एक्सप्लोरर

Currency Issue: नई करेंसी लॉन्च करने के लिए कौन देता है परमीशन, जान लीजिए पूरा तरीका

Currency Issue: अक्सर ही लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि कोई भी नया करेंसी नोट चलन में कैसे आता है? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब और पूरी प्रक्रिया.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • आरबीआई को नोट छापने का अधिकार, सरकार लेती है मंजूरी।
  • जरूरत का अनुमान लगाकर नोट डिजाइन, सुरक्षा विशेषताएँ शामिल।
  • डिजाइन को सरकार की मंजूरी के बाद होती है छपाई।
  • वितरण आरबीआई और बैंकों द्वारा, ₹1 नोट वित्त मंत्रालय जारी करता।

Currency Issue: क्या आपने कभी सोचा है कि कोई नया करेंसी नोट चलन में कैसे आता है? दरअसल यह काफी सावधानी से नियंत्रित की गई प्रक्रिया है. इसमें डिजाइन, सुरक्षा, मंजूरी और डिस्ट्रीब्यूशन शामिल होता है. भारत में यह जिम्मेदारी भारतीय रिजर्व बैंक और केंद्रीय सरकार के बीच बंटी हुई है. आइए जानते हैं क्या होती है पूरी प्रक्रिया.

करेंसी जारी करने का अधिकार किसके पास?

आरबीआई अधिनियम 1934 के तहत नोट जारी करने का मुख्य अधिकार आरबीआई के पास है. भारत में कागजी करेंसी को छापने और उसे चलन में लाने की अनुमति सिर्फ इसी संस्था को है. हालांकि यह अधिकार पूरी तरह से असीमित नहीं है. करेंसी के मूल्यवर्ग, डिजाइन और सामग्री जैसे अहम मामलों पर अंतिम फैसला केंद्र सरकार का ही होता है. आसान शब्दों में कहें तो आरबीआई प्रस्ताव देता है और उसे लागू करता है, जबकि सरकार उसे मंजूरी देती है. 

अनुमान और योजना 

इस प्रक्रिया की शुरुआत देश की करेंसी संबंधी जरूरतों का आंकलन करने से होती है. आरबीआई, सरकार और वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर यह अनुमान लगाता है कि कितने नोटों की जरूरत है और वह किस मूल्य वर्ग के होने चाहिए.

नोट का डिजाइन तैयार करना 

जब जरूरत समझ में आ जाती है तब आरबीआई का करेंसी प्रबंधन विभाग नोट का डिजाइन तैयार करने पर काम शुरू करता है. इसमें विजुअल एलिमेंट, संस्कृतिक प्रतीक और जाली नोटों को रोकने के लिए वॉटरमार्क, सुरक्षा धागे और माइक्रो प्रिंटिंग जैसी एडवांस्ड सुरक्षा विशेषताओं का चयन किया जाता है. 

सरकार की मंजूरी 

डिजाइन को अंतिम रूप देने के बाद उसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेज दिया जाता है. इस चरण के बिना कोई भी नई करेंसी नहीं छापी जा सकती. सरकार से मंजूरी मिलने से पहले नोट के मूल्य वर्ग, डिजाइन और सभी विशिष्टताओं  की समीक्षा की जाती है.

करेंसी की छपाई 

मंजूरी मिलने के बाद खास सुविधाओं वाली जगह पर छपाई का काम शुरू हो जाता है. भारत में करेंसी छापने के चार मुख्य प्रेस हैं.  इनमें से दो सरकार द्वारा संचालित हैं और दो आरबीआई की सहायक कंपनियां हैं. सरकार द्वारा संचालित प्रेस में नासिक और देवास की प्रेस शामिल हैं और आरबीआई की सहायक वाली कंपनियां भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित हैं, जो मैसूर और सालबोनी में हैं.

पूरे देश में डिस्ट्रीब्यूशन 

छपाई के बाद नए नोटों का आरबीआई के इशू ऑफिस के नेटवर्क और बैंकों द्वारा संचालित करेंसी चेस्ट के जरिए से डिस्ट्रीब्यूशन किया जाता है. वहां से वे एटीएम और बैंक शाखाओं के जरिए सरकुलेशन में आते हैं.

जहां ज्यादातर बैंक नोट आरबीआई जारी करता है वहीं एक अपवाद भी है. ₹1 का नोट सीधे वित्त मंत्रालय जारी करता है और इस पर वित्त सचिव के हस्ताक्षर होते हैं ना कि आरबीआई गवर्नर के. इसी के साथ सिक्के पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा सिक्का निर्माण अधिनियम 2011 के तहत ढाले जाते हैं. हालांकि उनका वितरण आरबीआई द्वारा ही किया जाता है.

