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ब्रिटेन के शाही परिवार से अब तक कौन-कौन किया गया बेदखल, देख लें पूरी लिस्ट

आज का ब्रिटिश शाही परिवार परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है. कुछ वक्त पहले ही King Charles III ने प्रिंस एंड्रयू को पूरी तरह से ब्रिटिश रॉयल फैमिली से बाहर कर दिया.

ब्रिटेन का शाही परिवार दुनिया भर में अपनी परंपराओं, शानो-शौकत और अनुशासन के लिए जाना जाता है, लेकिन इस चमक-दमक के पीछे कई ऐसे मौके भी आए जब परिवार के सदस्यों को पद, सम्मान और जिम्मेदारियों से हाथ धोना पड़ा. हाल ही में ब्रिटिश घराने के एक बड़े नाम को औपचारिक रूप से बाहर कर दिया गया. ऐसे मे सवाल उठता है कि अब तक किन-किन शाही सदस्यों को बेदखल किया गया या किन लोगों खुद दूरी बना ली? 

प्रिंस एंड्रयू

ब्रिटेन के शाही परिवार से प्रभावी रूप से बाहर किए जाने वाले सबसे बड़े नाम हैं Prince Andrew. ड्यूक ऑफ यॉर्क रहे एंड्रयू का नाम अमेरिकी अपराधी Jeffrey Epstein से जुड़ा है. एपस्टीन पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और तस्करी के गंभीर आरोप थे और उसकी गिरफ्तारी के बाद मामला वैश्विक स्तर पर सुर्खियों में आया. एंड्रयू पर भी एक सिविल मुकदमा दायर हुआ, जिसे उन्होंने अदालत के बाहर समझौते से सुलझाया. इसके बाद 2022 में तत्कालीन महारानी Queen Elizabeth II ने उनसे सैन्य उपाधियां और शाही संरक्षण वापस ले लिए. 

2025 में राजा King Charles III ने उनके शेष औपचारिक अधिकार भी समाप्त कर दिए. उन्हें हिज रॉयल हाईनेस की उपाधि के सार्वजनिक उपयोग से दूर कर दिया गया और आधिकारिक शाही कर्तव्यों से पूरी तरह अलग कर दिया गया. अब उन्हें औपचारिक रूप से एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर के नाम से जाना जाता है. यह कदम आधुनिक शाही इतिहास में सबसे कड़े निर्णयों में गिना जाता है. 

किंग एडवर्ड VIII

शाही परिवार से अलग होने का सबसे ऐतिहासिक मामला 1936 में सामने आया, जब Edward VIII ने सिंहासन त्याग दिया था. उन्होंने अमेरिकी तलाकशुदा महिला वॉलिस सिम्पसन से विवाह करने के लिए गद्दी छोड़ दी थी. उस दौर में चर्च ऑफ इंग्लैंड और ब्रिटिश सरकार तलाकशुदा महिला से राजा के विवाह के खिलाफ थे. आखिरकार एडवर्ड आठवें ने अपने भाई के पक्ष में राजगद्दी छोड़ दी और उन्हें ड्यूक ऑफ विंडसर की उपाधि दी गई. वे शाही केंद्र से दूर हो गए और उनके हिज रॉयल हाईनेस के दर्जे को सीमित कर दिया गया. यह घटना ब्रिटिश राजशाही के इतिहास का बड़ा मोड़ मानी जाती है. 

प्रिंस हैरी और मेघन

2020 में Prince Harry और उनकी पत्नी Meghan Markle ने सीनियर रॉयल की भूमिका से पीछे हटने का ऐलान किया. इस फैसले को मीडिया में मेग्जिट कहा गया. दोनों ने आर्थिक रूप से स्वतंत्र जीवन जीने और उत्तरी अमेरिका में बसने का निर्णय लिया. वे अभी भी ड्यूक और डचेस ऑफ ससेक्स की उपाधि रखते हैं, लेकिन अब आधिकारिक शाही जिम्मेदारियां नहीं निभाते और राजा का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं. हालांकि यह पारंपरिक अर्थों में बेदखली नहीं थी, लेकिन शाही व्यवस्था से एक बड़ा अलगाव जरूर था. 

क्या होता है बेदखली का मतलब?

ब्रिटिश शाही परिवार में बेदखली हमेशा कानूनी निष्कासन जैसा नहीं होता है. कई बार यह औपचारिक कर्तव्यों, सैन्य उपाधियों और शाही संरक्षण के अधिकार छीन लेने तक सीमित रहता है. राजशाही एक संवैधानिक व्यवस्था है, इसलिए अंतिम निर्णय सम्राट के हाथ में होता है.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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