भारत में सबसे पहले कहां खुला था ट्रेन के इंजन बनाने का कारखाना, इसने कितने दिन दी थी सर्विस?
First Train Engine Factory: काफी कम लोग जानते हैं कि भारत में ट्रेन इंजन बनाने और मरम्मत करने वाली पहली फैक्ट्री कहां स्थापित की गई थी. आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.

- आज भी यह वर्कशॉप आधुनिक रेलवे उपकरणों का निर्माण करती है।
First Train Engine Factory: आज भारत का रेलवे नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्कों में से एक है. लेकिन काफी कम लोग जानते हैं कि देश की पहली ट्रेन इंजन बनाने और मरम्मत करने वाली फैक्ट्री कहां स्थापित की गई थी. यह ऐतिहासिक गौरव बिहार के मुंगेर जिले के जमालपुर में स्थित जमालपुर लोकोमोटिव वर्कशॉप को प्राप्त है. ब्रिटिश शासन के दौरान 8 फरवरी 1862 को स्थापित यह वर्कशॉप 164 सालों से भी ज्यादा समय से लगातार काम कर रही है. आज भी यह सुविधा भारतीय रेलवे के तहत काम कर रही है और पूरी एशिया में सबसे पुरानी कार्यरत रेलवे वर्कशॉप मानी जाती है.
जमालपुर वर्कशॉप की स्थापना
जमालपुर लोकोमोटिव वर्कशॉप की स्थापना औपनिवेशिक काल के दौरान ईस्ट इंडियन रेलवे द्वारा की गई थी. शुरुआत में वर्कशॉप का मुख्य ध्यान ब्रिटिश भारत में फैलते रेलवे नेटवर्क द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले रेलवे इंजनों की मरम्मत और उन्हें जोड़ने पर था. समय के साथ इस सुविधा ने एडवांस्ड इंजीनियरिंग क्षमताएं विकसित की और इस क्षेत्र की सबसे जरूरी रेलवे वर्कशॉप में से एक बन गई.
भारत का पहला स्वदेशी भाप इंजन
हालांकि वर्कशॉप ने शुरुआत में मरम्मत पर ध्यान लगाया था लेकिन बाद में इसने लोकोमोटिव निर्माण के क्षेत्र में भी कदम रखा. 1899 में इस सुविधा ने भारत का पहला स्वदेशी रूप से निर्मित भाप लोकोमोटिव तैयार किया. इसे "सीए 764 लेडी कर्जन" के नाम से जाना जाता है. यह देश के रेलवे इंजीनियरिंग इतिहास में एक प्रमुख मील का पत्थर साबित हुआ. ऐसा इसलिए क्योंकि इसने यह साबित कर दिया कि लोकोमोटिव का निर्माण भारत के अंदर ही किया जा सकता है. 1899 और 1923 के बीच जमालपुर वर्कशॉप में कुल 216 भाप इंजन का निर्माण किया.
समय के साथ आगे बढ़ी वर्कशॉप
जैसे-जैसे भारतीय रेलवे से भाप के इंजन धीरे-धीरे गायब होते गए कई पुरानी सुविधाओं का महत्व कम होता गया. हालांकि जमालपुर वर्कशॉप ने बंद होने के बजाय सफलतापूर्वक खुद को नए सिरे से ढाला. आज यह वर्कशॉप रेलवे वैगनों के निर्माण, भारी रेलवे उपकरणों की मरम्मत और भारतीय रेलवे द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली खास ब्रेकडाउन क्रेन और टावर कारों के निर्माण के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करती है.
रेलवे इतिहास में अजमेर वर्कशॉप का भी एक जरूरी स्थान
भारतीय रेलवे निर्माण इतिहास में एक और जरूरी मील का पत्थर राजस्थान की अजमेर वर्कशॉप से आया. 1895 में भारत में पूरी तरह से बना पहला स्टीम लोकोमोटिव इसी वर्कशॉप में बनाया गया था. इसका नाम f-734 था. यह लोकोमोटिव लगभग 63 साल तक सेवा में रहा. इसके बाद इसे 1958 में रिटायर कर दिया गया.
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Source: IOCL


























