Ramadan 2026: क्या पाकिस्तानियों के बैंक खातों से खुद कट जाती है जकात, किन लोगों के खातों में होती है यह कटौती?
Ramadan 2026: रमजान का महीना शुरू हो चुका है. इस दौरान रोजे के पहले दिन पाकिस्तान में बैंक अकाउंट से जकात काट ली जाती है. आइए जानते हैं कि किन लोगों के खातों में से यह कटौती होती है.

Ramadan 2026: रमजान का पाक महीना शुरू हो चुका है. इस महीने में मुसलमान रोजा रखते हैं और महीने के अंत में ईद का जश्न मनाते हैं. इस दौरान पाकिस्तान में एक जरूरी फाइनेंशियल प्रैक्टिस पर भी ध्यान दिया जाता है. इसका नाम है जकात. आपको बता दें कि पाकिस्तान में कई दूसरे देशों के उलट जकात कुछ बैंक अकाउंट से सरकारी नियमों के तहत अपने आप कट सकती है.
पाकिस्तान में ऑटोमेटिक जकात कटौती
पाकिस्तान के जकात और उशर सिस्टम के तहत बैंक हर साल रमजान के पहले दिन एलिजिबल अकाउंट से 2.5% जकात अपने आप काट लेते हैं. यह कटौती तभी लागू होती है जब अकाउंट बैलेंस तय निसाब लिमिट के बराबर या उससे ज्यादा हो. साल 2026 के लिए निसाब 5,03,529 पाकिस्तानी रुपये है. अगर किसी व्यक्ति का बैलेंस रमजान के पहले दिन इस रकम के बराबर या उससे ज्यादा है तो क्वालीफाइंग रकम का ढाई प्रतिशत जकात के तौर पर काट लिया जाता है.
कौन से अकाउंट डिडक्शन के लिए एलिजिबल हैं?
ऑटोमैटिक डिडक्शन मुख्य रूप से सेविंग्स टाइप अकाउंट पर लागू होता है. इनमें सेविंग्स अकाउंट, प्रॉफिट एंड लॉस शेयरिंग अकाउंट और इसी तरह के डिपॉजिट अकाउंट शामिल हैं जहां पैसे पर रिटर्न मिलता है. यह सिस्टम यह पक्का करने के लिए डिजाइन किया गया है कि जकात रोजाना के ट्रांजैक्शंस फंड के बजाय सरप्लस पैसे से इकट्ठा की जाए. यह डिडक्शन सिर्फ रमजान के पहले दिन होता है.
किसके अकाउंट पर डिडक्शन नहीं होगा?
करंट अकाउंट से जकात ऑटोमेटिक रूप से नहीं कटती क्योंकि इन्हें सेविंग इंस्ट्रूमेंट के बजाय ट्रांजैक्शंस अकाउंट माना जाता है. इसी तरह अगर अकाउंट बैलेंस की निसाब लिमिट से कम है तो कोई डिडक्शन नहीं होता.
गैर मुस्लिम अकाउंट होल्डर को जकात डिडक्शन से छूट है. लेकिन ऑटोमेटिक कटौती से बचने के लिए उन्हें अपने धार्मिक स्टेटस को कंफर्म करने वाला डॉक्यूमेंट या डिक्लेरेशन देना पड़ सकता है. इसके अलावा जो लोग अपनी जकात पेमेंट खुद मैनेज करना चाहते हैं वे सरकारी कटौती सिस्टम से बाहर निकाल सकते हैं. अपने बैंक में सीजेड-50 एग्जेम्प्शन फॉर्म जमा करके अकाउंट होल्डर ऑटोमेटिक कटौती से बच सकते हैं. यह ऑप्शन आमतौर पर कुछ इस्लामिक सोच के लोग इस्तेमाल करते हैं.
पाकिस्तान में यह सिस्टम क्यों?
पाकिस्तान उन कुछ देशों में से एक है जहां पर जकात कलेक्शन को राज्य लेवल पर इंस्टीट्यूशनल बनाया गया है. यह सिस्टम गरीबों और जरूरतमंदों के साथ योग्य बेनिफिशियरी को पैसे का ऑर्गेनाइज्ड रीडिस्ट्रिब्यूशन पक्का करने के लिए शुरू किया गया था. हालांकि दुनिया भर में कई मुसलमान निजी तौर पर जकात कैलकुलेट और बांटते हैं. लेकिन पाकिस्तान का सिस्टम योग्य बैंक डिपॉजिट की प्रक्रिया को ऑटोमेटेड करता है.
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Source: IOCL



























