एक्सप्लोरर

किस देश के पास है सबसे ताकतवर रॉकेट, किस नंबर पर आते हैं भारत और जापान?

दुनिया में कई देश अपनी मजबूत सैन्य शक्ति के लिए जाने जाते हैं जिसमें अमेरिका चीन रूस का नाम शामिल है. लेकिन आज हम आपको बताएंगे ताकतवर रॉकेट के बारे में. चलिए जानें किस देश के पास है सबसे ताकतवर रॉकेट.

अंतरिक्ष अनुसंधान और रॉकेट प्रौद्योगिकी में तेजी से प्रगति हो रही है और कई देश अपने शक्तिशाली रॉकेट्स के जरिए अंतरिक्ष में अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं. लेकिन सवाल यह है कि दुनिया का सबसे ताकतवर रॉकेट किस देश के पास है? चलिए जानते हैं कि वर्तमान में सबसे ताकतवर रॉकेट किस देश के पास है. भारत और जापान किस नंबर पर आते हैं.

ये है दुनिया का सबसे ताकतवर रॉकेट

वर्तमान में सबसे ताकतवर रॉकेट का खिताब अमेरिका के पास है. दरअसल एलन मस्क की प्राइवेट स्पेस कंपनी स्पेसएक्स ने एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया है मस्क ने बुधवार को अपने सबसे ताकतवर रॉकेट स्टारशिप का 10वां टेस्ट लॉन्च सफलतापूर्वक पूरा कर दिया है. स्पेसएक्स का लक्ष्य है इसके जरिए धरती पर प्वाइंट-टू-प्वाइंट तेज यात्रा की जाए. आर्टेमिस प्रोग्राम के तहत चांद पर इंसानी मिशन भेजा जाए. वहीं भविष्य में मंगल ग्रह पर इंसानों को भेजने के लिए भी इस रॉकेट की कामयाबी और लागातर टेस्टिंग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

भारत का ताकतवर रॉकेट

भारत की बात की जाए तो भारत की अंतरिक्ष एजेंसी ISRO ने पिछले कुछ दशकों में उल्लेखनीय प्रगति की है. भारत का सबसे ताकतवर रॉकेट जीएसएलवी मार्क III (LVM-3) है, जो भारी पेलोड को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित करने में सक्षम है. इस रॉकेट ने चंद्रयान-3 और आदित्य-L1 जैसे महत्वपूर्ण मिशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है. वैश्विक स्तर पर, भारत का यह रॉकेट ताकतवर तो है लेकिन यह अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों के रॉकेट्स की तुलना में कम क्षमता वाला है. भारत इस सूची में पांचवें से सातवें स्थान के बीच आता है.

जापान के पास कौन सा रॉकेट

जापान की बात करें तो जापान की अंतरिक्ष एजेंसी जाक्सा (JAXA) का H3 रॉकेट इसका सबसे उन्नत रॉकेट है. यह रॉकेट 6.5 मीट्रिक टन तक का पेलोड GTO में ले जा सकता है. भविष्य में यह भारी सैटेलाइट को अंतरिक्ष में ले जा सकेगा. जापान ने हाल के वर्षों में अपनी अंतरिक्ष तकनीक को मजबूत किया है, लेकिन भारत के जीएसएलवी मार्क III की तुलना में H3 की क्षमता थोड़ी कम है. वैश्विक रैंकिंग में जापान का H3 रॉकेट भारत के LVM3 के करीब है, लेकिन भारत की तुलना में थोड़ा पीछे, यानी सातवें से नौवें स्थान के बीच आता है.

इसे भी पढ़ें-पीएम मोदी-नेहरू और इंदिरा गांधी सबसे ज्यादा वक्त तक रहे पीएम, जानें किसने सबसे ज्यादा किए विदेश दौरे?

About the author नेहा सिंह

नेहा सिंह बीते 6 साल से डिजिटल मीडिया की दुनिया से जुड़ी हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद से ताल्लुक रखती हैं. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद हैदराबाद स्थित ईटीवी भारत से साल 2019 में अपने करियर की शुरुआत की. यहां पर दो साल तक बतौर कंटेट एडिटर के पद पर काम किया इस दौरान उन्हें एंकरिंग का भी मौका मिला जिसमें उन्होंने बेहतरीन काम किया.

फिर देश की राजधानी दिल्ली का रुख किया, यहां प्रतिष्ठित चैनलों में काम कर कलम को धार दी. पहले इंडिया अहेड के साथ जुड़ीं और कंटेंट के साथ-साथ वीडियो सेक्शन में काम किया. 

इसके बाद नेहा ने मेनस्ट्रीम चैनल जी न्यूज में मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के पद पर अपनी सेवाएं दीं. जी न्यूज में रहते हुए नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों पर एक्सप्लेनर वीडियो क्रिएट किए.

