क्या ट्रंप के व्हाइट हाउस के पास उड़ सकता है कोई ड्रोन? कुछ ऐसी होती है सिक्योरिटी
अगर दुनिया की सबसे सुरक्षित इमारतों की लिस्ट तैयार की जाए तो इसमें पहले पायदान पर अमेरिका का व्हाइट हाउस ही आएगा. 18वीं शताब्दी से व्हाइट हाउस अलग-अलग अमेरिकी राष्ट्रपतियों का घर रहा है.

अमेरिका में बीते दिनों राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में चूक का बड़ा मामला सामने आया था. राष्ट्रपति ट्रंप के निजी गोल्फ कोर्स के ऊपर एक विमान उड़ता हुआ नजर आया था, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था. इसके तुरंत बाद उत्तरी अमेरिकी एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) ने फाइटर जेट भेजकर इस विमान को खदेड़ दिया था. यह मामला अभी बीता नहीं है कि ईरान के सुप्रीम लीडर के करीबी जावेद लारीजानी ने ट्रंप को खुली धमकी दी है. उन्होंने कहा है कि ट्रंप जब धूप सेंक रहे होंगे तो एक छोटा ड्रोन उन पर गिर सकता है.
अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने इस धमकी को एक अलर्ट के रूप में लिया है और राष्ट्रपति ट्रंप की सुरक्षा और भी बढ़ा दी गई है. ऐसे में चलिए जानते हैं कि क्या अमेरिका के व्हाइट हाउस के पास कोई ड्रोन उड़ सकता है? व्हाइट हाउस समेत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा कैसे होती है? इसमें कौन-कौन सी सुरक्षा एजेंसियां तैनात रहती हैं?
अभेद है व्हाइट हाउस की सुरक्षा
अगर दुनिया की सबसे सुरक्षित इमारतों की लिस्ट तैयार की जाए तो इसमें पहले पायदान पर अमेरिका का व्हाइट हाउस ही आएगा. 18वीं शताब्दी से व्हाइट हाउस अलग-अलग अमेरिकी राष्ट्रपतियों का घर रहा है. दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क के सबसे बड़े नेता का निवास होने के चलते ही व्हाइट हाउस की सुरक्षा अभेद होती है. इस इमारत और इसके आसपास करीब 15 मील का हिस्सा नो-फ्लाई जोन में आता है, यानि व्हाइट हाउस के आसपास कोई भी ड्रोन या जहाज उड़ान नहीं भर सकता है. अगर कोई विमान या ड्रोन नियम तोड़ता भी है तो अमेरिकी एयरफोर्स इसके लिए तैयार बैठी रहती है. इतना ही नहीं, व्हाइट हाउस के अलग-अलग हिस्सों में भी मिसाइल लॉन्चर लगे हुए हैं, जो किसी भी ऑब्जेक्ट को मार गिरा सकते हैं. व्हाइट हाउस की छत पर खास तक का रडार सिस्टम लगा है, जो फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स या इस तरह के किसी भी खतरे को भांपकर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट करता है. इसके अलावा व्हाइट हाउस के चारों तरफ लोहे की मजबूत फेसिंग भी है.
कैसी होती है ट्रंप की सिक्योरिटी
दुनिया के सबसे ताकतवर देश के राष्ट्रपति होने के नाते डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा सबसे अहम होती है. इस जिम्मेदारी भरे काम को संभालते हैं अमेरिकी सीक्रेट सर्विस एजेंट्स. सीक्रेट सर्विस का मुख्य काम राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति समेत उनके परिवार को 24 घंटे सुरक्षा मुहैया कराना है, फिर चाहें वह देश में हों या विदेश में. सीक्रेट सर्विस के जवान काफी ट्रेंड होते हैं और आधुनिक हथियारों से लैस होते हैं. सीक्रेट सर्विस के अलावा कई सुरक्षा एजेंसियां ट्रंप की सुरक्षा में तैनात रहती हैं, जिसमें फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन भी एक है, जो व्हाइट हाउस या जहां अमेरिकी राष्ट्रपति होते हैं, उसके हवाई क्षेत्र पर नजर रखती है. अगर कोई खतरा नजर आता है तो नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) को अलर्ट भेजा जाता, आगे का काम NORAD करता है. इसके अलावा एफबीआई, यूनाइटेड स्टेट्स कैपिटल पुलिस भी ट्रंप की सुरक्षा में बाहरी घेरे के तौर पर गुपचुप काम करते हैं.
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Source: IOCL

























