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Cigarette Origin: किस‌ देश‌ ने‌ बनाई थी सबसे पहले सिगरेट, जानें कैसे हुआ था इसका आविष्कार?

Cigarette Origin: सिगरेट का आविष्कार कई सदियों पहले हुआ था. लेकिन यह एकदम से नहीं बनी बल्कि धीरे-धीरे डेवलप हुई. आइए जानते हैं क्या है इसका इतिहास.

Cigarette Origin: सिगरेट का कोई एक इन्वेंटर नहीं था. इसके बजाय वे सदियों से धीरे-धीरे डेवलप हुई. इन्हें अलग-अलग कल्चर और टेक्नोलॉजी में हुए इनोवेशन ने शेप दिया. ऐसा माना जाता है कि मॉडर्न सिगरेट की शुरुआत स्पेन और मेक्सिको में हुई थी. लेकिन इसकी जड़ें सेंट्रल अमेरिका की पुरानी सभ्यताओं से काफी पहले की हैं.

मेक्सिको और सेंट्रल अमेरिका में पुरानी शुरुआत 

तंबाकू का सबसे पहला इस्तेमाल आज के मेक्सिको और सेंट्रल अमेरिका में माया सभ्यता के बीच 9वीं सदी में हुआ था. ऐसा माना जाता है कि माया लोग तंबाकू को खोखले सरकंडों में भरकर या पौधों की पत्तियों में लपेटकर पीते थे. जब यूरोपियन एक्सप्लोरर अमेरिका पहुंचे तो उन्होंने देखा कि वहां के आदिवासी समुदाय अलग-अलग तरह से तंबाकू का इस्तेमाल कर रहे थे. यह आदत जल्द ही यूरोप में फैल गई. यहां इसे इस्तेमाल करने के नए तरीकों में डेवलप किया जाने लगा. 

मॉडर्न सिगरेट की जन्म भूमि 

16वीं सदी में स्पेन ने मॉडर्न सिगरेट को बनाने में बड़ा रोल निभाया. सेविल में ऐसा कहा जाता है कि भिखारी सिगार के बचे हुए टुकड़े इकट्ठा करते थे, बचे हुए तंबाकू को काटते थे और उसे कागज के टुकड़ों में लपेट देते थे. इन छोटे रोल को सिगारिलोस कहा जाता था. इसका स्पेनिश में मतलब होता था छोटा सिगार. सिगार का यह आसान और कम लागत वाला विकल्प धीरे-धीरे पॉपुलर हुआ. यहीं से आज के सिगरेट के रूप में नींव रखी गई.

फ्रांस और सिगरेट का नाम

1830 के दशक तक स्मोकिंग का ट्रेंड फ्रांस तक पहुंच गया था. यहीं पर सिगरेट शब्द का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने लगा. 1845 में फ्रांस की सरकार ने कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू किया. इससे प्रोडक्ट को ज्यादा स्टैंडर्ड और मार्केटिंग पहचान मिली. फ्रांस से यह आदत पूरे यूरोप में फैली.

क्रीमियन युद्ध की भूमिका 

क्रीमियन युद्ध ने सिगरेट को और भी पॉपुलर बनाने में मदद की. कहा जाता है कि ब्रिटिश और फ्रांसीसी सैनिकों ने यह आदत तुर्की सैनिकों से सीखी, जो कागज में लपेटकर तंबाकू पीते थे. जब सैनिक घर लौटे, तो वे यह तरीका अपने साथ ले आए. इससे यह पूरे यूरोप में तेजी से फैल गया. 

सिगरेट बनाने में मैकेनिकल क्रांति 

सिगरेट ज्यादातर इंटरेस्टेड इनोवेशन की वजह से ग्लोबल प्रोडक्ट बन गई. 1847 में जुआन नेपोमुसेनो एडोर्नो ने मेक्सिको में सिगरेट बनाने वाली सबसे पुरानी मशीनों में से एक का पेटेंट कराया. हालांकि असली इंडस्ट्रियल बदलाव बाद में आया. 1880 में यूनाइटेड स्टेट्स के जेम्स अल्बर्ट बोनसैक ने एक ऐसी मशीन बनाई जो हर दिन 120000 सिगरेट तक बना सकती थी. यह हाथ से चलने वाले रोलर से कहीं ज्यादा थी. अमेरिकी उद्योगपति जेम्स बुकानन ड्यूक ने इस आविष्कार का फायदा उठाया. बोनसैक की मशीनों का इस्तेमाल करके उन्होंने सिगरेट का बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन किया और अमेरिकन टोबैको कंपनी शुरू की.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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