एक्सप्लोरर

केंद्र और राज्य की सुरक्षा में क्या होता है अंतर, जानें इन्हें कौन ले सकता है वापस

देश में केंद्र और राज्य सरकार दोनों की तरफ से सुरक्षा मुहैया कराई जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि केंद्र और राज्य सरकार की सुरक्षा में क्या अंतर है और किन्हें सुरक्षा दी जाती है.

देश के सभी सर्वोच्च और संवैधानिक पदों पर कार्य करने वाले नेताओं और अफसरों को केंद्र सरकार सुरक्षा प्रदान करती है. वहीं राज्य सरकार सीएम समेत सभी मंत्रियों और अन्य वीवीआई लोगों को सुरक्षा प्रदान करती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि केंद्र और राज्य सरकार की सुरक्षा में क्या अंतर होता है. आज हम आपको उसके बारे में बताएंगे.

किन्हें मिलती है सुरक्षा?

देश में केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार तक जो भी व्यक्ति किसी संवैधानिक पद है, उसे सुरक्षा दी जाती है. इसके अलावा देश के किसी भी क्षेत्र में प्रसिद्धि पाने वाले व्यक्ति को अगर किसी तरह का जान का खतरा होता है, तो उसे सरकार सुरक्षा प्रदान करती है. इतना ही नहीं कई बार अलग-अलग कारणों से वीवीआई व्यक्ति सरकार से सुरक्षा की मांग भी कर सकते हैं. इस स्थिति में सरकार और सुरक्षा एजेंसी उनके खतरे को लेकर रिव्यू करती है, जिसके बाद उन्हें सुरक्षा देती है. 

केंद्र सरकार की सुरक्षा

बता दें कि केंद्र सरकार केंद्रीय स्तर पर सुरक्षा संभालती और मुहैया कराती है. जैसे प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, केंद्रीय मंत्री जैसे संवैधानिक पदों और सरकारी अफसरों को केंद्र सरकार सुरक्षा मुहैया कराती है. इनके अलावा केंद्र सरकार उन लोगों को भी सुरक्षा प्रदान करवाती है, जो अलग-अलग क्षेत्रों में देश और दुनिया में प्रसिद्धि पाए हुए होते हैं और उनकी जान को खतरा होता है. 

केंद्र सरकार के सुरक्षा की कैटगरी

केंद्र सरकार ने सुरक्षा के लिए पांच कैटेगरी बनाई है. इसमें X, Y, Y+, Z और Z+ शामिल है. किसी भी व्यक्ति को सुरक्षा उसके पद और होने वाले खतरे के मुताबिक दिया जाता है. इसके अलावा केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी को अगर किसी भी व्यक्ति के जान को लेकर खतरा महसूस होता है, तो एजेंसी इसकी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजती है. जहां रिव्यू के बाद उस व्यक्ति को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी.

राज्य सरकार की सुरक्षा

राज्य में सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है. बता दें कि संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत पुलिस और सार्वजनिक व्यवस्था राज्य के अंतर्गत आते हैं. नियमों के तहत राज्य में किसी भी व्यक्ति को सिक्योरिटी देने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है. हालांकि किस व्यक्ति को सुरक्षा मिलेगी या नहीं, ये राज्य सरकार तय करती है. 

खतरा होने पर मिलती है सुरक्षा

अगर कोई भी व्यक्ति प्रशासन को बताता है कि उसे आतंकवाद, माफिया या गैंगस्टर्स किसी से भी जान का खतरा है, तो उस व्यक्ति के मामले की जांच के बाद राज्य सरकार सुरक्षा मुहैया कराती है. इतना ही नहीं खतरे के आकलन के आधार पर ही सिक्योरिटी हासिल व्यक्ति की सुरक्षा को बढ़ाया जाता है, कम किया जाता है या वापस भी लिया जाता है. बता दें कि ये काम सिक्योरिटी एक्सपर्ट की दो कमेटियां करती हैं. इसके अलावा राज्य सरकारें केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ भी सिक्योरिटी कवर व्यक्तियों की सुरक्षा को लेकर तालमेल रखती हैं.

