Balochistan History: 1947 में आजाद था बलूचिस्तान, फिर कैसे बन गया था पाकिस्तान का हिस्सा?
Balochistan History: रिपोर्ट्स के मुताबिक बलूचिस्तान ने खुद को एक आजाद देश घोषित कर दिया है. आइए जानते हैं बलूचिस्तान के इतिहास के बारे में.

- सैन्य दबाव में कलात 1948 में पाकिस्तान का हिस्सा बना।
Balochistan History: सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के बीच कि बलूचिस्तान ने खुद को रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान नाम से एक आजाद देश घोषित कर दिया है लोगों का ध्यान इसके इतिहास पर फिर से जा रहा है. कुछ पोस्ट में यह दावा किया गया है कि बलूच फोर्स ने इलाके के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है और अपना झंड, करेंसी और एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम लागू कर दिया है. इसी बीच आइए डालते हैं बलूचिस्तान के ऐतिहासिक बैकग्राउंड पर एक नजर और साथ ही जानते हैं कि आजाद होने के बाद बलूचिस्तान पाकिस्तान का हिस्सा कैसे बन गया था.
पाकिस्तान के बनने से पहले आजादी का ऐलान
बंटवारे के समय आज के बलूचिस्तान में चार बड़ी रियासतें थीं. कलात, मकरान, लास बेला और खारन. इनमें से कलात सबसे बड़ी और सबसे प्रभावशाली रियासत थी. 11 अगस्त 1947 को कलात के खान, मीर अहमद यार खान ने कलात को एक आजाद देश घोषित कर दिया. ब्रिटिश अधिकारियों ने कलात के अलग संधि संबंधों को मान्यता दी थी और यह रियासत शुरू में भारत और पाकिस्तान दोनों से बाहर रही थी.
कलात के विलय की कोशिश
14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान के बनने के बाद उसके नेतृत्व ने कलात के साथ विलय को लेकर बातचीत शुरू की. कलात के खान शुरू में अपनी आजादी बनाए रखना चाहते थे. हालांकि पाकिस्तान कलात के विलय को उसकी भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा वजह से रणनीतिक रूप से जरूरी मानता था.
पड़ोसी रियासतों के विलय से दबाव बढ़ा
बातचीत के दौरान पड़ोसी रियासतों मकरान, लास बेला और खारन ने पाकिस्तान में शामिल होने का फैसला किया. उनके विलय से कलात पर राजनीतिक और रणनीतिक दबाव काफी ज्यादा बढ़ गया. इससे वह भौगोलिक रूप से अलग-थलग पड़ गया. साथ ही उसकी बातचीत की स्थिति कमजोर हो गई.
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भारत का समर्थन पाने की कोशिश
ऐतिहासिक जानकारी से पता चलता है कि भारत का समर्थन पाने या फिर भारत में विलय की संभावना पर बातचीत हुई थी. हालांकि कोई समझौता नहीं हो पाया. कुछ ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स में बताया गया कि प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने बंटवारे के समय भौगोलिक बाधा और राजनीतिक वजहों से इस प्रस्ताव पर आगे कदम नहीं उठाया.
सैन्य दबाव और विलय पत्र
मार्च 1948 के आखिर में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान सेना कलात में दाखिल हुई. 27-28 मार्च 1948 को कलात के खान ने विलय पत्र पर साइन किए. इससे कलात औपचारिक रूप से पाकिस्तान का हिस्सा बन गया. पाकिस्तान का यह कहना है कि यह विलय कानूनी रूप से हुआ था. वहीं कई बलूच राष्ट्रवादी संगठनों का यह तर्क है कि यह सैन्य दबाव में हुआ था और इसलिए वे इसकी वैधता पर सवाल उठाते हैं.
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