यह भी पढ़ें: राज्यसभा के उपनेता पद से हटने पर क्या कम होगी राघव चड्ढा की सैलरी? जानें नियम

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Roadside Trees Paint : सड़क किनारे लगे पेड़ों के नीचे क्यों किया जाता है पेंट? जानिए इसके पीछे की वजह
सड़क किनारे लगे पेड़ों के नीचे क्यों किया जाता है पेंट? जानिए इसके पीछे की वजह
Balochistan History: 1947 में आजाद था बलूचिस्तान, फिर कैसे बन गया था पाकिस्तान का हिस्सा?
1947 में आजाद था बलूचिस्तान, फिर कैसे बन गया था पाकिस्तान का हिस्सा?
जिहादी तो सुना होगा लेकिन क्या जिहाद का मतलब जानते हैं आप, कुरान में कितनी बार है इसका जिक्र?
जिहादी तो सुना होगा लेकिन क्या जिहाद का मतलब जानते हैं आप, कुरान में कितनी बार है इसका जिक्र?
India Exports: किस चीज के एक्सपोर्ट से सबसे ज्यादा कमाई करता है भारत, जानें किन देशों को किया जाता है निर्यात?
किस चीज के एक्सपोर्ट से सबसे ज्यादा कमाई करता है भारत, जानें किन देशों को किया जाता है निर्यात?

वीडियोज

Salman Khan की Maatrubhumi पर फिर संकट! रिलीज़ से पहले 40% फिल्म दोबारा शूट
Nitin Gadkari Exclusive: E20 Petrol पर क्या बोले? #nitingadkari #e20fuel #autolive
Operation Safed Sagar की अनसुनी कहानी अब आएगी सबके सामने
59 की उम्र में Sunita Ahuja का बॉलीवुड डेब्यू, बेटे Yashvardhan Ahuja संग करेंगी शुरुआत
Bollywood News: ट्रोलिंग से तौबा या प्रेग्नेंसी का नया ड्रामा? कियारा आडवाणी की 'दूसरी प्रेग्नेंसी' का सच आया सामने! (14-07-2026)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'हॉर्मुज पार कर लिया...', परिवार को किया मैसेज और तभी ईरान ने कर दिया मिसाइल अटैक, भारतीय शख्स की मौत
'हॉर्मुज पार कर लिया...', परिवार को किया मैसेज और तभी ईरान ने किया मिसाइल अटैक, भारतीय शख्स की मौत
दो दिन में हो सकती है सोनम वांगचुक की मौत! 8.5 kg घटा वजन, अनशन पर दिल्ली HC में याचिका
दो दिन में हो सकती है सोनम वांगचुक की मौत! 8.5 kg घटा वजन, अनशन पर दिल्ली HC में याचिका
ट्रंप धमाकों के साथ दे रहे समझौते की धमकी, डेडलाइन पर ईरान बोला- 'होर्मुज से जुड़े किसी भी...'
ट्रंप धमाकों के साथ दे रहे समझौते की धमकी, डेडलाइन पर ईरान बोला- 'होर्मुज से जुड़े किसी भी...'
'गौतम गंभीर और चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर के बीच मतभेद', इस पूर्व इंडियन क्रिकेटर के दावे से मची सनसनी
'गौतम गंभीर और चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर के बीच मतभेद', इस पूर्व इंडियन क्रिकेटर के दावे से मची सनसनी
Welcome To The Jungle BO Day 19: ‘वेलकम टू द जंगल' की कमाई में तीसरे मंगलवार आई मामूली तेजी, जानें- 19 दिनों में कितना बटोरा मुनाफा?
‘वेलकम टू द जंगल' की कमाई में तीसरे मंगलवार आई मामूली तेजी, जानें- 19 दिनों में कितना कमाया मुनाफा?
Explained: UAE होर्मुज स्ट्रेट के बगल में क्यों बना रहा नई बंदरगाह? ईरान के 'इकोनॉमिक बम' का तोड़ या कमजोरी छिपाने की कोशिश
UAE होर्मुज स्ट्रेट के बगल में क्यों बना रहा नई बंदरगाह? ईरान के इकोनॉमिक बम का तोड़ क्यों खास?
Punjab Politics: 'यह कोई गुड्डे-गुड़ियों का खेल नहीं...' राजा वडिंग को हटाने की मांग के बीच भूपेश बघेल ने सौंपी रिपोर्ट
'यह कोई गुड्डे-गुड़ियों का खेल नहीं...' राजा वडिंग को हटाने की मांग के बीच भूपेश बघेल ने सौंपी रिपोर्ट
किन फसलों को अब बिना टैक्स यूके में बेच पाएंगे किसान, कितना बढ़ जाएगा मुनाफा?
किन फसलों को अब बिना टैक्स यूके में बेच पाएंगे किसान, कितना बढ़ जाएगा मुनाफा?
Embed widget