CBSE Cyber Attack: AIIMS से लेकर CBSE तक... पिछले पांच साल में देश के किन बड़े सरकारी पोर्टल्स पर हुए साइबर अटैक?
CBSE Cyber Attack: हाल ही में सीबीएसई री-इवैल्युएशन पोर्टल पर साइबर हमला किया गया. इसी बीच आइए जानते हैं पिछले 5 सालों में देश के किन सरकारी पोर्टलों पर साइबर अटैक हुआ.

- सीबीएसई पोर्टल पर साइबर हमला, 50 छात्रों की अनधिकृत पहुंच का आरोप
- भारत के सरकारी पोर्टल पर पिछले 5 सालों में हुए कई हमले
- AIIMS दिल्ली रैंसमवेयर हमला: स्वास्थ्य सेवाएं 2 हफ्तों तक बाधित रहीं
- ICMR डेटा ब्रीच: 81.5 करोड़ नागरिकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर बेची गई
CBSE Cyber Attack: सीबीएसई री-इवैल्युएशन पोर्टल को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल इसके पेमेंट गेटवे और डिजिटल सिस्टम पर साइबर हमला किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 50 छात्रों ने कथित तौर पर सिस्टम के कुछ हिस्सों तक बिना अनुमति के पहुंच बना ली. इसी बीच आइए जानते हैं भारत के उन कुछ सरकारी पोर्टल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में जिन्हें इतिहास में साइबर हमलों का सामना करना पड़ा.
भारत में साइबर हमला
बीते 5 सालों में कई बड़े भारतीय सरकारी प्लेटफार्म जिनमें हेल्थ केयर सिस्टम, टेलीकॉम नेटवर्क, एजुकेशनल पोर्टल और राज्य डेटा केंद्र शामिल हैं, साइबर हमलों, रैंसमवेयर घुसपैठ और बड़े पैमाने पर डेटा लीक का शिकार हुए हैं. कई मामलों में इन घटनाओं ने सार्वजनिक सेवाओं को बाधित किया, संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा को उजागर किया और राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा तैयारी के संबंध में गंभीर चिंताएं पैदा की.
AIIMS दिल्ली रैंसमवेयर हमला
हाल के भारतीय इतिहास के सबसे गंभीर साइबर हमले में से एक ने देश के प्रमुख सरकारी अस्पताल AIIMS दिल्ली के सर्वरों को निशाना बनाया. नवंबर 2022 में हैकरों ने एक बड़ा रैंसमवेयर हमला किया जिसने संस्थान के प्राथमिक और बैकअप दोनों सर्वरों को ठप कर दिया. इसके बाद अस्पताल की कई जरूरी सेवाएं जिनमें ऑनलाइन ओपीडी रजिस्ट्रेशन, अपॉइंटमेंट शेड्यूलिंग, बिलिंग सिस्टम, रिपोर्ट तैयार करना और रोगी रिकॉर्ड प्रबंधन शामिल हैं, लगभग दो हफ्तों तक बाधित रहीं. संकट के दौरान डॉक्टर और कर्मचारियों को मैन्युअल रूप से काम चलाना पड़ा.
बाद में रिपोर्ट में यह बताया गया कि शायद लगभग 30 से 40 मिलियन रोगियों का संवेदनशील मेडिकल डेटा खतरे में पड़ गया. कथित तौर पर इसमें पूर्व प्रधानमंत्रियों, केंद्रीय मंत्रियों, न्यायाधीशों और दूसरे VVIP व्यक्तियों से जुड़े रिकॉर्ड शामिल थे.
ICMR डेटा ब्रीच
जिसे भारत का अब तक का सबसे बड़ा हेल्थ केयर से जुड़ा डेटा ब्रीच बताया गया उसमें हैकर्स ने कथित तौर पर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के कोविड-19 टेस्टिंग डेटाबेस में स्टोर संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बना ली थी. यह अक्टूबर 2023 में हुआ था. लीक हुए डेटासेट में कथित तौर पर लगभग 815 मिलियन भारतीय नागरिकों से जुड़ी निजी जानकारी शामिल थी. रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि नाम, फोन नंबर, पता, आधार जानकारी और पासपोर्ट डेटा जैसी जानकारी डार्क वेब पर बेची जा रही थीं.
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उत्तराखंड राज्य डेटा केंद्र पर हमला
अक्टूबर 2024 में उत्तराखंड सरकार का राज्य डेटा केंद्र एक बड़े साइबर हमले का निशाना बना. इससे पूरे राज्य में कई सार्वजनिक सेवाएं बाधित हो गई. इस हमले के बाद कथित तौर पर 186 से ज्यादा सरकारी वेबसाइटों और पोर्टलों ने 72 घंटे से ज्यादा समय तक काम करना बंद कर दिया था.
बीएसएनएल डेटा लीक
एक और बड़ा डेटा ब्रीच भारत की सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड से जुड़ा था. मई 2024 में हैकर्स ने कथित तौर पर भारत संचार निगम लिमिटेड के आंतरिक सिस्टम में घुसपैठ की और संवेदनशील टेलीकॉम डेटा को ऑनलाइन लीक कर दिया. लीक हुई जानकारी में सिम कार्ड की जानकारी, आईएमएसाई नंबर, एचएलआर डेटा और बीएसएनएल के नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी ऑथेंटिकेशन संबंधी सुरक्षा कुंजी शामिल थी. बाद में साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं ने यह दावा किया की चोरी हुए डेटाबेस के कुछ हिस्से डार्क वेब फोरम पर सामने आए.
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