'बंद करो, दफा हो जाओ...', प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा, नेहा बोरा का ऐलान- ये आंदोलन नहीं रुकेगा
सीजेपी और आइसा की PC में हंगामा देखने को मिला. यह घटनाक्रम तब हुआ, जब नेहा बोरा प्रेस से बात कर रहीं थी. नेहा ने कहा है कि यह आंदोलन जारी रहेगा. न्याय मांगने वालों को अनसुना किया जा रहा है.

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सड़कों पर उतरे कॉकरोच जनता पार्टी और आइसा की गुरुवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस वक्त हंगामा हुआ, जब आंदोलन के मुख्य चेहरों में से एक नेहा बोरा संबोधित कर रहीं थी. इस दौरान वहां मौजूद लोगों को- बंद करो, दफा हो जाओ- कहते हुए सुना. इसके बाद आयोजकों से नेहा ने हंगामा करने वालों को बाहर निकालने को कहा.
इसके अलावा नेहा ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों के प्रति अपना समर्थन दिया, जिन्हें कथित तौर पर अरेस्ट कर लिया गया. नेहा ने कुछ संस्थानों के रिपोर्टर्स का जिक्र करते हुए कहा कि प्रेस कार्ड होने के बाद भी उन्हें पीटा गया. घंटों तक हिरासत में रखा गया. इसके अलावा बोरा ने कहा कि पत्रकारों से कैमरे छीन लिए गए. उन्हें विरोध प्रदर्शनों की कवरेज न करने की चेतावनी दी गई. इसके अलावा महिला पत्रकारों पर कथित यौन उत्पीड़न का सामना करने को लेकर अपनी बात रखी.
VIDEO | Delhi: Chaos erupts during a press conference addressed by AISA president Neha Bora and CJP founder Abhijeet Dipke at the Press Club of India. https://t.co/DEViKWO6Q8
— Press Trust of India (@PTI_News) October 15, 2026
न्याय मांगने वालों को निशाना बना रहे: नेहा बोरा
बोरा ने कहा कि जब वह महिला पत्रकार शिकायत दर्ज कराने पुलिस के पास गई तो उसी के खिलाफ एक काउंटर एफआईआर दर्ज कर लगी गई. वे कानून व्यवस्था बनाए रखने की बजाय न्याय मांगने वाले नागरिकों को निशाना बना रहे हैं.
इसके अलावा नेहा ने कहा कि देश के कोने-कोने जिंदा हैं. यह लड़ाई भारत के आम और गरीब परिवारों में जिंदा है. देश के अलग-अलग कोनों में फ्रीडम पार्क, दिल्ली के जंतर मंतर, और मुंबई के शिवाजी पार्ट में यह लड़ाई जारी रहेगी.
बांग्लादेश वाले बयान पर घिरीं नेहा बोरा
नेहा बोरा ने एक बयान दिया है. इसमें उन्होंने कहा है कि वह बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलन और भारत में चल रहे जेनजी आंदोलन के बीच समानता देखती हैं.
नेहा ने कहा 'हम आपको अपना लाल सलाम पेश करते हैं. हम जानते हैं कि आज देशभर में जो जेन-जी आंदोलन देखने को मिल रहा है, उसकी शुरुआत सबसे पहले बांग्लादेश में हुई थी. हमें रास्ता दिखाने और हमारे साथ एकजुटता दिखाने के लिए बधाई.'






