इसी बीच प्रयागराज महाकुंभ के दौरान कुलवृक्ष संस्थान से जुड़कर महाकुंभ भी कवर किया, साधु-संतों का इंटरव्यू किया. लोगों से बातचीत करके उनके कुंभ के अनुभव और समस्याओं को जाना.

वर्तमान में नेहा एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां पर नॉलेज सेक्शन में ऐसी खबरों को एक्सप्लेन करती हैं, जिनके बारे में आम पाठक को रुचि होती है.

Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान कैसे हावी, बाकी खाड़ी देश क्यों नहीं दिखा पाते ताकत?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान कैसे हावी, बाकी खाड़ी देश क्यों नहीं दिखा पाते ताकत?
मिस्र की कितनी है आबादी, यहां कितने शिया और सुन्नी मुसलमान?
मिस्र की कितनी है आबादी, यहां कितने शिया और सुन्नी मुसलमान?
शिया मुस्लिम और सुन्नी मुस्लिम में क्या अंतर, दोनों एक-दूसरे को क्यों मानते हैं दुश्मन?
शिया मुस्लिम और सुन्नी मुस्लिम में क्या अंतर, दोनों एक-दूसरे को क्यों मानते हैं दुश्मन?
Earthquake In Iran: परमाणु परीक्षण करने पर कितनी तीव्रता का आता है भूकंप, कितना खतरनाक होता है यह?
परमाणु परीक्षण करने पर कितनी तीव्रता का आता है भूकंप, कितना खतरनाक होता है यह?

वीडियोज

Vasudha: 😧Hanumant का License जब्त गाड़ी और नौकरी दोनों गए हाथ से, अब क्या करेगी Vasudha?
Israel Iran War: खामेनेई की मौत से जल उठा Pakistan ! | Khamenei | Trump । Iraq Protest | Breaking
Israel Iran War: Beirut में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली सेना का बड़ा हमला| Netanyahu | Trump
Israel Iran War: Khamenei को इजरायली फोर्स IDF ने बताया आतंकी | Netanyahu | Trump
Israel Iran War: B2 बॉम्बर की एंट्री..तबाह हो जाएगा ईरान! | Khamenei | Trump | Netanyahu | Breaking

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
बीजेपी ने जारी की 9 उम्मीदवारों की लिस्ट, नितिन नवीन और राहुल सिन्हा जाएंगे राज्यसभा, देखें और कौन-कौन शामिल
BJP ने जारी की 9 उम्मीदवारों की लिस्ट, नितिन नवीन और राहुल सिन्हा जाएंगे राज्यसभा, देखें लिस्ट
फांसी घर विवाद: 6 मार्च को उपस्थित होंगे अरविंद केजरीवाल, कार्यवाही की Live स्ट्रीमिंग की मांग
फांसी घर विवाद: 6 मार्च को उपस्थित होंगे अरविंद केजरीवाल, कार्यवाही की Live स्ट्रीमिंग की मांग
जंग के बीच UAE में फंसे भारतीयों के लिए इंडिया ने जारी की एडवाइजरी, जानें दूतावास ने आखिर क्या कहा?
जंग के बीच UAE में फंसे भारतीयों के लिए इंडिया ने जारी की एडवाइजरी, जानें दूतावास ने आखिर क्या कहा?
Holi 2026: शबाना आजमी-जावेद अख्तर की होली पार्टी में सितारों की मस्ती, उर्मिला मातोंडकर से लेकर मौनी रॉय तक आईं नजर
शबाना आजमी-जावेद अख्तर की होली पार्टी में सितारों की मस्ती, उर्मिला मातोंडकर से लेकर मौनी रॉय तक आईं नजर
‘कम से कम दो साल के लिए टीम से बाहर होने चाहिए', शाहिद अफरीदी ने किस पाकिस्तानी खिलाड़ी को लेकर दिया बयान
‘कम से कम दो साल के लिए टीम से बाहर होने चाहिए', शाहिद अफरीदी ने किस पाकिस्तानी खिलाड़ी को लेकर दिया बयान
'अब इजरायल को अपना माई-बाप मान लें, नेतन्याहू ही...', PAK एक्सपर्ट को मुस्लिम देशों से क्यों करनी पड़ी ये अपील?
'अब इजरायल को अपना माई-बाप मान लें, नेतन्याहू ही...', PAK एक्सपर्ट को मुस्लिम देशों से क्यों करनी पड़ी ये अपील?
होली पार्टी में दीदी का डांस वायरल, कटीली अदाओं से घायल हो गया इंटरनेट; देखें वीडियो
होली पार्टी में दीदी का डांस वायरल, कटीली अदाओं से घायल हो गया इंटरनेट; देखें वीडियो
Signs Of Dehydration: प्यास लगने का इंतजार करना पड़ सकता है भारी! शरीर दे रहा है ये 'खामोश' संकेत
प्यास लगने का इंतजार करना पड़ सकता है भारी! शरीर दे रहा है ये 'खामोश' संकेत
Embed widget