Explained: स्मित मच्छार से पहले किन दो भारतीयों को मिला UAE का सर्वोच्च नागरिक सम्मान?
यह 'ऑर्डर ऑफ जायद' से अलग है, जो UAE का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है और जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2019 में मिला था. यह सम्मान ऐसे रिश्ते का प्रतीक है, जो सिर्फ सरकारी दस्तावेजों तक सीमित नहीं है.

भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के प्रतिष्ठित 'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' से सम्मानित किया. यह सम्मान उन्हें 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान में एक सह-पायलट के किए गए हमले के दौरान 174 यात्रियों की जान बचाने की बहादुरी के लिए दिया गया.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्मित मच्छार ऐसा करने वाले पहले भारतीय नहीं हैं?
'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' आखिर है क्या?
यह UAE का एक बहुत ही प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान है, जो देश के राष्ट्रपति देते हैं. यह आमतौर पर उन विदेशी राजदूतों, वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को दिया जाता है, जिन्होंने UAE के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने या उल्लेखनीय सेवा देने में योगदान दिया हो. इसका नाम UAE के संस्थापक राष्ट्रपति शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान के नाम पर रखा गया है.
यह 'ऑर्डर ऑफ जायद' से अलग है, जो UAE का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है और जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2019 में मिला था. 'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' उससे एक स्तर नीचे है, लेकिन फिर भी बहुत बड़ा सम्मान है.
स्मित मच्छार से पहले कौन थे ये दो भारतीय?
स्मित मच्छार से पहले, दो पूर्व भारतीय राजदूतों को यह सम्मान मिल चुका है. दोनों ही भारत-UAE संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा चुके हैं.
1. नवदीप सिंह सुरी
कब मिला: सितंबर 2019 में
क्यों मिला: उन्होंने दिसंबर 2016 से सितंबर 2019 तक UAE में भारत के राजदूत के रूप में काम किया. उनके कार्यकाल में दोनों देशों के बीच रक्षा और व्यापार संबंधों में बड़ा विस्तार हुआ और 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' की नींव रखी गई. वह इस सम्मान को पाने वाले पहले भारतीय थे.
2. संजय सुधीर
कब मिला: 17 सितंबर 2025 में
क्यों मिला: उन्होंने नवंबर 2021 से सितंबर 2025 तक UAE में भारत के राजदूत के रूप में सेवा दी. उन्हें दोनों देशों के बीच आर्थिक और शैक्षिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए सम्मानित किया गया.
स्मित मच्छार को क्यों मिला यह सम्मान?
27 अक्टूबर 2026 को स्मित मच्छार को यह सम्मान उनकी बहादुरी के लिए मिला, जो उन्होंने 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 में दिखाई थी. उड़ान के दौरान, एक ओमानी सह-पायलट ने कॉकपिट में उन पर हमला कर दिया और विमान को तेजी से नीचे गिराना शुरू कर दिया.
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने अपनी समझ बनाए रखी और एयर ट्रैफिक कंट्रोल को आपातकालीन सिग्नल भेजे. उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे चालक दल के अन्य सदस्य और यात्री हमलावर पर काबू पा सके और विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक में उतारा जा सका.
यह सम्मान सिर्फ बहादुरी का नहीं, रिश्तों का भी प्रतीक
यह सम्मान इस बात का सबूत है कि UAE भारत के साथ अपने संबंधों को कितना महत्व देता है. पहले दो राजदूतों को यह सम्मान कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए मिला था. अब स्मित मच्छार को यह मानवीय बहादुरी और साहस के लिए मिला है.
यह सम्मान एक ऐसे रिश्ते का प्रतीक है, जो सिर्फ सरकारी दस्तावेजों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों की जिंदगी और सुरक्षा से भी जुड़ा है.






















