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Working Hours: इस देश में हैं कर्मचारियों के सबसे ज्यादा ऑफिस आवर्स, जानें भारत किस पायदान पर?

Working Hours: भारत उन देश में शामिल है जहां पर काफी ज्यादा वर्किंग आवर्स हैं. आइए जानते हैं कि यहां एक व्यक्ति हर हफ्ते कितने घंटे काम करता है.

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  • भूटान में सबसे अधिक, 54.5 घंटे प्रति सप्ताह काम होता है।
  • भारत 15वें स्थान पर, प्रति सप्ताह 45.8 घंटे काम करता है।
  • भारतीय कर्मचारी विकसित देशों से अधिक काम करते हैं।
  • 51% भारतीय 49 घंटे से अधिक काम करते हैं।

Working Hours: इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन के हालिया डेटा के मुताबिक दुनिया भर में काम के घंटे काफी अलग-अलग होते हैं. कुछ देश अपने कर्मचारियों से वैश्विक औसत से कहीं ज्यादा काम करवा रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि जहां भारत को अक्सर एक मेहनती देश माना जाता है, वहीं यह इस सूची में सबसे ऊपर नहीं है.  इसके बावजूद भी भारतीय कर्मचारी कई विकसित अर्थव्यवस्थाओं के कर्मचारियों की तुलना में काफी ज्यादा घंटे काम करते हैं. 

सबसे ज्यादा काम के घंटों की सूची में कौन आगे?

दुनिया भर में सबसे ज्यादा काम के घंटों वाला देश भूटान है. यहां कर्मचारी औसतन हर हफ्ते 54.5 घंटे काम करते हैं. यह वैश्विक मानक से कहीं ज्यादा है. भूटान के बाद सूडान 50.8 घंटे के साथ दूसरे नंबर पर और लेसोथो 50.02 घंटे के साथ तीसरे स्थान पर आते हैं. यहां ज्यादा मेहनत वाले काम और आर्थिक हालात की वजह से काम के हफ्ते लंबे होते हैं. 

भारत की वैश्विक रैंक

सबसे ज्यादा काम के घंटे के मामले में भारत दुनिया भर में 15वें स्थान पर आता है. औसतन एक भारतीय कर्मचारी हर हफ्ते लगभग 45.8 घंटे काम करता है. हालांकि इससे भारत शीर्ष 10 में शामिल नहीं होता, लेकिन इसके बावजूद भी यह काम के भारी बोझ को दिखाता है. 

भारतीय विकसित देशों के लोगों से ज्यादा काम करते हैं 

संयुक्त राज्य अमेरिका 38 घंटे, यूनाइटेड किंगडम 35.9 घंटे और जापान 36.6 घंटे के साथ ये देश भारतीयों की तुलना में हर हफ्ते काफी कम घंटे काम करते हैं. यह विकासशील और विकसित अर्थव्यवस्थाओं के बीच का एक बड़ा फर्क दिखाता है. विकसित अर्थव्यवस्था में काम और निजी जिंदगी के बीच बेहतर संतुलन होता है.

भारत में ज्यादा काम एक बड़ी चिंता 

एक चौंकाने वाला आंकड़ा यह है कि लगभग 51% भारतीय कर्मचारी हर हफ्ते 49 घंटे से ज्यादा काम करते हैं. अंतर्राष्ट्रीय मानकों के मुताबिक यह काफी ज्यादा काम के घंटों की श्रेणी में आता है. 

काम के घंटे में लैंगिक अंतर 

भारत के कार्यबल में लैंगिक असमानता भी साफ तौर पर देखी जा सकती है. पुरुष औसतन हर हफ्ते 49.8 घंटे काम करते हैं और महिलाएं लगभग 35.9 घंटे काम करती हैं. इस अंतर के पीछे कई वजह हैं.  कार्यबल में भागीदारी की दर और सामाजिक जिम्मेदारियां इन्हीं वजहों में शामिल हैं.

यह भी पढ़ें: दूसरे दल से बीजेपी में आए कितने लोग अब तक बन चुके हैं मुख्यमंत्री? चौंका देंगे ये नाम

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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