एक्सप्लोरर

गर्मी से इंदौर एयरपोर्ट के रनवे की सतह पिघली, जानें कितनी तेज धूप में होता है ऐसा?

इंदौर में भीषण गर्मी के कारण एयरपोर्ट रनवे का डामर पिघल गया, जिससे उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा. आइए जानें कि आखिर कितनी तेज धूप में ऐसा होता है और डामर क्यों पिघलने लगता है.

मध्य प्रदेश के इंदौर में पड़ रही भीषण गर्मी ने न केवल आम जनजीवन को बेहाल किया है, बल्कि बुनियादी ढांचे को भी चुनौती दे दी है. हाल ही में इंदौर एयरपोर्ट के रनवे की सतह पिघलने की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं. इस वजह से उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा और यात्री घंटों परेशान रहे. यह महज एक गड़बड़ी नहीं, बल्कि बढ़ते तापमान का वह खतरनाक संकेत है जिसे 'ग्लोबल वॉर्मिंग' के दौर में समझना बेहद जरूरी है. आइए जानें कि आखिर कितनी तेज धूप में सड़कें पिघलने लगती हैं.

गर्मी के तांडव का उड़ानों पर असर

भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के कारण इंदौर एयरपोर्ट के रनवे का एक हिस्सा नरम पड़ गया और वहां लगा बिटुमेन (डामर) पिघलने लगा. रनवे की सतह ढीली होने के कारण विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया था. ऐसे में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी ने तुरंत मरम्मत का काम शुरू किया. इस दौरान दिल्ली और रायपुर से आ रही इंडिगो की दो उड़ानों को भोपाल डायवर्ट करना पड़ा. हालांकि, इंजीनियरों की मुस्तैद टीम ने करीब 20 मिनट के भीतर डामर की जरूरी मरम्मत कर दी, जिसके बाद परिचालन फिर से सामान्य हो पाया.

कब पिघलने लगती हैं सड़कें?

अक्सर लोग सोचते हैं कि जब मौसम विभाग तापमान 40 डिग्री सेल्सियस बताता है, तो सड़क का तापमान भी उतना ही होगा, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. डामर की सड़कें और रनवे काले रंग के होते हैं, और काला रंग सूर्य की ऊष्मा को सबसे ज्यादा अवशोषित करता है. विज्ञान के अनुसार, जब हवा का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस होता है, तो सड़क की सतह का तापमान उससे 20 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा यानी 60 डिग्री तक पहुंच सकता है. यही वह बिंदु है जहां डामर अपनी मजबूती खोने लगता है.

यह भी पढ़ें: Strait Of Hormuz Crisis: सिर्फ तेल नहीं स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत आती हैं ये चीजें, जानें कब तक हो सकती है इनकी किल्लत?

क्यों ढीली होती हैं सड़क की परतें?

सड़कों और रनवे को बनाने में 'बिटुमेन' या तारकोल का इस्तेमाल किया जाता है, जो एक चिपचिपा और काला पदार्थ है. जब सतह का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाता है, तो बिटुमेन नरम होने लगता है. उच्च तापमान पर यह तरल की तरह व्यवहार करने लगता है, जिससे सड़क की ऊपरी परत अपनी पकड़ छोड़ देती है. इसी स्थिति को बोलचाल की भाषा में सड़क का पिघलना कहा जाता है. इंदौर में भी रनवे की ऊपरी परत इसी प्रक्रिया के तहत ढीली हो गई थी, जिससे विमानों के टायर फंसने का डर था.

पुराने निर्माण और घटिया गुणवत्ता

रनवे या सड़क के पिघलने के पीछे केवल गर्मी ही एकमात्र कारण नहीं होती है. कई बार पुराने निर्माण या डामर की घटिया गुणवत्ता भी इसके लिए जिम्मेदार होती है. समय के साथ डामर अपनी लचीलापन खो देता है और अत्यधिक तापमान सहने की उसकी क्षमता कम हो जाती है. इसके अलावा, अगर डामर का मिश्रण उस इलाके के औसत अधिकतम तापमान के हिसाब से तैयार नहीं किया गया हो, तो वह जल्दी पिघलने लगता है. यही वजह है कि अब आधुनिक निर्माणों में 'पॉलिमर मॉडिफाइड बिटुमेन' का उपयोग किया जा रहा है जो अधिक तापमान सह सके.