ये भी पढ़ें:वर्कलोड से सबसे ज्यादा परेशान हैं इन देशों के लोग, भारत की रैंकिंग जानकर उड़ जाएंगे होश

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

अमेरिका के इन सेक्टरों में विदेशियों का दबदबा, जानें कहां-कितने भारतीय?
अमेरिका के इन सेक्टरों में विदेशियों का दबदबा, जानें कहां-कितने भारतीय?
फ्लाइट में कब फट जाता है पावर बैंक, जानें क्यों होता है ऐसा?
फ्लाइट में कब फट जाता है पावर बैंक, जानें क्यों होता है ऐसा?
साल 2100 में कैसे खत्म हो जाएगी दुनिया, AI के अलावा कौन बनेगा खतरा?
साल 2100 में कैसे खत्म हो जाएगी दुनिया, AI के अलावा कौन बनेगा खतरा?
1 साल शांति की शर्त तोड़ दें दीपके-रांका और सौरव तो क्या होगा? जानें नियम
1 साल शांति की शर्त तोड़ दें दीपके-रांका और सौरव तो क्या होगा? जानें नियम

वीडियोज

सगाई के बाद... किडनैपिंग का प्लान !
विपक्षी मार्च..'शिव बारात' या 'अराजक जमात'?
Gyanesh Kumar के खिलाफ Rahul Gandhi अब क्या करेंगे?
CEC पर बवाल...अब सुप्रीम कोर्ट ही करेगा समाधान?
Gyanesh Kumar के खिलाफ Rahul Gandhi का 'तांडव'!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
जेलेंस्की ने मांगा 60 दिन का युद्धविराम, रूस बोला- चुनाव के दिन ही रोकेंगे हमले
जेलेंस्की ने मांगा 60 दिन का युद्धविराम, रूस बोला- चुनाव के दिन ही रोकेंगे हमले
जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट से हटाने पर AIMIM नेता वारिस पठान बोले, 'डर और...'
जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट से हटाने पर AIMIM नेता वारिस पठान बोले, 'डर और...'
CJI पर पोस्ट करने वाले व्यक्ति को हटाया, आलोचना के बाद कांग्रेस पार्टी का एक्शन
CJI पर पोस्ट करने वाले व्यक्ति को हटाया, आलोचना के बाद कांग्रेस पार्टी का एक्शन
जमानत पर रिहा होकर जड़ा शतक, मैदान पर निकले आंसू; अभिषेक पोरेल ने सुनाई जेल की कहानी
जमानत पर रिहा होकर जड़ा शतक, मैदान पर निकले आंसू; अभिषेक पोरेल ने सुनाई जेल की कहानी
नुसरत भरूचा की हुई रीढ़ की हड्डी की सर्जरी, हॉस्पिटल में नर्स खिला रहीं खाना, एक्ट्रेस ने दिखाया हाल
नुसरत भरूचा की हुई रीढ़ की हड्डी की सर्जरी, हॉस्पिटल में नर्स खिला रहीं खाना, एक्ट्रेस ने दिखाया हाल
प्रदर्शन के बीच MHA का फैसला, दिल्ली में 20 हजार पैरामिलिट्री जवानों की तैनाती
प्रदर्शन के बीच MHA का फैसला, दिल्ली में 20 हजार पैरामिलिट्री जवानों की तैनाती
'उन करोड़ों लोगों का धन्यवाद जिन्होंने...', इंडिया गठबंधन मार्च के बाद राहुल का बयान
'उन करोड़ों लोगों का धन्यवाद जिन्होंने...', इंडिया गठबंधन मार्च के बाद राहुल का बयान
राहुल गांधी के साथ किन नेताओं ने SC में लगाई याचिका? ज्ञानेश कुमार के साथ 4 को बनाया पार्टी
राहुल गांधी के साथ किन नेताओं ने SC में लगाई याचिका? ज्ञानेश कुमार के साथ 4 को बनाया पार्टी
Embed widget