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अमेरिका ने कहां छिपाया है अपना सोना, जानें कितना बड़ा है यह खजाना?

America Gold: अमेरिका के पास सोने का काफी बड़ा भंडार है. आइए जानते हैं कि अमेरिका के पास कितना सोना है और वह उस सोने को कहां पर रखता है. जानें इस बारे में पूरी जानकारी.

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  • कड़े सुरक्षा उपाय, टाइम लॉक अकेले पहुँच को रोकते हैं।

America Gold: अमेरिका के पास दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी गोल्ड रिजर्व है. इसमें कुल 8133.5 मीट्रिक टन सोना है. इस विशाल रिजर्व की कीमत 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा होने का अनुमान है. लेकिन अमेरिका असल में इतना सोना कहां पर रखता है? आम  धारणा के उलट कि देश का सारा सोना एक ही अंडरग्राउंड तिजोरी में छुपा कर रखा जाता है अमेरिकी सरकार अपने रिजर्व को कई बहुत सुरक्षित जगहों पर रखती है.

अमेरिका का सोना कहां रखा जाता है? 

अमेरिकी ट्रेजरी के मुताबिक अमेरिका का सोना सरकारी जगहों पर बंटा हुआ है. इनमें मिंट और न्यूयॉर्क का फेडरल रिजर्व बैंक शामिल है.

कहां रखा है सबसे बड़ा हिस्सा? 

केंटकी के फोर्ट नॉक्स में मौजूद यूनाइटेड स्टेट्स बुलियन डिपॉजिटरी में अमेरिका के सोने का सबसे बड़ा हिस्सा रखा है. देश के कुल गोल्ड रिजर्व का लगभग 56% यानी करीब 4580 टन सोना इसी जगह पर रखा है. यह डिपॉजिटरी अमेरिकी सेना के एक बेस के पास स्थित है. इससे दुनिया की सबसे मशहूर गोल्ड स्टोरेज जगहों में से एक की सुरक्षा और भी मजबूत हो जाती है. 


अमेरिका ने कहां छिपाया है अपना सोना, जानें कितना बड़ा है यह खजाना?

न्यूयॉर्क का फेडरल रिजर्व बैंक 

अमेरिका का लगभग 20% सोना मैनहैट्टन में न्यूयॉर्क के फेडरल रिजर्व बैंक की अंडरग्राउंड तिजोरी में रखा है. न्यूयॉर्क फेड की तिजोरी इस वजह से क्योंकि इसमें सिर्फ अमेरिका का ही सोना नहीं रखा जाता. यहां विदेशी सरकार, सेंट्रल बैंक और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का सोना भी रखा जाता है. यह जगह सड़कों के नीचे गहराई में स्थित है. इस वजह से यह दुनिया की सबसे सुरक्षित गोल्ड स्टोरेज जगहों में से एक बन जाती है.

डेनवर मिंट

अमेरिकी सरकार के गोल्ड रिजर्व का लगभग 16% हिस्सा डेनवर मिंट में रखा है. यह जगह अमेरिकी मिंट सिस्टम का हिस्सा है और देश के कीमती धातु रिजर्व को सुरक्षित रखने के लिए एक और जरूरी जगह है.

वेस्ट पॉइंट मिंट

बाकी बचा हुआ लगभग 8% गोल्ड रिजर्व न्यूयॉर्क की इस मिंट में रखा है.  ये सभी सुरक्षित जगह मिलकर देश के विशाल अधिकारी के गोल्ड स्टॉक को संभालते हैं.

फोर्ट नॉक्स इतना सुरक्षित क्यों माना जाता है?

इस जगह का नाम अब काफी ज्यादा सुरक्षा के साथ जोड़ा जाता है. इस जगह को खास तौर पर चोरी, हमले या फिर बिना इजाजत घुसने से बचाने के लिए बनाया गया था. ऐसा इसलिए ताकि यहां रखी भारी मात्रा में कीमती धातु सुरक्षित रहे. 

इसे बनाने में ग्रेनाइट की मोटी दीवार और बमरोधी छत का इस्तेमाल किया गया है. इसी के साथ इसकी मुख्य तिजोरी के दरवाजे का वजन लगभग 22 टन है. इसकी सुरक्षा सिर्फ इमारत तक ही सीमित नहीं है. जगह की सुरक्षा यूएस मिंट पुलिस करती है. इसी के साथ आसपास का मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर भी और सुरक्षा देता है. 


अमेरिका ने कहां छिपाया है अपना सोना, जानें कितना बड़ा है यह खजाना?

क्या कोई इस तिजोरी को खोल सकता है? 

यहां की तिजोरी के लॉकिंग सिस्टम में टाइम लॉक का इस्तेमाल किया जाता है. इसी के साथ एक्सेस की जानकारी कई अधिकारियों के बीच बंटी होती है. इसका मतलब है कि इस तिजोरी को खोलने का काम किसी एक व्यक्ति के पूरे कंट्रोल में होता ही नहीं. यह व्यवस्था इस वजह से बनाई गई है ताकि कोई एक व्यक्ति अकेले सोने तक ना पहुंच पाए.

अमेरिका का गोल्ड रिजर्व कितना बड़ा है?

अमेरिका के सोने के भंडार का बड़ा आकार तब और भी साफ हो जाता है जब इसकी तुलना सोने के भंडार रखने वाले दूसरे बड़े देशों से की जाती है. अमेरिकी सरकार के पास लगभग 8133.5 टन सोना है. यह जर्मनी के बताए गए 3350.2 टन रिजर्व से दोगुने से भी ज्यादा है. यह भारत सरकार के पास मौजूद सोने से भी कई गुना ज्यादा है. भारत के पास लगभग 880 टन सोना है.

इस सारे सोने की कीमत कितनी है? 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की ऊंची कीमतों को देखते हुए अमेरिकी सरकार के रिजर्व की कीमत एक ट्रिलियन से भी ज्यादा हो सकती है. इसकी सही बाजार कीमत लगातार बदलती रहती है क्योंकि सोने के दाम घटते बढ़ते रहते हैं. इस वजह से सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमत के आधार पर इस भंडार की अनुमानित कीमत बढ़ या फिर घट सकती है.

यह भी पढ़ें: एन चंद्रशेखरन को कितनी सैलरी देता है टाटा ग्रुप, साल में उनकी कितनी कमाई?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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