकिन सामाजिक और भावनात्मक रूप से अलग-थलग रहती है.
परित्यक्ता महिला और तलाकशुदा महिला में अंतर
परित्यक्ता महिला कानूनी तरीके से विवाहित रहती है जबकि तलाकशुदा महिला का विवाह कानूनी प्रक्रिया से खत्म हो जाता है. इसी के साथ परित्यक्ता महिला अपने पति से भरण पोषण पाने की हकदार होती है. दरअसल परित्यक्ता महिला को बिना किसी पूर्व सूचना या फिर कानूनी प्रक्रिया के छोड़ दिया जाता है जबकि तलाक एक कानूनी प्रक्रिया के अंदर आता है.
परित्यक्ता महिला के अधिकार
परित्यक्ता महिला हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 और आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत अपने पति से भरण पोषण की मांग कर सकती है. इसी के साथ परित्यक्ता महिला को अपने पति के घर में रहने का अधिकार है भले ही वह पति या ससुराल वालों का घर हो. इतना ही नहीं बल्कि अगर पति की मृत्यु हो जाती है तो हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 के मुताबिक परित्यक्त महिला को प्रथम श्रेणी की उत्तराधिकारी के रूप में पति की संपत्ति में समान हिस्सा मिलता है. आपको बता दें कि कई राज्यों में परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाओं को आर्थिक सहायता के रूप में पेंशन भी दी जाती है.
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Source: IOCL
