विमानों के लिए खतरा

जब रनवे या सड़क की सतह नरम हो जाती है, तो उस पर भारी वाहनों या विमानों के पहियों के निशान पड़ जाते हैं. इसे तकनीकी भाषा में रटिंग कहा जाता है. इससे सतह ऊपर-नीचे हो सकती है या उसमें दरारें आ सकती हैं. विमानों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक है, क्योंकि तेज रफ्तार में लैंडिंग के समय संतुलन बिगड़ सकता है. वहीं सड़कों पर चलने वाले ड्राइवरों के लिए यह 'बकलिंग' का खतरा पैदा करती है, जिससे गाड़ियां अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो सकती हैं.

यह भी पढ़ें: US Venezuela Relations: दोस्त समझकर इस देश को अमेरिका ने दिए थे F-16 जैसे फाइटर जेट, लेकिन अब है कट्टर दुश्मन

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

 CIBIL Score:अपना सिबिल स्कोर कैसे बढ़ाएं, इन बातों का रखें खास ख्याल
अपना सिबिल स्कोर कैसे बढ़ाएं, इन बातों का रखें खास ख्याल
Women Safety in Delhi: रात को महिलाओं के लिए सेफ क्यों नहीं है दिल्ली? बाकी महानगरों से क्या अलग
रात को महिलाओं के लिए सेफ क्यों नहीं है दिल्ली? बाकी महानगरों से क्या अलग
अगर कोई Satellite गिर जाए तो नुकसान की जिम्मेदारी किसकी? स्पेस लॉ समझिए
अगर कोई Satellite गिर जाए तो नुकसान की जिम्मेदारी किसकी? स्पेस लॉ समझिए
Second Solar Eclipse 2026: क्या सूर्य ग्रहण के दौरान फ्रीजर में रखा सामान भी हो जाता है खराब?
क्या सूर्य ग्रहण के दौरान फ्रीजर में रखा सामान भी हो जाता है खराब?

वीडियोज

Janhit with Chitra Tripathi: CM Soren से छात्र..'हमको झुका ना पाओगे'! | Jharkhand Students Protest
Kanwar Yatra 2026: बुर्के में कांवड़, मुस्लिम महिला और हिंदू पति! नोटिस के बाद भी नहीं रुकी तमन्ना !
Assam Flood Crisis: असम में बाढ़ का तांडव, 98 मौतें, समय रैनाने भेजे 10 लाख, अब CM वापस लेंगे FIR?
Sansani: बेवफा बीवी की तेजाबी साजिश
Romana Isar Khan | Janhit: मीटिंग-मीटिंग की 'सेटिंग' से संदेह बढ़ा? | Jharkhand Student Protest

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
लाठियां, कंटीले तारों के बैरिकेड्स और जिद… किस उलझन में फंसी झारखंड सरकार?
लाठियां, कंटीले तारों के बैरिकेड्स और जिद… किस उलझन में फंसी झारखंड सरकार?
15 अगस्त को क्या करेंगे अभिजीत दीपके? वीडियो जारी कर बताया प्लान
15 अगस्त को क्या करेंगे अभिजीत दीपके? वीडियो जारी कर बताया प्लान
CSK या KKR, हार्दिक पांड्या किस टीम का थामेंगे हाथ? जान लीजिए जवाब
CSK या KKR, हार्दिक पांड्या किस टीम का थामेंगे हाथ? जान लीजिए जवाब
नेटफ्लिक्स पर नंबर 1 बनी 6 एपिसोड की सीरीज, जानें 'ऑपरेशन सफेद सागर' देखने की 5 वजहें
नेटफ्लिक्स पर नंबर 1 बनी 6 एपिसोड की सीरीज, जानें 'ऑपरेशन सफेद सागर' देखने की 5 वजहें
‘जंतर-मंतर पर नहीं हुई फायरिंग, गुमराह कर रहे राहुल’, JP नड्डा का पलटवार
‘जंतर-मंतर पर नहीं हुई फायरिंग, गुमराह कर रहे राहुल’, JP नड्डा का पलटवार
UP चुनाव से पहले कांग्रेस की बड़ी बैठक, राहुल गांधी ने दिए ये निर्देश
UP चुनाव से पहले कांग्रेस की बड़ी बैठक, राहुल गांधी ने दिए ये निर्देश
सुप्रिया सुले संग NCP-SP के सांसदों की PM मोदी से मुलाकात, खूब हो रही चर्चा-Pics
सुप्रिया सुले संग NCP-SP के सांसदों की PM मोदी से मुलाकात, खूब हो रही चर्चा-Pics
यूक्रेन के खिलाफ आखिरी विकल्प से पहले पुतिन का बड़ा कदम, अब क्या करेंगे जेलेंस्की
यूक्रेन के खिलाफ आखिरी विकल्प से पहले पुतिन का बड़ा कदम, अब क्या करेंगे जेलेंस्की
Embed widget