भारत में कहां सबसे सस्ती और महंगी शराब? एक बोतल पर कितना अंतर
Liquor Prices India: भारत में शराब की कीमत अलग-अलग राज्यों में काफी अलग-अलग होती है. आइए जानते हैं कि आखिर कीमतों में यह बदलाव क्यों होता है.

- भारतीय राज्यों में शराब की कीमतें काफी भिन्न होती हैं।
- गोवा में कम उत्पाद शुल्क के कारण शराब सबसे सस्ती है।
- कर्नाटक में उच्च करों से शराब सबसे महंगी हो जाती है।
- यह अंतर शराब के जीएसटी से बाहर होने के कारण है।
Liquor Prices India: भारत में शराब की कीमत एक राज्य से दूसरे राज्य में काफी अलग-अलग हो सकती है. एक ही ब्रांड और बोतल की कीमत इस बात पर निर्भर होती है कि उसे कहां खरीदा जा रहा है. भारतीय राज्यों में गोवा अपनी सस्ती शराब के लिए जाना जाता है. लेकिन कर्नाटक में कीमत सबसे ज्यादा हैं.
कुछ ब्रांड के लिए यह अंतर प्रति बोतल काफी ज्यादा रुपये का हो सकता है. इसी के साथ प्रीमियम और लग्जरी ब्रांड के मामलों में कीमत का अंतर हजारों रुपये तक हो सकता है.
गोवा में शराब सबसे सस्ती मिलती है
गोवा शराब की कम कीमतों के लिए मशहूर है. इसकी एक मुख्य वजह शराब पर कम टैक्स है, जो राज्य के टूरिज्म ओरिएंटेड मार्केट से भी जुड़ा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक गोवा में लगभग ₹100 की सामान्य बजट शराब की बोतल दिल्ली मैं लगभग ₹134 की हो सकती है. कर्नाटक में उसी बोतल की कीमत ₹513 तक हो सकती है.
इसका मतलब है कि गोवा में ₹100 की बोतल कर्नाटक में ₹400 से ज्यादा महंगी हो सकती है. इस वजह से ब्रांड और कैटेगरी के आधार पर कीमतों में अंतर गोवा की कीमत से कई गुना ज्यादा हो सकता है. हरियाणा और दिल्ली भी उन जगहों में शामिल हैं जहां शराब कई दूसरे राज्यों की तुलना में सस्ती हो सकती है.

कर्नाटक में शराब सबसे महंगी
प्रमुख भारतीय राज्यों में कर्नाटक में शराब की कीमतें सबसे ज्यादा हैं. यह अंतर मुख्य रूप से राज्य के एक्साइज ड्यूटी स्ट्रक्चर से जुड़ा है. कर्नाटक में शराब पर टैक्स लगभग 83% तक है. इसी के साथ गोवा में यह लगभग 49% है. टैक्स में यह बड़ा अंतर सीधे तौर पर ग्राहकों द्वारा चुकाई जाने वाली रिटेल कीमत पर असर डालता है.
कर्नाटक सरकार ने अपनी एक्साइज पॉलिसी में भी बदलाव किया है और शराब में अल्कोहल की मात्रा के आधार पर नया टैक्स स्लैब सिस्टम लागू किया है. बदले हुए स्ट्रक्चर के तहत, कुछ बजट शराब थोड़ी महंगी हो गई. इसी के साथ कुछ प्रीमियम ब्रांड की कीमतों में बदलाव हुआ.
प्रीमियम ब्रांड हजारों रुपये ज्यादा महंगे हो सकते हैं
प्रीमियम और स्कॉच व्हिस्की ब्रांड की तुलना करने पर कीमत का अंतर और भी साफ दिखाई देता है. उदाहरण के लिए जिस शराब की बोतल की कीमत दिल्ली में लगभग ₹3100 है मुंबई में उसकी कीमत लगभग ₹4000 हो सकती है. एक ही प्रोडक्ट के लिए लगभग ₹900 का अंतर होता है.
अल्ट्रा प्रीमियम ब्रांड के मामले में यह अंतर काफी ज्यादा हो सकता है. शराब की बोतल की कीमत अलग-अलग राज्यों में लगभग ₹10,000 से ₹12,000 तक अलग हो सकती है. यह लागू टैक्स और प्राइसिंग स्ट्रक्चर पर निर्भर करता है.

कुछ राज्यों में शराब इतनी महंगी क्यों होती है?
इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि इंसानों के पीने वाली शराब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स के दायरे से बाहर है. इसके बजाय शराब पर टैक्स और एक्साइज ड्यूटी तय करने का काफी हद तक अधिकतर राज्यों के पास होता है.
इस वजह से भारत के राज्यों की अपनी एक्साइज पॉलिसी और टैक्स स्ट्रक्चर होते हैं. क्योंकि ये रेट काफी अलग-अलग होती हैं, इस वजह से एक ही बोतल की रिटेल कीमत अलग-अलग राज्यों में काफी अलग-अलग हो सकती है.
गोवा शराब पर टैक्स कम रखता है. इसकी एक वजह उसकी टूरिज्म इंडस्ट्री को बढ़ावा देना है. दूसरे राज्य ज्यादा ड्यूटी लगाते हैं. इससे ग्राहकों को चुकानी पड़ने वाली फाइनल कीमत बढ़ जाती है.
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महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान
कर्नाटक के अलावा महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में भी शराब काफी महंगी है. हालांकि इसकी सही कीमत ब्रांड शराब की कैटेगरी, बोतल के साइज और राज्य के लागू टैक्स पर निर्भर होती है. इसका मतलब है कि किसी खास शराब ब्रांड की कोई एक देशव्यापी कीमत नहीं होती. इसके बजाय ग्राहकों को राज्य-विशिष्ट प्राइसिंग सिस्टम का सामना करना पड़ता है.
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